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पात्र होने के बाद भी चैतूराम को नहीं नसीब हो रही छत
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पात्र चैतूराम को ‘सिस्टम’ ने छला, नहीं मिला आवास
सूची में पात्र होने के बाद भी कट गया नाम, छप्पर में रहना मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
भानपुर। पात्रता सूची में नाम होने के बाद रामनगर ब्लॉक के तेनुआ असनहरा निवासी चैतूराम को अब तक पक्की छत नसीब नहीं हुई। वह तहसील का चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
रामनगर ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास सूची में नाम होने और अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पात्र पाए जाने के बाद भी तेनुआ असनहरा निवासी चैतूराम का नाम आवास सूची से कट गया। अब वह आवास पाने के लिए दो वर्ष से ब्लॉक से लेकर तहसील तक का चक्कर लगा रहे हैं। कई बार जिले के अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पात्र होने के बाद भी नाम कट जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई तो ब्लॉक कार्यालय के जिम्मेदारों ने 19 नवंबर 2020 में रिपोर्ट लगा दी कि चैतूराम का नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में 13 दिसंबर में क्रम संख्या 14 पर अंकित था, जो वर्तमान में नहीं हैं। ऐसा क्यों हुआ, कारण नहीं बताया गया। ग्राम पंचायत सचिव की ओर से बताया गया कि चैतूराम का नाम प्रधानमंत्री आवास प्लस में था, लेकिन सिस्टम में योग्यता के अंतर्गत नहीं आने के कारण स्वत: कट गया है। ग्राम पंचायत सचिव तीरथ प्रसाद कहते है कि चैतूराम का नाम चूंकि सिस्टम से ही रिजेक्ट हुआ है। जब तक नाम दोबारा फीड नहीं हो जाता, तब तक आवास का लाभ दे पाना संभव नहीं है। बताया कि वर्तमान सूची के लाभार्थियों का आवास पूर्ण हो जाने पर ही नई सूची बनेगी। इस बाबत बीडीओ रामनगर मंजू त्रिवेदी ने बताया कि जैसे ही आवास प्लस की साइट खुलती है। उनका नाम जोड़ दिया जाएगा। यदि वह मनरेगा में श्रमिक के तौर पर कार्य करना चाहते हैं तो आवेदन कर दें और अपने परिवार की महिला को समूह में भी जुड़वा सकते हैं।
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सूची में पात्र होने के बाद भी कट गया नाम, छप्पर में रहना मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
भानपुर। पात्रता सूची में नाम होने के बाद रामनगर ब्लॉक के तेनुआ असनहरा निवासी चैतूराम को अब तक पक्की छत नसीब नहीं हुई। वह तहसील का चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
रामनगर ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास सूची में नाम होने और अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पात्र पाए जाने के बाद भी तेनुआ असनहरा निवासी चैतूराम का नाम आवास सूची से कट गया। अब वह आवास पाने के लिए दो वर्ष से ब्लॉक से लेकर तहसील तक का चक्कर लगा रहे हैं। कई बार जिले के अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पात्र होने के बाद भी नाम कट जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई तो ब्लॉक कार्यालय के जिम्मेदारों ने 19 नवंबर 2020 में रिपोर्ट लगा दी कि चैतूराम का नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में 13 दिसंबर में क्रम संख्या 14 पर अंकित था, जो वर्तमान में नहीं हैं। ऐसा क्यों हुआ, कारण नहीं बताया गया। ग्राम पंचायत सचिव की ओर से बताया गया कि चैतूराम का नाम प्रधानमंत्री आवास प्लस में था, लेकिन सिस्टम में योग्यता के अंतर्गत नहीं आने के कारण स्वत: कट गया है। ग्राम पंचायत सचिव तीरथ प्रसाद कहते है कि चैतूराम का नाम चूंकि सिस्टम से ही रिजेक्ट हुआ है। जब तक नाम दोबारा फीड नहीं हो जाता, तब तक आवास का लाभ दे पाना संभव नहीं है। बताया कि वर्तमान सूची के लाभार्थियों का आवास पूर्ण हो जाने पर ही नई सूची बनेगी। इस बाबत बीडीओ रामनगर मंजू त्रिवेदी ने बताया कि जैसे ही आवास प्लस की साइट खुलती है। उनका नाम जोड़ दिया जाएगा। यदि वह मनरेगा में श्रमिक के तौर पर कार्य करना चाहते हैं तो आवेदन कर दें और अपने परिवार की महिला को समूह में भी जुड़वा सकते हैं।
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