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पैथी कोई भी हो, समर्पण का विशेष महत्व
अमर उजाला बस्ती
Updated Fri, 28 Oct 2016 11:29 PM IST
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गोष्ठी का आयोजन।
- फोटो : अमर उजाला
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सीएमओ डॉ.जेपी. सिंह ने कहा कि पैथी कोई हो चिकित्सक का अनुभव, समर्पण और उत्तर दायित्व विशेष महत्व रखता है। धन्वन्तरि ने चिकित्सा विज्ञान को जो आयाम दिए आयुर्वेद उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। वह धन्वन्तरि जयंती पर पटेल एसएमएच. हास्पिटल एण्ड आयुष पैरा मेडिकल कॉलेज गोटवा में आयोजित कार्यक्रम बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
चिकित्सक डॉ. सी.बी.एन. त्रिपाठी, डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. बीबी मिश्रा, डॉ. पीसी चौधरी, डॉ. राजेश कुमार चौधरी, डॉ. फकरेयार हुसेन सहित अन्य ने भगवान धन्वन्तरि के योगदान पर विस्तार से चर्चा किया। कहा कि सभी चिकित्सा पद्धतियां प्रकृति से जुड़ी है। चिकित्सकों को मानव सेवा के अपने व्रत का निष्ठा से पालन करना चाहिए। पैरा मेडिकल कालेज के संस्थापक डॉ. वी.के. वर्मा ने कहा कि इस ग्रामीण क्षेत्र में उनका प्रयास है कि छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिले जिससे वे भगवान धन्वन्तरि के संकल्पों को आगे बढ़ा सके। कवि सम्मेलन का हुआ। इसमें डॉ. रामकृष्णलाल जगमग के संचालन में अनेक कवियों ने रचनायें पढी। इस मौके पर वीरेन्द्र चौधरी, ओम प्रकाश चौधरी, कृष्णनाथ चौधरी, प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार मिश्र, डॉ. रीतेश चौधरी, श्रीमती राजेश्वरी वर्मा, डॉ. जेएल. विश्वकर्मा, डॉ. एस.सी. वर्मा, डॉ. जी.सी. वर्मा, रघुनाथ पटेल, अरूण मौर्य, जगनरायन वर्मा, भूपेन्द्र वर्मा, शिव प्रसाद चौधरी, लालजी यादव, राम स्वरूप चौधरी, अशोक शर्मा, विनय मौर्य, राहुल पाण्डेय, श्यामलाल चौधरी, प्रवीण पाण्डेय, सविता श्रीवास्तव, आराधना पाण्डेय, गौरव पाण्डेय, अरूण मौर्य सहित अन्य मौजूद रहे।
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चिकित्सक डॉ. सी.बी.एन. त्रिपाठी, डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. बीबी मिश्रा, डॉ. पीसी चौधरी, डॉ. राजेश कुमार चौधरी, डॉ. फकरेयार हुसेन सहित अन्य ने भगवान धन्वन्तरि के योगदान पर विस्तार से चर्चा किया। कहा कि सभी चिकित्सा पद्धतियां प्रकृति से जुड़ी है। चिकित्सकों को मानव सेवा के अपने व्रत का निष्ठा से पालन करना चाहिए। पैरा मेडिकल कालेज के संस्थापक डॉ. वी.के. वर्मा ने कहा कि इस ग्रामीण क्षेत्र में उनका प्रयास है कि छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिले जिससे वे भगवान धन्वन्तरि के संकल्पों को आगे बढ़ा सके। कवि सम्मेलन का हुआ। इसमें डॉ. रामकृष्णलाल जगमग के संचालन में अनेक कवियों ने रचनायें पढी। इस मौके पर वीरेन्द्र चौधरी, ओम प्रकाश चौधरी, कृष्णनाथ चौधरी, प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार मिश्र, डॉ. रीतेश चौधरी, श्रीमती राजेश्वरी वर्मा, डॉ. जेएल. विश्वकर्मा, डॉ. एस.सी. वर्मा, डॉ. जी.सी. वर्मा, रघुनाथ पटेल, अरूण मौर्य, जगनरायन वर्मा, भूपेन्द्र वर्मा, शिव प्रसाद चौधरी, लालजी यादव, राम स्वरूप चौधरी, अशोक शर्मा, विनय मौर्य, राहुल पाण्डेय, श्यामलाल चौधरी, प्रवीण पाण्डेय, सविता श्रीवास्तव, आराधना पाण्डेय, गौरव पाण्डेय, अरूण मौर्य सहित अन्य मौजूद रहे।
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