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Basti News: नाम का रैन बसेरा... बिस्तर-कंबल नहीं, असहाय परेशान

Sun, 05 Jan 2025 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 05 Jan 2025 11:32 PM IST
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Night shelter in name... no bed and blanket, helpless and troubled
जिला अस्पताल में इधर- उधर से लकड़ी का इंतजाम कर आग जलाते लोग।
ठंड में रात-दिन आश्रय की जरूरत, फिर भी नहीं है पर्याप्त व्यवस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ठंड में रैन बसेरों की हालत भी पतली हो गई है। यहां असहायों के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है। ठंड बढ़ी तो यहां राहत मिल पाना न के बराबर हो गया है। न बिछाने को बिस्तर है और न ही ओढ़ने के लिए कंबल या रजाई के इंतजाम। अब तो दिन-रात ठंड से बचाव की जरूरत भी महसूस की जा रही हैं। ऐसे में असहाय इन रैन बसेरों में आकर परेशान हो रहे हैं।
रविवार को कई रैने बसरों का दृश्य कुछ इसी तरह का रहा। कड़ाके की ठंड में जिला महिला अस्पताल के रैन बसेरे में सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य कराया जा रहा था। यहां पहुंचने के बाद तीमारदार एवं निराश्रित निराश होकर लौट आ रहे हैं। परिसर में दोपहर करीब 12 बजे कुछ तीमारदार अलाव तापते हुए नजर आए। अलाव के पास बैठी एक महिला बोल पड़ी कि दिन तो जैसे-तैसे कट जाएगा। मगर, रात कटने की चिंता बरकरार है।
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उसने कहा कि यहां एक रैन बसेरा है तो उसमें रंगाई-पुताई का कार्य चल रहा है। पूछने पर स्टॉफ नर्स ने बताया कि रैन बसेरा को सही कराया जा रहा है। तब तक मरीज और उनके तीमारदार बरामदे में रखे बेंच पर बैठ कर समय बिता सकते हैं। परिसर में बने शेड में भी कुछ तीमारदार ठिठुरते नजर आए
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जिला अस्पताल... घर से लाना पड़ा कंबल, तब कट रही रात

जिला अस्पताल परिसर में रविवार की दोपहर करीब एक बजे ठंड से बचने के लिए कुछ तीमारदार अलाव के सामने बैठे नजर आए। मेडिकल और सर्जिकल वार्ड में ठंड से बचने के लिए मरीजों को अस्पताल से उपलब्ध कराया गया कंबल राहत देने में नाकाफी है। मरीजों का कहना है कि इस कंबल से ठंड लगती है। घर से दूसरा कंबल मंगाकर ओढ़ना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती अधिकतर मरीज घर से लाए हुए कंबल के सहारे समय गुजार रहे हैं। मरीज मनोरमा देवी ने बताया कि अस्पताल से मिला कंबल पतला होने के कारण ठंड नहीं रोक पा रहा है।

वहीं परिसर के टिन शेड में मौजूद गौर निवासी मधुमति देवी ने बताया कि उनकी बेटी भर्ती है। परिवार के लोग भी आए हैं। अंदर वार्ड में ठहरने नहीं दे रहे है। रैन बसेरा में बिस्तर आदि नहीं है। इसी टिन शेड में किसी रात रात गुजारनी पड़ेगी।
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