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Basti News: उपस्थिति पंजिका में मिला केवल हस्ताक्षर... कर्मचारी गायब, वेतन रोका
Sat, 09 Nov 2024 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 09 Nov 2024 12:52 AM IST
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सीएमओ ने किया मुंडेरवा सीएचसी का निरीक्षण, ड्यूटी से नदारद मिले सात कर्मचारी
अस्पताल में कम मिला प्रसव दर, दवा वितरण में कमी देख नाराज हुए सीएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने शुक्रवार को सीएचसी मुंडेरवा का निरीक्षण किया। यहां भी खेल गड़बड़ मिला। कर्मचारियों की उपस्थिति केवल रजिस्टर में मिली। ड्यूटी से सात कर्मचारी नदारद मिले। सीएमओ ने उपस्थिति पंजिका से मौजूद कर्मचारियों का मिलान किया तो यह पोल खुलते देर न लगी। उन्होंने सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
मुख्यालय से दूरस्थ अस्पतालों में हाजिरी लगाकर गायब रहने या निजी प्रैक्टिस करने का मामला नया नहीं है। स्थानीय स्तर के जिम्मेदारों की मिली भगत से अधिकतर सीएचसी और पीएचसी में यही खेल चल रहा है। उच्च स्तरीय अधिकारियों के औचक निरीक्षण में ही इस कारनामे का भंडाफोड़ हो पाता है। मुंडेरवा सीएचसी पर दोपहर करीब दो बजे निरीक्षण के समय उपस्थिति पंजिका पर हाजिरी बनाने वाले एक- ्दो नहीं बल्कि सात कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले।
वहां मौजूद जिम्मेदार नदारद कर्मियों के बारे में कुछ जवाब नहीं दे पा रहे थे। सवाल यह भी उठा कि रजिस्टर में गायब लोगों के नाम के आगे किए गए हस्ताक्षर उन्हीं के हैंं या किसी और ने बना दिया है। बहरहाल सीएमओ ने ड्यूटी से नदारद मिले सभी कर्मियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। अस्पताल की ओपीडी और वार्डों की व्यवस्था भी अस्त- व्यस्त मिली।
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निरीक्षण के समय तक महज 50 मरीज देखे गए थे। गर्भवतियों को 15 दिन के बजाय पांच दिन की दवा वितरित की जा रही थी। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। एक्स-रे मशीन क्रियाशील नहीं पाई गई। लेबर रूम में ड्रेसिंग मशीन अव्यवस्थित मिली। सीएमओ ने बताया कि बेड पर बिछाई गई चादर से बदबू आ रही थी। दो महिला डॉक्टर होने के बाद भी यहां प्रसव दर औसत से कम मिला। सीएमओ ने एमओआईसी डॉ. राजेश कुमार को हिदायत देते हुए सुधार लाने को कहा।
...
यह लोग मिले नदारद
सीएमओ के निरीक्षण उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बाद स्टॉफ नर्स रीना चौधरी, स्टाॅफ नर्स रुचि दूबे, एलटी पूर्णिमा दूबे नहीं थीं। वार्ड ब्वाय विशाल चौरसिया, एलटी अमरजीत, डेंटलहाइजनिस्ट शमीम अख्तर और आप्टोमेट्रिक अशोक कुमार मौके से नदारद मिले। शमीम अख्तर की 24 से 28 तक ओपीडी भी नहीं पाई गई। मौके पर केवल डॉ. शिप्रा शर्मा, डॉ. फारूक मौजूद मिले।
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अस्पताल में कम मिला प्रसव दर, दवा वितरण में कमी देख नाराज हुए सीएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने शुक्रवार को सीएचसी मुंडेरवा का निरीक्षण किया। यहां भी खेल गड़बड़ मिला। कर्मचारियों की उपस्थिति केवल रजिस्टर में मिली। ड्यूटी से सात कर्मचारी नदारद मिले। सीएमओ ने उपस्थिति पंजिका से मौजूद कर्मचारियों का मिलान किया तो यह पोल खुलते देर न लगी। उन्होंने सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
मुख्यालय से दूरस्थ अस्पतालों में हाजिरी लगाकर गायब रहने या निजी प्रैक्टिस करने का मामला नया नहीं है। स्थानीय स्तर के जिम्मेदारों की मिली भगत से अधिकतर सीएचसी और पीएचसी में यही खेल चल रहा है। उच्च स्तरीय अधिकारियों के औचक निरीक्षण में ही इस कारनामे का भंडाफोड़ हो पाता है। मुंडेरवा सीएचसी पर दोपहर करीब दो बजे निरीक्षण के समय उपस्थिति पंजिका पर हाजिरी बनाने वाले एक- ्दो नहीं बल्कि सात कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले।
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वहां मौजूद जिम्मेदार नदारद कर्मियों के बारे में कुछ जवाब नहीं दे पा रहे थे। सवाल यह भी उठा कि रजिस्टर में गायब लोगों के नाम के आगे किए गए हस्ताक्षर उन्हीं के हैंं या किसी और ने बना दिया है। बहरहाल सीएमओ ने ड्यूटी से नदारद मिले सभी कर्मियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। अस्पताल की ओपीडी और वार्डों की व्यवस्था भी अस्त- व्यस्त मिली।
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निरीक्षण के समय तक महज 50 मरीज देखे गए थे। गर्भवतियों को 15 दिन के बजाय पांच दिन की दवा वितरित की जा रही थी। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। एक्स-रे मशीन क्रियाशील नहीं पाई गई। लेबर रूम में ड्रेसिंग मशीन अव्यवस्थित मिली। सीएमओ ने बताया कि बेड पर बिछाई गई चादर से बदबू आ रही थी। दो महिला डॉक्टर होने के बाद भी यहां प्रसव दर औसत से कम मिला। सीएमओ ने एमओआईसी डॉ. राजेश कुमार को हिदायत देते हुए सुधार लाने को कहा।
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यह लोग मिले नदारद
सीएमओ के निरीक्षण उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बाद स्टॉफ नर्स रीना चौधरी, स्टाॅफ नर्स रुचि दूबे, एलटी पूर्णिमा दूबे नहीं थीं। वार्ड ब्वाय विशाल चौरसिया, एलटी अमरजीत, डेंटलहाइजनिस्ट शमीम अख्तर और आप्टोमेट्रिक अशोक कुमार मौके से नदारद मिले। शमीम अख्तर की 24 से 28 तक ओपीडी भी नहीं पाई गई। मौके पर केवल डॉ. शिप्रा शर्मा, डॉ. फारूक मौजूद मिले।