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एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की कक्षाओं के संचालन को मिली अनुमति
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महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज : प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रथम वर्ष की कक्षाओं का संचालन शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की कक्षाओं के संचालन के लिए नेशनल मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने अनुमति दे दी है। इसके साथ द्वितीय वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई। वहीं प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मंगलवार से पढ़ाई भी शुरू हो गई। प्राचार्य डॉ. नवनीत ने सभी प्रोफेसरों से दायित्व निर्वहन के निर्देश दिए हैं।
जिले में मेडिकल कालेज की कवायद कई वर्ष पहले शुरू हुई, मगर इसका क्रियान्वयन वर्ष 2016 से शुरू हुआ। इसके बाद ओपेक चिकित्सालय कैली के निकट रामपुर गांव मे जमीन अधिग्रहीत कर काम शुरू हो गया। शुरूआती दौर में जिला अस्पताल को मेडिकल कालेज से संबद्ध किया गया था, मगर सर्वे के बाद केंद्रीय टीम ने ओपेक चिकित्सालय कैली से संबद्धता दे दी। इसके बाद ओपेक चिकित्सालय को ओपीडी व अन्य चिकित्सालय कार्य के लिए प्रयोग करने की योजना बनी। मेडिकल कॉलेज रामपुर में प्रशासनिक भवन व एमबीबीएस के छात्रों की पढ़ाई व हास्टल के लिए निर्धारित किया गया। वर्ष 2019 में यहां पहली बार नीट से उत्तीर्ण एक सौ छात्रों ने तब प्रवेश लिया जब मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया ने सर्वे के बाद इसके संचालन को हरी झंडी दी। वर्ष भर एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद दूसरे वर्ष के लिए नेशनल मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया ने सर्वे किया और कक्षाओं के संचालन व द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम के संचालन को अनुमति मिल गई।
प्राचार्य डॉ.नवनीत कुमार ने बताया कि एनएमसी (नेशनल मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया) ने एमबीबीएस द्वितीय वर्ष में कक्षाओं के संचालन की अनुमति दे दी है। जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर कक्षाएं संचालित कराई जाएंगी। वहीं एमबीबीएस प्रथम वर्ष में कक्षाओं का संचालन मंगलवार से शुरू हो गया। सभी प्रोफेसरों को दायित्व निर्वहन के निर्देश दिए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की कक्षाओं के संचालन के लिए नेशनल मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने अनुमति दे दी है। इसके साथ द्वितीय वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई। वहीं प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मंगलवार से पढ़ाई भी शुरू हो गई। प्राचार्य डॉ. नवनीत ने सभी प्रोफेसरों से दायित्व निर्वहन के निर्देश दिए हैं।
जिले में मेडिकल कालेज की कवायद कई वर्ष पहले शुरू हुई, मगर इसका क्रियान्वयन वर्ष 2016 से शुरू हुआ। इसके बाद ओपेक चिकित्सालय कैली के निकट रामपुर गांव मे जमीन अधिग्रहीत कर काम शुरू हो गया। शुरूआती दौर में जिला अस्पताल को मेडिकल कालेज से संबद्ध किया गया था, मगर सर्वे के बाद केंद्रीय टीम ने ओपेक चिकित्सालय कैली से संबद्धता दे दी। इसके बाद ओपेक चिकित्सालय को ओपीडी व अन्य चिकित्सालय कार्य के लिए प्रयोग करने की योजना बनी। मेडिकल कॉलेज रामपुर में प्रशासनिक भवन व एमबीबीएस के छात्रों की पढ़ाई व हास्टल के लिए निर्धारित किया गया। वर्ष 2019 में यहां पहली बार नीट से उत्तीर्ण एक सौ छात्रों ने तब प्रवेश लिया जब मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया ने सर्वे के बाद इसके संचालन को हरी झंडी दी। वर्ष भर एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद दूसरे वर्ष के लिए नेशनल मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया ने सर्वे किया और कक्षाओं के संचालन व द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम के संचालन को अनुमति मिल गई।
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प्राचार्य डॉ.नवनीत कुमार ने बताया कि एनएमसी (नेशनल मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया) ने एमबीबीएस द्वितीय वर्ष में कक्षाओं के संचालन की अनुमति दे दी है। जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर कक्षाएं संचालित कराई जाएंगी। वहीं एमबीबीएस प्रथम वर्ष में कक्षाओं का संचालन मंगलवार से शुरू हो गया। सभी प्रोफेसरों को दायित्व निर्वहन के निर्देश दिए गए हैं।
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