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Basti News: साक्ष्य के अभाव में एनडीपीएस का आरोपी बरी
Wed, 08 Nov 2023 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 08 Nov 2023 12:38 AM IST
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न्यायाधीश ने गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ठहराया जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) प्रथम विजय कुमार कटियार की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में गांजा रखने के आरोपी को सुनवाई के बाद दोष मुक्त करार दिया। न्यायालय ने इस मामले में गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम पर कार्रवाई एवं दोष मुक्त आरोपी को क्षतिपूर्ति देने का आदेश भी दिया है।
कलवारी पुलिस ने 15 अक्टूबर 2020 को थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी शेषदत्त उर्फ गब्बर को 1.2 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी को उपनिरीक्षक शिवधारी ने न्यायालय में पेश किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल किया। बाद में आरोपी को जमानत मिल गई। इस मामले की सुनवाई एफटीसी कोर्ट में चल रही थी। आरोपी आर्थिक रूप कमजोर है। उसने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मदद की गुहार लगाई।
इस पर प्राधिकरण ने उसके तरफ से पैरवी के लिए निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया। डिफेंस काउंसिल शैलजा कुमार पांडेय, कौशल किशोर श्रीवास्तव, दीप्ति पांडेय, नितीश श्रीवास्तव ने न्यायालय में आरोपी की ओर से बहस की। सुनवाई के दौरान न्यायालय को पुलिस की ओर से जरूरी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जा सके। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी को गलत ढंग से गिरफ्तार जेल भेल भेजा गया है। इससे मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। आरोपी अपने मौलिक अधिकारों से वंचित हुआ है। न्यायाधीश ने संबंधित पुलिस टीम के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी उत्तर प्रदेश और स्थानीय डीएम को आदेश की प्रति उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिया है।
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बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) प्रथम विजय कुमार कटियार की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में गांजा रखने के आरोपी को सुनवाई के बाद दोष मुक्त करार दिया। न्यायालय ने इस मामले में गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम पर कार्रवाई एवं दोष मुक्त आरोपी को क्षतिपूर्ति देने का आदेश भी दिया है।
कलवारी पुलिस ने 15 अक्टूबर 2020 को थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी शेषदत्त उर्फ गब्बर को 1.2 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी को उपनिरीक्षक शिवधारी ने न्यायालय में पेश किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल किया। बाद में आरोपी को जमानत मिल गई। इस मामले की सुनवाई एफटीसी कोर्ट में चल रही थी। आरोपी आर्थिक रूप कमजोर है। उसने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मदद की गुहार लगाई।
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इस पर प्राधिकरण ने उसके तरफ से पैरवी के लिए निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया। डिफेंस काउंसिल शैलजा कुमार पांडेय, कौशल किशोर श्रीवास्तव, दीप्ति पांडेय, नितीश श्रीवास्तव ने न्यायालय में आरोपी की ओर से बहस की। सुनवाई के दौरान न्यायालय को पुलिस की ओर से जरूरी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जा सके। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी को गलत ढंग से गिरफ्तार जेल भेल भेजा गया है। इससे मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। आरोपी अपने मौलिक अधिकारों से वंचित हुआ है। न्यायाधीश ने संबंधित पुलिस टीम के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी उत्तर प्रदेश और स्थानीय डीएम को आदेश की प्रति उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिया है।
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