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Basti News: कम लागत में रोजगार का जरिया बन सकता है मशरूम उत्पादन
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बस्ती। कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती में सोमवार को मशरूम उत्पादन तकनीक पर पांच दिवसीय रोजगारपरक प्रशिक्षण शुरू हुआ। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के अंतर्गत संचालित केंद्र में आयोजित प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न ब्लॉकों के 25 युवक-युवतियां प्रतिभाग कर रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक और व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, ताकि वे इसे स्वरोजगार और आय के साधन के रूप में अपना सकें। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने की।
उन्होंने कहा कि कम लागत, कम स्थान और कम समय में मशरूम का उत्पादन किया जा सकता है। ऐसे में यह ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर माध्यम बन सकता है। उन्होंने धान और गेहूं के भूसे जैसे कृषि अवशेषों के उपयोग, उत्पादन इकाई स्थापित करने तथा तापमान और आर्द्रता के प्रबंधन की जानकारी दी।
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स्पॉन से लेकर बाजार तक की दी जानकारी
प्रशिक्षण में गुणवत्तापूर्ण स्पॉन के चयन, भूसे के उपचार और पाश्चुरीकरण, बैग तैयार करने, स्पॉनिंग, फलन तथा कीट एवं रोग प्रबंधन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मशरूम के प्रसंस्करण और उससे पाउडर, अचार व नमकीन जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की विधि भी बताई। प्रतिभागियों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार से जुड़ने के तरीकों की जानकारी देकर मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
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प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक और व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, ताकि वे इसे स्वरोजगार और आय के साधन के रूप में अपना सकें। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी अधिकारी डॉ. पीके मिश्रा ने की।
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उन्होंने कहा कि कम लागत, कम स्थान और कम समय में मशरूम का उत्पादन किया जा सकता है। ऐसे में यह ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर माध्यम बन सकता है। उन्होंने धान और गेहूं के भूसे जैसे कृषि अवशेषों के उपयोग, उत्पादन इकाई स्थापित करने तथा तापमान और आर्द्रता के प्रबंधन की जानकारी दी।
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स्पॉन से लेकर बाजार तक की दी जानकारी
प्रशिक्षण में गुणवत्तापूर्ण स्पॉन के चयन, भूसे के उपचार और पाश्चुरीकरण, बैग तैयार करने, स्पॉनिंग, फलन तथा कीट एवं रोग प्रबंधन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मशरूम के प्रसंस्करण और उससे पाउडर, अचार व नमकीन जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की विधि भी बताई। प्रतिभागियों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार से जुड़ने के तरीकों की जानकारी देकर मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।