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Basti News: सप्लाई पर नहीं विश्वास... जार के पानी से बुझा रहे प्यास

Sun, 11 Jan 2026 12:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:27 AM IST
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No trust in the water supply... quenching their thirst with bottled water.
पानी की खबर में गोविंद शर्मा, रोडवेज।
बस्ती। आम जनमानस का सरकारी विभागों के पानी की टंकियों से भरोसा उठ गया है। लोग सहज भाव से सप्लाई के पानी को पीना नहीं चाह रहे हैं। यहां तक कि चाय-पान की दुकान के बाहर लगीं टोटियों का पानी पीने के बजाय बर्तन, हाथ आदि धुलने के काम अधिक आ रहा है। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में स्थापित टंकियों का पानी भी पीने से लोग डर रहे हैं। यहां आवासीय कॉलोनी में रहने वाले चिकित्सक एवं अन्य मेडिकल स्टॉफ जार का पानी मंगवाकर पी रहे हैं।
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बता दें कि जिला अस्पताल में एक हजार केएल क्षमता की पानी की टंकी लगी हुई है। वर्षों पुरानी अंडरग्राउंड पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। नर्सेज कॉलोनी, चिकित्सीय आवास कॉलोनी में पाइपलाइन में लीकेज की समस्या है। अस्पताल परिसर में रहने वाले राजेश कहते हैं कि यहां पानी की टंकी और पाइपलाइन की सफाई होते हुए हम लोग कभी नहीं देखे। यदा-कदा पानी का मोटर खराब होने पर भले ही तकनीकी टीम दिखाई पड़ती है।
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लीकेज की समस्या होने पर 10 से 15 दिन तक पानी खुले में बहता रहता है। वहीं अमित ने बताया कि टंकी की पानी पीने योग्य नहीं रहता है। कुछ जगहों पर देखरेख न होने टंकियों में मृत व्यक्ति व जानवरों तक के लाश मिलने तक की खबर मिल चुकी है। इंदौर में तो टंकी का पानी कई लोगों के जान पर बन आई। अब तो इसे पीने में डर लगने लगा है। यहां टंकियों और पाइपलाइन की देखरेख बराबर नहीं हो रही है, इसलिए प्रदूषित जल की आपूर्ति से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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यही हाल शहरी जलापूर्ति की भी है। गर्मी के सीजन में यदाकदा क्लोरीन की गोलियां भले ही टंकियों डाल दी जाएं वरना बिना शुद्धता के ही पानी की सप्लाई लगातार की जा रही है। ओरीजोत के रहने वाले प्रमोद कहते हैं कि सप्लाई का पानी पीने लायक नहीं रहता है। जलकल की नियमित निगरानी किसी भी पंप हाउस, पानी की टंकी और पाइपलाइन पर नहीं हो रही है। लीकेज की समस्या आने पर जलकल के जिम्मेदार लोग फोन तक नहीं उठाते हैं। जलकल कार्यालय पर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी 10- 15 दिन मरम्मत होने में लग जा रहा है।

पाइपों के भीतर काई : कई जगहों पर पुरानी पाइपलाइन में ब्लीचिंग आदि डालकर सफाई न होने के कारण काई जम गई है। इसके संपर्क में आकर पानी दूषित हो रहा है। यहीं पानी घरों में पीने के लिए सप्लाई की जा रही है। जिसके पास पानी की व्यवस्था नहीं हैं वह दूषित जल पीकर सेहत को खतरे में डाल रहे हैं।
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