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Basti News: निजी अस्पताल में फिर मिली लापरवाही...गर्भवती की निकाल दी बच्चेदानी- 7 दिन में तीसरी बड़ी चूक
Mon, 19 Aug 2024 12:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 19 Aug 2024 12:35 PM IST
सार
बस्ती के निजी अस्पतालों में ताबड़तोड़ लापरवाही का मामला सामने आ रहा है। रविवार को शहर के कटरा पतेलवा स्थित एक अस्पताल में गर्भवती के ऑपरेशन के दौरान बच्चेदानी निकालने का मामला तूल पकड़ लिया। पीड़ित ने सीएमओ को लिखित शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। सप्ताह भीतर निजी अस्पताल में लापरवाही की यह तीसरी घटना है।
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- फोटो : istock
विस्तार
बस्ती के निजी अस्पतालों में ताबड़तोड़ लापरवाही का मामला सामने आ रहा है। रविवार को शहर के कटरा पतेलवा स्थित एक अस्पताल में गर्भवती के ऑपरेशन के दौरान बच्चेदानी निकालने का मामला तूल पकड़ लिया। पीड़ित ने सीएमओ को लिखित शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। सप्ताह भीतर निजी अस्पताल में लापरवाही की यह तीसरी घटना है।
मामला सार्वजनिक होते ही निजी अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य विभाग में फिर से हड़कंप मच गया। पीड़ित मेवालाल निवासी बड़ेवन- गनेशपुर ने सीएमओ को लिखित शिकायती पत्र देकर बताया कि पत्नी रीता को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता के साथ महिला अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। कटेश्वर पार्क के सामने एक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि पेट में बच्चा मर चुका है।
आशा कार्यकर्ता के सुझाव पर वह कटरा-पतेलवा में संचालित एक निजी हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर पर पत्नी को ले गए। वहां एक डॉक्टर ने ऑपरेशन कर मृत बच्चे को बाहर निकाला और साथ बच्चेदानी भी निकाल दी। आरोप लगाया कि पत्नी के ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई। अस्पताल के चिकित्सक और स्टॉफ अपनी नाकामी छिपाते हुए उनके पत्नी को गंभीर बताकर रेफर कर दिया गया।
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पीड़ित ने बताया कि उनकी पत्नी की उम्र अभी 26 साल है और वह खुद 32 साल के हैं। दंपत्ती का यह पहला बच्चा था। उन्होंने सीएमओ से संबंधित अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ एसवी सिंह ने बताया कि इस आशय की शिकायत प्राप्त हुई है। सीएमओ स्तर से जांच टीम गठित की जा रही है। टीम में एक सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्रकरण की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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मामला सार्वजनिक होते ही निजी अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य विभाग में फिर से हड़कंप मच गया। पीड़ित मेवालाल निवासी बड़ेवन- गनेशपुर ने सीएमओ को लिखित शिकायती पत्र देकर बताया कि पत्नी रीता को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता के साथ महिला अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। कटेश्वर पार्क के सामने एक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि पेट में बच्चा मर चुका है।
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आशा कार्यकर्ता के सुझाव पर वह कटरा-पतेलवा में संचालित एक निजी हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर पर पत्नी को ले गए। वहां एक डॉक्टर ने ऑपरेशन कर मृत बच्चे को बाहर निकाला और साथ बच्चेदानी भी निकाल दी। आरोप लगाया कि पत्नी के ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई। अस्पताल के चिकित्सक और स्टॉफ अपनी नाकामी छिपाते हुए उनके पत्नी को गंभीर बताकर रेफर कर दिया गया।
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पीड़ित ने बताया कि उनकी पत्नी की उम्र अभी 26 साल है और वह खुद 32 साल के हैं। दंपत्ती का यह पहला बच्चा था। उन्होंने सीएमओ से संबंधित अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ एसवी सिंह ने बताया कि इस आशय की शिकायत प्राप्त हुई है। सीएमओ स्तर से जांच टीम गठित की जा रही है। टीम में एक सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्रकरण की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई सुनिश्चित होगी।