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Basti News: रिश्ते को जीने की ख्वाहिश में जान गंवा बैठी माया
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कार्य स्थल पर मित्रता के बाद अफेयर, लिव इन और शादी...। कहने के लिए तो यह सब सामान्य लगता है लेकिन मुंडेरवा थानाक्षेत्र के पकरी चंदा निवासी माया गोंड को इसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। अफेयर और लिव इन में रहने के बाद भी सिपाही गामा उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। मगर वह इस रिश्ते को अंजाम तक पहुंचाना चाहती थी।
माया का हत्यारोपी पति गामा ने जेल भेजे जाने से पहले बताया कि उसकी शादी जबरदस्ती कराई गई। मगर माया के परिवार के लोगों का कहना है कि दोनों ने खुद शादी का फैसला लिया था। दोनों के परिवार के लोग इस शादी के खिलाफ थेए लेकिन माया ने ठान लिया था। यही वजह है कि शादी के बाद भूअर निरंजनपुर में दूसरा कमरा लेने के बावजूद उनके बीच लड़ाई बंद नहीं हुई थी। माया के पिता गिरधारी लाल गोंड व भाई रवि बताते हैं कि वे लोग शुरू से नहीं चाहते थे कि माया सिपाही से शादी करें।
मगर दोनों ने जिद करके ऐसा किया। कहा कि उसे पहले से शक था कि उसकी बहन के साथ गामा निषाद निभा नहीं पाएगा। उन लोगों का कहना है कि सिपाही को कड़ी सजा मिले तो कलेजे को ठंडक पहुंचे।
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बता दें कि सोमवार की रात कोतवाली क्षेत्र के भूअर निरंजनपुर में किराए के मकान में रहने वाले सिपाही गामा निषाद ने अपनी पत्नी को सब्जी काटने वाले चाकू से छलनी करके मार डाला था। मुंडेरवा थानाक्षेत्र के पकरीचंदा दूबे गांव निवासी माया गोंड से उसने 29 जुलाई को शादी किया था।
माया करीब तीन वर्ष से न्यायालय में आउटसोर्सिंग आधार पर डाटा इंट्री ऑपरेटर के तौर पर काम कर रही थी। विभागीय कार्य से वहां जनपदीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो डीसीआरबी में तैनात कांस्टेबल गामा निषाद अक्सर आना-जाना रहता था। पुलिस के मुताबिक इस दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गया। काफी समय तक लिव इन में रहने के बाद दोनों ने शादी कर ली थी।
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बस्ती। कार्य स्थल पर मित्रता के बाद अफेयर, लिव इन और शादी...। कहने के लिए तो यह सब सामान्य लगता है लेकिन मुंडेरवा थानाक्षेत्र के पकरी चंदा निवासी माया गोंड को इसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। अफेयर और लिव इन में रहने के बाद भी सिपाही गामा उससे पीछा छुड़ाना चाहता था। मगर वह इस रिश्ते को अंजाम तक पहुंचाना चाहती थी।
माया का हत्यारोपी पति गामा ने जेल भेजे जाने से पहले बताया कि उसकी शादी जबरदस्ती कराई गई। मगर माया के परिवार के लोगों का कहना है कि दोनों ने खुद शादी का फैसला लिया था। दोनों के परिवार के लोग इस शादी के खिलाफ थेए लेकिन माया ने ठान लिया था। यही वजह है कि शादी के बाद भूअर निरंजनपुर में दूसरा कमरा लेने के बावजूद उनके बीच लड़ाई बंद नहीं हुई थी। माया के पिता गिरधारी लाल गोंड व भाई रवि बताते हैं कि वे लोग शुरू से नहीं चाहते थे कि माया सिपाही से शादी करें।
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मगर दोनों ने जिद करके ऐसा किया। कहा कि उसे पहले से शक था कि उसकी बहन के साथ गामा निषाद निभा नहीं पाएगा। उन लोगों का कहना है कि सिपाही को कड़ी सजा मिले तो कलेजे को ठंडक पहुंचे।
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बता दें कि सोमवार की रात कोतवाली क्षेत्र के भूअर निरंजनपुर में किराए के मकान में रहने वाले सिपाही गामा निषाद ने अपनी पत्नी को सब्जी काटने वाले चाकू से छलनी करके मार डाला था। मुंडेरवा थानाक्षेत्र के पकरीचंदा दूबे गांव निवासी माया गोंड से उसने 29 जुलाई को शादी किया था।
माया करीब तीन वर्ष से न्यायालय में आउटसोर्सिंग आधार पर डाटा इंट्री ऑपरेटर के तौर पर काम कर रही थी। विभागीय कार्य से वहां जनपदीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो डीसीआरबी में तैनात कांस्टेबल गामा निषाद अक्सर आना-जाना रहता था। पुलिस के मुताबिक इस दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गया। काफी समय तक लिव इन में रहने के बाद दोनों ने शादी कर ली थी।