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Basti News: तेंदुए की आशंका में दहशत, वन विभाग की जांच में नहीं मिले निशान

Mon, 15 Jun 2026 01:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 01:10 AM IST
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Panic over suspected leopard presence; Forest Department finds no traces during inspection.
तेंदुए की आशंका में रात में रखवाली करते ग्रामीण। स्रोत- ग्रामीण।
कप्तानगंज। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पिपरौल घाट में तेंदुआ होने की आशंका में ग्रामीण सहमे हुए हैं। दो दिनों से ग्रामीण पूरी रात जागकर घर और पशुओं की रखवाली कर रहे हैं। उधर दूसरे दिन रविवार को भी वन विभाग की टीम सुबह से शाम तक जंगल क्षेत्र में रेस्क्यू किया। मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी। टीम का कहना हैं कि जंगल में तेंदुआ होने के कोई साक्ष्य अभी तक नहीं मिले हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार की रात पिपरौल घाट के पास एक जंगली जानवर ने पहले एक बाइक सवार पर हमलावर किया। राहगीर किसी तरह जान बचाकर निकल गया। इस बीच आसपास मौजूद कुत्ते भी भौंकने लगे, इसी बीच जंगली जानवर ने एक कुत्ते पर हमला कर दिया। ग्रामीणों का कहना हैं कि तेंदुए जैसा दिखने वाला जानवर कुत्ते को मुंह में दबोच कर जंगल की ओर लेकर चला गया। सूचना के बाद शनिवार को वन दरोगा जगदीश प्रसाद, वन्य कर्मी रविंद्र सिंह, सुनील मिश्रा, संजय निषाद आदि की टीम टीम मनोरमा नदी के किनारे घने जंगलों में पूरे दिन रेस्क्यू किया लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली।
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रेंजर राजू प्रसाद ने बताया कि दो दिनों से जंगल क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। तेंदुए की तलाश में ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है। अभी तक तेंदुआ होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। जंगल एवं उसके आसपास तेंदुआ का पदचिह्न भी नहीं मिला है। इस क्षेत्र में फिशिंग कैट कभी-कभी पाए जाते हैं। इसलिए तेंदुआ होने की संभावना कम है।
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वहीं पिपरोल गांव के प्रेम प्रकाश, राम निहाल पांडेय, रविंद्र श्रीवास्तव, सुरेश कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए की आकृति का जानवर चलते हुए दिखाई पड़ा है। यह फुटेज टीम को उपलब्ध कराया गया है। तेंदुआ होने की आशंका में हम लोग रात भर नहीं सो रहे हैं। पालतू पशुओं पर हमले की चिंता बनी हुई है। राहगीरों की सुरक्षा को भी खतरा है, इसलिए हम लोग टोली बनाकर रात में जाग रहे हैं।
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पिछले वर्ष भेड़ियों ने दी थी दस्तक
कप्तानगंज और नगर थाना क्षेत्र के मनोरमा के तटीय जंगल वाले क्षेत्रों में पिछले वर्ष खुंखार भेड़ियों ने दस्तक दी थी। कई गांवों में भेड़ियों के पहुंचने से कई दिनों तक ग्रामीण दहशत में रहे। इस दौरान हिरन एवं मवेशियों पर भेड़ियों के हमले का भी मामला सामने आया था। इसके अलावा फिशिंग कैट की मौजूदगी मनोरमा के तटीय जंगल क्षेत्र में पाई गई हैं। इस बार तेंदुए आने की सूचना वन विभाग की टीम भी हैरान है, दो दिनों से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

कोट
मनोरमा के पिपरौल घाट के आसपास जंगल क्षेत्र में तेंदुआ होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। दो दिनों के सर्च ऑपरेशन में अभी तक तेंदुआ का पदचिह्न भी नहीं देखा गया है। जंगल में फिशिंग कैट के मौजूदगी की संभावना बन रही है। इस अंचल में तेंदुआ होने की उम्मीद कम है।
-राजू प्रसाद, रेंजर, वन प्रभाग, कप्तानगंज।
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