{"_id":"67703bf8898643340c002d4e","slug":"picu-full-pressure-of-patients-in-children-ward-also-basti-news-c-207-1-bst1001-129513-2024-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: पीआईसीयू फुल, चिल्ड्रेन वार्ड में भी मरीजों का दबाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: पीआईसीयू फुल, चिल्ड्रेन वार्ड में भी मरीजों का दबाव
Sat, 28 Dec 2024 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 28 Dec 2024 11:27 PM IST
विज्ञापन
चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती मरीज।
निमोनिया व वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं मासूम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच बच्चे निमोनिया और वायरल फीवर ( सर्दी, जुकाम, बुखार ) की चपेट में आ रहे है। इन दिनों जिला अस्पताल की 15 बेड की पीआईसीयू फुल चल रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में भी भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक के मुताबिक, 100 से 125 की ओपीडी में रोज 20 से 30 बच्चे निमोनिया से पीड़ित और 40 से 50 बच्चे वायरल फीवर से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक गंभीर मरीजों को भर्ती कर रहे हैं। जबकि सामान्य मरीजों को दवा देने के साथ ठंड से बचाव के सलाह दिए जा रहे हैं।
ठंड की वजह से मौसम का तापमान गिर रहा है। ऐसे में बच्चे बीमार हो रहे है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह के मुताबिक, बच्चे कम प्रतिरोधक क्षमता होने के कारण बदल रहे मौसम में निमोनिया और वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। आम दिनों में 75 से 80 तक रहने वाली बच्चों की ओपीडी इन दिनों 100-125 तक पहुंच रही है।
चिकित्सक के पास बच्चों के सांस फूलने, सीने में जकड़न और सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण से पीड़ित पहुंच रहे है। शनिवार को अस्पताल का 15 बेड का पीआईसीयू फुल नजर आया। जबकि 25 बेड के चिल्ड्रेन वार्ड में भी मरीजों का दबाव नजर आया। 16 दिसंबर को निमोनिया से पीड़ित 16 बच्चे भर्ती किए गए। शनिवार को दोपहर तक छह मरीज भर्ती किए गए।
विज्ञापन
..
निमोनिया व वायरल फीवर के भर्ती मरीज
23 दिसंबर 5
24 दिसंबर 6
25 दिसंबर 11
26 दिसंबर 16
27 दिसंबर 5
28 दिसंबर 6
जिला अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार
..
सतर्क रहकर करें बचाव
बच्चों को गरम वस्त्र पहनाकर रखें।
ठंढा पानी न पिलाएं।
ठंडे खाद्य पदार्थ बच्चों को खिलाने से बचें।
जरूरी होने पर ही नहलाएं।
...
कोट
हल्का वजन और कम प्रतिरोधक क्षमता के कारण बच्चे जल्दी रोगों की चपेट में आ जाते है। निमोनिया और विशेष कर सर्दी, जुकाम, बुखार ( वायरल फीवर) से पीड़ित अधिक बच्चे इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। जांच कर दवा देने के साथ बच्चों को ठंड से बचाने की सलाह दी जा रही है।
- डॉ. नरेश अग्रावाल, बाल रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच बच्चे निमोनिया और वायरल फीवर ( सर्दी, जुकाम, बुखार ) की चपेट में आ रहे है। इन दिनों जिला अस्पताल की 15 बेड की पीआईसीयू फुल चल रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में भी भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक के मुताबिक, 100 से 125 की ओपीडी में रोज 20 से 30 बच्चे निमोनिया से पीड़ित और 40 से 50 बच्चे वायरल फीवर से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक गंभीर मरीजों को भर्ती कर रहे हैं। जबकि सामान्य मरीजों को दवा देने के साथ ठंड से बचाव के सलाह दिए जा रहे हैं।
ठंड की वजह से मौसम का तापमान गिर रहा है। ऐसे में बच्चे बीमार हो रहे है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह के मुताबिक, बच्चे कम प्रतिरोधक क्षमता होने के कारण बदल रहे मौसम में निमोनिया और वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। आम दिनों में 75 से 80 तक रहने वाली बच्चों की ओपीडी इन दिनों 100-125 तक पहुंच रही है।
विज्ञापन
चिकित्सक के पास बच्चों के सांस फूलने, सीने में जकड़न और सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण से पीड़ित पहुंच रहे है। शनिवार को अस्पताल का 15 बेड का पीआईसीयू फुल नजर आया। जबकि 25 बेड के चिल्ड्रेन वार्ड में भी मरीजों का दबाव नजर आया। 16 दिसंबर को निमोनिया से पीड़ित 16 बच्चे भर्ती किए गए। शनिवार को दोपहर तक छह मरीज भर्ती किए गए।
विज्ञापन
..
निमोनिया व वायरल फीवर के भर्ती मरीज
23 दिसंबर 5
24 दिसंबर 6
25 दिसंबर 11
26 दिसंबर 16
27 दिसंबर 5
28 दिसंबर 6
जिला अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार
..
सतर्क रहकर करें बचाव
बच्चों को गरम वस्त्र पहनाकर रखें।
ठंढा पानी न पिलाएं।
ठंडे खाद्य पदार्थ बच्चों को खिलाने से बचें।
जरूरी होने पर ही नहलाएं।
...
कोट
हल्का वजन और कम प्रतिरोधक क्षमता के कारण बच्चे जल्दी रोगों की चपेट में आ जाते है। निमोनिया और विशेष कर सर्दी, जुकाम, बुखार ( वायरल फीवर) से पीड़ित अधिक बच्चे इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। जांच कर दवा देने के साथ बच्चों को ठंड से बचाने की सलाह दी जा रही है।
- डॉ. नरेश अग्रावाल, बाल रोग विशेषज्ञ