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Basti News: दुर्गा पूजा के लिए मास्टर प्लान तैयार, पांच जोन और 12 सेक्टर में बंटेगा शहर
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बस्ती। पूर्वांचल के बढ़े धार्मिक आयोजनों में शुमार बस्ती के दुर्गा पूजा समारोह को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। शहरी क्षेत्र के 10 किमी दायरे को सुरक्षा घेरा में लिया जाएगा। समूचे क्षेत्र को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया है। सर्वाधिक भीड़ वाले कंपनीबाग से अमहट घाट के हिस्से को सुपर जोन बनाया गया है। मेले की सुरक्षा में 1186 पुलिस बल और एक प्लाटून पीएसी हर समय मुस्तैद रहेगी।
मंडल मुख्यालय पर दुर्गा पूजा समारोह शुरू होने में अभी पांच दिन और बचे हैं। शहरी क्षेत्र में नवरात्र सप्तमी के दिन पंडालों में देवी की प्रतिमाएं विराजमान होंगी। इसी के बाद से यह उत्सव अपने भव्यता को छूने लगेगा। पुलिस का अनुमान है कि दशमी को ग्रामीण अंचल का दुर्गा पूजा समारोह समाप्त होने के बाद शहरी क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाएगी।
इसके बाद पूर्णिमा के दिन तक यहां लगने वाले मेले में रोजाना पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। यह उत्सव सकुशल कराने के लिए पुलिस पहले से ही अलर्ट हो गई है। पुलिस ने एक-एक पूजा पंडाल का ब्योरा जुटाया है।
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शहरी क्षेत्र के कोतवाली, पुरानी बस्ती और नगर थाना क्षेत्र में इस बार 667 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। इनके दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। 20 से 26-27 अक्तूबर तक मेले की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। पुलिस तीसरी आंख की मदद से समूचे मेला क्षेत्र पर नजर रखेगी। मेला क्षेत्र में हेड टू टेल निगरानी के लिए 1389 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए जा रहे हैं। इसके लिए दो कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है।
पुलिस लाइन और अमहट घाट पर कंट्रोल रूम की स्थापना होगी। सुरक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण सुपर जोन कंपनीबाग से लेकर अमहट घाट तक चिह्नित किया गया है। इस जोन में एएसपी स्तर के अफसर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। जबकि चैनपुर से दक्षिण दरवाजा, अस्पताल से रोडवेज, रोडवेज से कंपनीबाग और वहां से मूड़घाट तक चार अलग जोन बनाए गए हैं।
यहां सुरक्षा की कमान सीओ स्तर के अधिकारी संभालेंगे। इसके अलावा 12 सेक्टर बनाए गए हैं। एक जोन में तीन सेक्टर शामिल हैं। सेक्टर में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। जोन और सेक्टर के सभी इंचार्ज अधिकारी कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े रहेंगे। इन्हें संबंधित क्षेत्र में यदि असामान्य गतिविधि नजर आएगी तो तत्काल उसकी जानकारी दी जाएगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शहरी क्षेत्र के दुर्गा पूजा मेले की सुरक्षा में इस बार 1186 पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। इसके लिए सीओ, इंस्पेक्टर और उपनिरीक्षक स्तर के कुछ पुलिस अधिकारी गैर जनपद से भी बुलाए गए हैं। मेले की सुरक्षा में दो एएसपी, सात सीओ, 34 इंस्पेक्टर, 158 उपनिरीक्षक, छह महिला उपनिरीक्षक, 144 महिला आरक्षी, 745 पुरुष आरक्षी, 15 टीएसआई, 75 यातायात पुलिस, तीन फायर टीम, एक कंपनी पीएसी और एक क्रेन की व्यवस्था की गई है।
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विसर्जन के दिन रहेंगी खास व्यवस्था
शहरी क्षेत्र में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्णिमा के दिन 26 अक्तूबर की रात से शुरू होगा। ज्यादातर प्रतिमाओं का विसर्जन शहर से सटे कुआनो नदी के अमहट घाट पर किया जाता है। विसर्जन के दिन सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। विसर्जन जुलूस की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। पुलिस के अनुसार, यहां 667 में से 643 प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। 24 मूर्तियां स्थायी होने के कारण विसर्जित नहीं होती हैं। अमहट घाट पर प्रशासन की तरफ से प्रदूषण मुक्त विसर्जन की व्यवस्था की गई है। मूर्तियों के विसर्जन के लिए नदी के तट पर बड़े आकार के गड्ढे तैयार किए जाएंगे। इसमें मूर्तियों को रखने के लिए पांच क्रेन मशीन लगाई जाएगी। इसके अलावा अमहट घाट पर एक मोटर बोट, 10 नाव, चार गोताखोर की भी व्यवस्था की गई है। विसर्जन के समय दो ड्रोन कैमरे से पूरे अमहट क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। पुलिस की तरफ से यहां विसर्जित होने वाली प्रत्येक प्रतिमा के गणना की भी व्यवस्था की गई है।
विसर्जन स्थल तक नहीं जाएगा डीजे
इस बार डीजे संचालकों पर पुलिस ने काफी सख्ती की है। संचालकों से पुलिस निर्धारित शर्तनामा का प्रपत्र भरवा रही है। इसमें संचालक को बाध्य किया जा रहा कि वह समारोह के दौरान मानक से अधिक तीव्र ध्वनि में डीजे नहीं बजाएंगे। इसके अलावा विसर्जन यात्रा के दौरान अमहट घाट तक नहीं जाएंगे। इस बार कंपनीबाग चौराहे से ही डीजे लदे वाहन को फब्बारा तिराहा के रास्ते डायवर्ट कर दिया जाएगा। कंपनीबाग से आगे केवल मूर्ति लदे वाहन ही अमहट की तरफ जाएंगे। वहीं कटरा क्षेत्र से आने वाली मूर्तियों के साथ चल रहे डीजे को शास्त्री चौक से लौटा दिया जाएगा। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर संबंधित डीजे संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कोट:::
दुर्गा पूजा समारोह को लेकर सुरक्षा की सभी तैयारियां चाक-चौबंद कर ली गई हैं। इस बार सुर्तीहट्टा में सुरंग आकार का पंडाल नहीं बनाने पर आयोजन समिति ने सहमति जताई है। मेला से लेकर विसर्जन यात्रा तक पर्याप्त फोर्स की तैनाती रहेगी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी। श्रद्धालुओं में असुरक्षा का भाव नहीं पैदा होने दिया जाएगा। -श्यामकांत, एएसपी।
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मंडल मुख्यालय पर दुर्गा पूजा समारोह शुरू होने में अभी पांच दिन और बचे हैं। शहरी क्षेत्र में नवरात्र सप्तमी के दिन पंडालों में देवी की प्रतिमाएं विराजमान होंगी। इसी के बाद से यह उत्सव अपने भव्यता को छूने लगेगा। पुलिस का अनुमान है कि दशमी को ग्रामीण अंचल का दुर्गा पूजा समारोह समाप्त होने के बाद शहरी क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाएगी।
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इसके बाद पूर्णिमा के दिन तक यहां लगने वाले मेले में रोजाना पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। यह उत्सव सकुशल कराने के लिए पुलिस पहले से ही अलर्ट हो गई है। पुलिस ने एक-एक पूजा पंडाल का ब्योरा जुटाया है।
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शहरी क्षेत्र के कोतवाली, पुरानी बस्ती और नगर थाना क्षेत्र में इस बार 667 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। इनके दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। 20 से 26-27 अक्तूबर तक मेले की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। पुलिस तीसरी आंख की मदद से समूचे मेला क्षेत्र पर नजर रखेगी। मेला क्षेत्र में हेड टू टेल निगरानी के लिए 1389 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए जा रहे हैं। इसके लिए दो कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है।
पुलिस लाइन और अमहट घाट पर कंट्रोल रूम की स्थापना होगी। सुरक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण सुपर जोन कंपनीबाग से लेकर अमहट घाट तक चिह्नित किया गया है। इस जोन में एएसपी स्तर के अफसर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। जबकि चैनपुर से दक्षिण दरवाजा, अस्पताल से रोडवेज, रोडवेज से कंपनीबाग और वहां से मूड़घाट तक चार अलग जोन बनाए गए हैं।
यहां सुरक्षा की कमान सीओ स्तर के अधिकारी संभालेंगे। इसके अलावा 12 सेक्टर बनाए गए हैं। एक जोन में तीन सेक्टर शामिल हैं। सेक्टर में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। जोन और सेक्टर के सभी इंचार्ज अधिकारी कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े रहेंगे। इन्हें संबंधित क्षेत्र में यदि असामान्य गतिविधि नजर आएगी तो तत्काल उसकी जानकारी दी जाएगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शहरी क्षेत्र के दुर्गा पूजा मेले की सुरक्षा में इस बार 1186 पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। इसके लिए सीओ, इंस्पेक्टर और उपनिरीक्षक स्तर के कुछ पुलिस अधिकारी गैर जनपद से भी बुलाए गए हैं। मेले की सुरक्षा में दो एएसपी, सात सीओ, 34 इंस्पेक्टर, 158 उपनिरीक्षक, छह महिला उपनिरीक्षक, 144 महिला आरक्षी, 745 पुरुष आरक्षी, 15 टीएसआई, 75 यातायात पुलिस, तीन फायर टीम, एक कंपनी पीएसी और एक क्रेन की व्यवस्था की गई है।
विसर्जन के दिन रहेंगी खास व्यवस्था
शहरी क्षेत्र में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्णिमा के दिन 26 अक्तूबर की रात से शुरू होगा। ज्यादातर प्रतिमाओं का विसर्जन शहर से सटे कुआनो नदी के अमहट घाट पर किया जाता है। विसर्जन के दिन सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। विसर्जन जुलूस की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। पुलिस के अनुसार, यहां 667 में से 643 प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। 24 मूर्तियां स्थायी होने के कारण विसर्जित नहीं होती हैं। अमहट घाट पर प्रशासन की तरफ से प्रदूषण मुक्त विसर्जन की व्यवस्था की गई है। मूर्तियों के विसर्जन के लिए नदी के तट पर बड़े आकार के गड्ढे तैयार किए जाएंगे। इसमें मूर्तियों को रखने के लिए पांच क्रेन मशीन लगाई जाएगी। इसके अलावा अमहट घाट पर एक मोटर बोट, 10 नाव, चार गोताखोर की भी व्यवस्था की गई है। विसर्जन के समय दो ड्रोन कैमरे से पूरे अमहट क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। पुलिस की तरफ से यहां विसर्जित होने वाली प्रत्येक प्रतिमा के गणना की भी व्यवस्था की गई है।
विसर्जन स्थल तक नहीं जाएगा डीजे
इस बार डीजे संचालकों पर पुलिस ने काफी सख्ती की है। संचालकों से पुलिस निर्धारित शर्तनामा का प्रपत्र भरवा रही है। इसमें संचालक को बाध्य किया जा रहा कि वह समारोह के दौरान मानक से अधिक तीव्र ध्वनि में डीजे नहीं बजाएंगे। इसके अलावा विसर्जन यात्रा के दौरान अमहट घाट तक नहीं जाएंगे। इस बार कंपनीबाग चौराहे से ही डीजे लदे वाहन को फब्बारा तिराहा के रास्ते डायवर्ट कर दिया जाएगा। कंपनीबाग से आगे केवल मूर्ति लदे वाहन ही अमहट की तरफ जाएंगे। वहीं कटरा क्षेत्र से आने वाली मूर्तियों के साथ चल रहे डीजे को शास्त्री चौक से लौटा दिया जाएगा। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर संबंधित डीजे संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कोट:::
दुर्गा पूजा समारोह को लेकर सुरक्षा की सभी तैयारियां चाक-चौबंद कर ली गई हैं। इस बार सुर्तीहट्टा में सुरंग आकार का पंडाल नहीं बनाने पर आयोजन समिति ने सहमति जताई है। मेला से लेकर विसर्जन यात्रा तक पर्याप्त फोर्स की तैनाती रहेगी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी। श्रद्धालुओं में असुरक्षा का भाव नहीं पैदा होने दिया जाएगा। -श्यामकांत, एएसपी।