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Basti News: पुराने बीएसए कार्यालय के भवन का 72 लाख से होगा कायाकल्प
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पुराने बीएसए कार्यालय भवन का हो रहा जीर्णोद्धार
बस्ती। अंग्रेजों के समय वर्ष 1907 में बने पुराने बीएसए कार्यालय भवन की सूरत अब बदलने लगी है। जर्जर हो चुके भवन के जीर्णोद्धार के लिए 72 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जून से मरम्मत का कार्य शुरू हो चुका है। पहले चरण में दीवारों का प्लास्टर कराया जा रहा है। इसके बाद सीसी छत की ढलाई, क्षतिग्रस्त दरवाजे-खिड़कियों को बदलने और रंगरोगन का काम कराया जाएगा।
करीब 119 साल पुराना यह भवन लंबे समय से बदहाल स्थिति में था। बारिश के दौरान छत और दीवारों से पानी टपकने के कारण कर्मचारियों को परेशानी होती थी। अभिलेखों और बच्चों की पुस्तकों को सुरक्षित रखना भी चुनौती बना रहता था। कई बार दीवारों का प्लास्टर टूटकर गिरने से भी खतरा बना रहता था।
पुराने भवन की जर्जर हालत को देखते हुए वर्ष 2005 में नए बीएसए कार्यालय के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। निर्माण स्थल पर पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी के मारे जाने के बाद काम रुक गया था।
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करीब 10 वर्ष बाद दोबारा निर्माण शुरू हुआ, लेकिन बजट की कमी के कारण फिर अड़चन आ गई। बीएसए की ओर से अतिरिक्त बजट की मांग की गई। शासन ने 12 लाख रुपये अतिरिक्त जारी किए, जिसके बाद वर्ष 2020 में नए भवन का निर्माण पूरा हो सका।
हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीएसए कार्यालय और पटल सहायकों के कक्ष नए भवन में स्थानांतरित हो गए। हालांकि, सात डीसी अब भी पुराने भवन में बैठकर काम करते हैं। उनके कक्षों में बारिश के दौरान पानी टपकने की समस्या बनी हुई थी।
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करीब 119 साल पुराना यह भवन लंबे समय से बदहाल स्थिति में था। बारिश के दौरान छत और दीवारों से पानी टपकने के कारण कर्मचारियों को परेशानी होती थी। अभिलेखों और बच्चों की पुस्तकों को सुरक्षित रखना भी चुनौती बना रहता था। कई बार दीवारों का प्लास्टर टूटकर गिरने से भी खतरा बना रहता था।
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पुराने भवन की जर्जर हालत को देखते हुए वर्ष 2005 में नए बीएसए कार्यालय के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। निर्माण स्थल पर पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी के मारे जाने के बाद काम रुक गया था।
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करीब 10 वर्ष बाद दोबारा निर्माण शुरू हुआ, लेकिन बजट की कमी के कारण फिर अड़चन आ गई। बीएसए की ओर से अतिरिक्त बजट की मांग की गई। शासन ने 12 लाख रुपये अतिरिक्त जारी किए, जिसके बाद वर्ष 2020 में नए भवन का निर्माण पूरा हो सका।
हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीएसए कार्यालय और पटल सहायकों के कक्ष नए भवन में स्थानांतरित हो गए। हालांकि, सात डीसी अब भी पुराने भवन में बैठकर काम करते हैं। उनके कक्षों में बारिश के दौरान पानी टपकने की समस्या बनी हुई थी।