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Basti News: घरों से आबाद नई कॉलोनियां, सुविधाओं का अकाल
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बस्ती। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में विकसित हो रही नई कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। गृहकर और जलकर देने के बावजूद लोगों को सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और जलनिकासी जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी नगर पालिका प्रशासन समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है।
कॉलोनीवासियों ने बताया कि घरों में पानी के कनेक्शन तो दिए गए हैं, लेकिन नलों में अब तक पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। कई स्थानों पर सड़कें बदहाल हैं तो कुछ जगह सड़क का निर्माण ही नहीं हुआ है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हल्की बारिश में भी सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। कई दिनों तक पानी जमा रहने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
शहर से सटे गांवों में भी स्थिति बेहतर नहीं है। बदहाल सड़क, जलभराव और गंदगी के कारण लोग परेशान हैं। शहर की विकसित हो रही विवेकानंद कॉलोनी में कुछ स्थानों पर सड़कें नहीं बनी हैं तो कई जगह क्षतिग्रस्त हैं। एक सिलाई सेंटर के पास सड़क पर पानी भरा है। नाली जाम होने के कारण गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
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-- -- -- -- -- -- -- -सड़क न होने से 100 से 150 घर प्रभावित
कॉलोनी निवासी दीपक नागवंशी ने बताया कि उनके घर के सामने इंटरलॉकिंग सड़क नहीं है। सड़क निर्माण के लिए कई बार नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कच्चे रास्ते से करीब 100 से 150 घरों के लोग आवागमन करते हैं। नाली नहीं होने से बारिश का पानी कई दिनों तक जमा रहता है। लोगों को घुटने भर पानी से होकर गुजरना पड़ता है। राजकुमार चौधरी ने बताया कि कॉलोनी में पाइपलाइन बिछाने के साथ कनेक्शन भी दिए गए हैं, लेकिन अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई। शहर से सटे मड़वानगर और बुधनगर में भी लोग मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शहर के नजदीक होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
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69 गांवों को सीमा विस्तार का इंतजार
नगर पालिका परिषद बस्ती के सीमा विस्तार की प्रक्रिया लंबे समय से शासन में लंबित है। सीमा विस्तार होने पर नगर पालिका का क्षेत्रफल करीब 40 वर्ग किलोमीटर बढ़ने और वार्डों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। वर्तमान में शहर में 25 वार्ड हैं और आबादी करीब सवा लाख है। प्रस्तावित गांवों के शामिल होने के बाद आबादी करीब साढ़े तीन लाख होने का अनुमान है। फिलहाल नगर पालिका का क्षेत्र 19.4 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसमें पांडेयडीह, कृष्णा भगौती, देवराव, भैंसहियां, भद्रेश्वरनाथ, जामडीह शुक्ल व पांडेय, लबनापार, सोनबरसा, घरसोहिया, गिदही बुजुर्ग व खुर्द, परसातकिया, जिगना, पिपरा रामकिशुन, करनपुर, झरकटिया, बायपोखर, बरवा, लखनौरा, बड़ेरिया खुर्द, मरवटिया, लैबुढ़वा, अमौली, चैनपुरा, महुडर, देईपार, खौराखार, हरदिया बुजुर्ग, डिडौरा, मड़वानगर, बरगदवा, हवेली खास, बड़ेवन, मूड़घाट, भुअर निरंजनपुर, लौकिहवा, बेलगड़ी, मिश्रौलिया, मुंडेरवा, डारीडीहा, सुपेलवा, चननी सियरोवास सहित अन्य गांव शामिल हैं।
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कोट
नई कॉलोनियों में बनने वाले मकानों को नगर पालिका के अभिलेखों में शामिल किया जा रहा है। लोगों को सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जलनिकासी और बदहाल सड़कों की मरम्मत जल्द कराई जाएगी। सीमा विस्तार की फाइल शासन में लंबित है। स्वीकृति का इंतजार है।
-अंगद कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद
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कॉलोनीवासियों ने बताया कि घरों में पानी के कनेक्शन तो दिए गए हैं, लेकिन नलों में अब तक पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। कई स्थानों पर सड़कें बदहाल हैं तो कुछ जगह सड़क का निर्माण ही नहीं हुआ है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हल्की बारिश में भी सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। कई दिनों तक पानी जमा रहने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
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शहर से सटे गांवों में भी स्थिति बेहतर नहीं है। बदहाल सड़क, जलभराव और गंदगी के कारण लोग परेशान हैं। शहर की विकसित हो रही विवेकानंद कॉलोनी में कुछ स्थानों पर सड़कें नहीं बनी हैं तो कई जगह क्षतिग्रस्त हैं। एक सिलाई सेंटर के पास सड़क पर पानी भरा है। नाली जाम होने के कारण गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
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कॉलोनी निवासी दीपक नागवंशी ने बताया कि उनके घर के सामने इंटरलॉकिंग सड़क नहीं है। सड़क निर्माण के लिए कई बार नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कच्चे रास्ते से करीब 100 से 150 घरों के लोग आवागमन करते हैं। नाली नहीं होने से बारिश का पानी कई दिनों तक जमा रहता है। लोगों को घुटने भर पानी से होकर गुजरना पड़ता है। राजकुमार चौधरी ने बताया कि कॉलोनी में पाइपलाइन बिछाने के साथ कनेक्शन भी दिए गए हैं, लेकिन अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई। शहर से सटे मड़वानगर और बुधनगर में भी लोग मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शहर के नजदीक होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
69 गांवों को सीमा विस्तार का इंतजार
नगर पालिका परिषद बस्ती के सीमा विस्तार की प्रक्रिया लंबे समय से शासन में लंबित है। सीमा विस्तार होने पर नगर पालिका का क्षेत्रफल करीब 40 वर्ग किलोमीटर बढ़ने और वार्डों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। वर्तमान में शहर में 25 वार्ड हैं और आबादी करीब सवा लाख है। प्रस्तावित गांवों के शामिल होने के बाद आबादी करीब साढ़े तीन लाख होने का अनुमान है। फिलहाल नगर पालिका का क्षेत्र 19.4 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसमें पांडेयडीह, कृष्णा भगौती, देवराव, भैंसहियां, भद्रेश्वरनाथ, जामडीह शुक्ल व पांडेय, लबनापार, सोनबरसा, घरसोहिया, गिदही बुजुर्ग व खुर्द, परसातकिया, जिगना, पिपरा रामकिशुन, करनपुर, झरकटिया, बायपोखर, बरवा, लखनौरा, बड़ेरिया खुर्द, मरवटिया, लैबुढ़वा, अमौली, चैनपुरा, महुडर, देईपार, खौराखार, हरदिया बुजुर्ग, डिडौरा, मड़वानगर, बरगदवा, हवेली खास, बड़ेवन, मूड़घाट, भुअर निरंजनपुर, लौकिहवा, बेलगड़ी, मिश्रौलिया, मुंडेरवा, डारीडीहा, सुपेलवा, चननी सियरोवास सहित अन्य गांव शामिल हैं।
कोट
नई कॉलोनियों में बनने वाले मकानों को नगर पालिका के अभिलेखों में शामिल किया जा रहा है। लोगों को सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जलनिकासी और बदहाल सड़कों की मरम्मत जल्द कराई जाएगी। सीमा विस्तार की फाइल शासन में लंबित है। स्वीकृति का इंतजार है।
-अंगद कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद