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Basti News: नाप और तौल कर लीजिए सामान...वजन में भी धोखा
Tue, 29 Oct 2024 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 29 Oct 2024 01:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यदि आप दुकानदार पर भरोसा कर आंख मूंदकर सामान खरीद रहे हैं तो सावधान हो जाइए। चाहे पैकेट बंद सामान खरीद रहे हों या खुले में बिक रहा सामान ले रहे हों। वजन को लेकर चौकन्ना नहीं रहे तो चूना लगते देर नहीं लगेगी।
कारण यह कि पैकेट बंद सामानों में आजकल लिखे वजन से कम सामान आ रहा है। खुले में बिकने वाले सामान की तौल करने में चालाकी सामने आ रही है।
पिछले दिनों बाट माप विभाग की टीम ने जांच की तो जिले के 184 दुकानदार ऐसे पाए गए जिनके तराजू-बाट में खोट थी।
यही नहीं, हाल में पैकेट बंद सामान में भी घटतौली के मामले सामने आ चुके हैं। शहर के सिविल लाइंस की एक दुकान पर भूअर निवासी शिवमूर्ति ने पांच किलो आटे का पैकेट खरीदा। उस पर मोटे अक्षरों में लालरंग के पेंट से लिखा था कि वजन पांच केजी...।
दुकानदार के काउंटर पर रखे इलेक्ट्रानिक तराजू पर पैकेट रख दिए। तराजू के डिस्प्ले पर नजर पड़ते ही चौंक गए। असल में पांच किलो की जगह पैकेट का वजन 4.925 किलो ही निकला। यानी 75 ग्राम आटा कम था। चूंकि वह पैकेट फैक्टरी से पैक था, इसलिए दुकानदार की भी गलती नहीं ठहरा सकते थे।
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पिछली दिवाली की तुलना में इस बार वस्तुओं के बढ़े दाम से उपभोक्ता वैसे ही बेहाल हैं। ऊपर से वस्तुओं की घटतौली कटे पर नमक छिड़कने के बराबर साबित हो रही है।
बाट माप विभाग की कार्रवाई का आंकड़ा देखें तो किराने के सामानों में सबसे ज्यादा घटतौली पकड़ी गई है। पैकेट बंद आटा, बिस्कुट आदि भी रैपर पर लिखे वजन से कम मिल रहे हैं।
बाट माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक आदित्य किशोर ने बताया कि सभी दुकानों पर बाट-माप का साल में एक बार मुद्रांकन करवाना जरूरी होता है। इसके लिए उपकरणों की संख्या व उपयोगिता के आधार पर 375 रुपये व उससे अधिक का शुल्क निर्धारित किया गया है। बताया कि बाट माप के निरीक्षण के लिए जिले में कुल 17 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं, जो दुकानों का निरीक्षण कर कार्रवाई करते हैं।
बाट माप विभाग के वरिष्ठ सहायक कौशिक चौधरी के अनुसार पीसीआर यानी पैकैज्ड कमोडिटीज़ रूल्स 2011 के तहत सीलबंद पैकेट पर निर्माण व एक्सपायरी डेट के अलावा रेट प्रिंट अनिवार्य है।
बाट-माप विभाग न अक्तूबर माह तक 937 दुकानों का निरीक्षण किया। 184 दुकानों पर खामियां पाई हैं। उनसे कुल 46 लाख 68 हजार रुपये जुर्माना व राजस्व की वसूली की गई है। इस अभियान के तहत जिले में कुल 184 दुकानदार ऐसे मिले जिनके बाट-माप या तो मानक के अनुसार नहीं पाए गए या फिर उन्होंने अपने बाट-माप का मुद्रांकन नहीं कराया था। ं
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बस्ती। यदि आप दुकानदार पर भरोसा कर आंख मूंदकर सामान खरीद रहे हैं तो सावधान हो जाइए। चाहे पैकेट बंद सामान खरीद रहे हों या खुले में बिक रहा सामान ले रहे हों। वजन को लेकर चौकन्ना नहीं रहे तो चूना लगते देर नहीं लगेगी।
कारण यह कि पैकेट बंद सामानों में आजकल लिखे वजन से कम सामान आ रहा है। खुले में बिकने वाले सामान की तौल करने में चालाकी सामने आ रही है।
पिछले दिनों बाट माप विभाग की टीम ने जांच की तो जिले के 184 दुकानदार ऐसे पाए गए जिनके तराजू-बाट में खोट थी।
यही नहीं, हाल में पैकेट बंद सामान में भी घटतौली के मामले सामने आ चुके हैं। शहर के सिविल लाइंस की एक दुकान पर भूअर निवासी शिवमूर्ति ने पांच किलो आटे का पैकेट खरीदा। उस पर मोटे अक्षरों में लालरंग के पेंट से लिखा था कि वजन पांच केजी...।
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दुकानदार के काउंटर पर रखे इलेक्ट्रानिक तराजू पर पैकेट रख दिए। तराजू के डिस्प्ले पर नजर पड़ते ही चौंक गए। असल में पांच किलो की जगह पैकेट का वजन 4.925 किलो ही निकला। यानी 75 ग्राम आटा कम था। चूंकि वह पैकेट फैक्टरी से पैक था, इसलिए दुकानदार की भी गलती नहीं ठहरा सकते थे।
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पिछली दिवाली की तुलना में इस बार वस्तुओं के बढ़े दाम से उपभोक्ता वैसे ही बेहाल हैं। ऊपर से वस्तुओं की घटतौली कटे पर नमक छिड़कने के बराबर साबित हो रही है।
बाट माप विभाग की कार्रवाई का आंकड़ा देखें तो किराने के सामानों में सबसे ज्यादा घटतौली पकड़ी गई है। पैकेट बंद आटा, बिस्कुट आदि भी रैपर पर लिखे वजन से कम मिल रहे हैं।
बाट माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक आदित्य किशोर ने बताया कि सभी दुकानों पर बाट-माप का साल में एक बार मुद्रांकन करवाना जरूरी होता है। इसके लिए उपकरणों की संख्या व उपयोगिता के आधार पर 375 रुपये व उससे अधिक का शुल्क निर्धारित किया गया है। बताया कि बाट माप के निरीक्षण के लिए जिले में कुल 17 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं, जो दुकानों का निरीक्षण कर कार्रवाई करते हैं।
बाट माप विभाग के वरिष्ठ सहायक कौशिक चौधरी के अनुसार पीसीआर यानी पैकैज्ड कमोडिटीज़ रूल्स 2011 के तहत सीलबंद पैकेट पर निर्माण व एक्सपायरी डेट के अलावा रेट प्रिंट अनिवार्य है।
बाट-माप विभाग न अक्तूबर माह तक 937 दुकानों का निरीक्षण किया। 184 दुकानों पर खामियां पाई हैं। उनसे कुल 46 लाख 68 हजार रुपये जुर्माना व राजस्व की वसूली की गई है। इस अभियान के तहत जिले में कुल 184 दुकानदार ऐसे मिले जिनके बाट-माप या तो मानक के अनुसार नहीं पाए गए या फिर उन्होंने अपने बाट-माप का मुद्रांकन नहीं कराया था। ं