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Basti News: संकेतक न सुरक्षा घेरा, रात में हाईवे की मरम्मत, हर पल हादसे का खतरा
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मिक्सर मशीन खड़ाकर हर्रैया में सर्विस लेन का किया जा रहा मरम्मत कार्य। संवाद
- फोटो : 1
बस्ती। आजकल अयोध्या-बस्ती हाईवे पर सफर जोखिम भरा हो गया है। यदि रात में यात्रा कर रहे हैं तो संभलकर चलिए। रास्ते में न जाने कहां एनएचएआई की मरम्मत टीम मशीन और श्रमिकों के साथ सड़क का पैच कार्य करने में जुटी हो।
इसका आभास बेहद करीब पहुंचने पर ही हो सकेगा। क्योंकि मरम्मत कार्य वाले हिस्से में न तो सुरक्षा घेरा है न ही बैरिकेडिंग का इंतजाम है। मरम्मत टीम में शामिल कर्मचारी और श्रमिकों के सुरक्षित जीवन का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। जिससे हाईवे पर यात्री और मजदूर दोनों खतरे में हैं।
बता दें कि दो दिन पहले सोमवार की रात छावनी थाना क्षेत्र के बबुरहवा गांव के पास हाईवे की मरम्मत के दौरान रात में भीषण हादसा भी हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिना सुरक्षा घेरे के मरम्मत कार्य कराए जाने के दौरान तेज रफ्तार में एक डीसीएम ने तीन श्रमिकों को कुचल दिया। जिसमें एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए हैं। इस हादसे के बाद हाईवे पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि हादसे के बाद बबुरहवा में मरम्मत कार्य ठप कर दिया गया है।
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हाईवे के यात्री प्रहलाद कुमार कहते हैं कि किसी भी तरह का निर्माण होने से पहले उस हिस्से की घेराबंदी की जाती है। ताकि वहां अनावश्यक किसी का प्रवेश न हो सकें। हाईवे तो चालू हालत में है। 24 घंटे में न जाने कितने लोग गुजरते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थल पर सड़क के पैचिंग का कार्य बिना किसी संकेतक या सुरक्षा घेरे के किया जाना खतरे को न्योता देने के समान है। हर्रैया के राम किशन कहते हैं कि दिन भर मरम्मत कार्य नहीं किया जाता है। क्षतिग्रस्त हिस्से वाली सड़क पर आवागमन बहाल रहता है। अचानक रात में जेसीबी, मिक्चर मशीन के साथ पूरी टीम उतर रही है। मशीनों की रोशनी में हाईवे का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। संकेतक या बैरिकेडिंग नहीं होने से आम राहगीरों को इसका अंदाजा नहीं लग पा रहा है। बेहद करीब आने पर लोग कुछ समझ पा रहे हैं। यदि वाहन चालक से हल्की सी चूक हुई तो हादसा तय है।
फ्लाईओवर पर नहीं जलती हैं लाइटें : एनएचएआई की तरफ से हाईवे के सभी फ्लाईओवर पर दोनों तरफ खंभे के साथ लाइट लगवाई गई है। ताकि वाहन में चलते समय रात के समय स्पष्ट दृश्यता रहे। मगर अधिकांश जगहों पर यह लाइटें नहीं जल रही है। छावनी, हर्रैया, कप्तानगंज, गड़हा गौतम, गोटवा, फुटहिया, बड़ेवन, चेनपुर, हंडिया फ्लाईओवर पर रात के समय अंधेरा छाया हुआ है। वाहन की लाइट में ही लोग संभलकर फ्लाईओवर पार कर रहे हैं।
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इसका आभास बेहद करीब पहुंचने पर ही हो सकेगा। क्योंकि मरम्मत कार्य वाले हिस्से में न तो सुरक्षा घेरा है न ही बैरिकेडिंग का इंतजाम है। मरम्मत टीम में शामिल कर्मचारी और श्रमिकों के सुरक्षित जीवन का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। जिससे हाईवे पर यात्री और मजदूर दोनों खतरे में हैं।
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बता दें कि दो दिन पहले सोमवार की रात छावनी थाना क्षेत्र के बबुरहवा गांव के पास हाईवे की मरम्मत के दौरान रात में भीषण हादसा भी हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिना सुरक्षा घेरे के मरम्मत कार्य कराए जाने के दौरान तेज रफ्तार में एक डीसीएम ने तीन श्रमिकों को कुचल दिया। जिसमें एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए हैं। इस हादसे के बाद हाईवे पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि हादसे के बाद बबुरहवा में मरम्मत कार्य ठप कर दिया गया है।
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हाईवे के यात्री प्रहलाद कुमार कहते हैं कि किसी भी तरह का निर्माण होने से पहले उस हिस्से की घेराबंदी की जाती है। ताकि वहां अनावश्यक किसी का प्रवेश न हो सकें। हाईवे तो चालू हालत में है। 24 घंटे में न जाने कितने लोग गुजरते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थल पर सड़क के पैचिंग का कार्य बिना किसी संकेतक या सुरक्षा घेरे के किया जाना खतरे को न्योता देने के समान है। हर्रैया के राम किशन कहते हैं कि दिन भर मरम्मत कार्य नहीं किया जाता है। क्षतिग्रस्त हिस्से वाली सड़क पर आवागमन बहाल रहता है। अचानक रात में जेसीबी, मिक्चर मशीन के साथ पूरी टीम उतर रही है। मशीनों की रोशनी में हाईवे का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। संकेतक या बैरिकेडिंग नहीं होने से आम राहगीरों को इसका अंदाजा नहीं लग पा रहा है। बेहद करीब आने पर लोग कुछ समझ पा रहे हैं। यदि वाहन चालक से हल्की सी चूक हुई तो हादसा तय है।
फ्लाईओवर पर नहीं जलती हैं लाइटें : एनएचएआई की तरफ से हाईवे के सभी फ्लाईओवर पर दोनों तरफ खंभे के साथ लाइट लगवाई गई है। ताकि वाहन में चलते समय रात के समय स्पष्ट दृश्यता रहे। मगर अधिकांश जगहों पर यह लाइटें नहीं जल रही है। छावनी, हर्रैया, कप्तानगंज, गड़हा गौतम, गोटवा, फुटहिया, बड़ेवन, चेनपुर, हंडिया फ्लाईओवर पर रात के समय अंधेरा छाया हुआ है। वाहन की लाइट में ही लोग संभलकर फ्लाईओवर पार कर रहे हैं।