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जर्जर भवनों में चल रहे कई आंगनबाड़ी केंद्र

Sun, 17 Oct 2021 12:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Oct 2021 12:06 AM IST
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many aaganbari centre was running in bad bulding
जर्जर भवनों में चल रहे कई आंगनबाड़ी केंद्र
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- खुद बाल विकास परियोजना कार्यालय भी चल रहा है ब्लॉक के उधार के कमरे में
- पड़ताल में मूलभूत सुविधाओं से वंचित मिले कई केंद्र, कई की खिड़कियां टूटीं
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। दुबौलिया ब्लॉक में कई आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हो चुके भवन में चल रहे हैं। उसमें भी मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय व बिजली का अभाव है। जानकर हैरानी होगी कि इन आंगनबाड़ी केंद्रों के सही तरीके से संचालन के लिए स्थापित बाल विकास परियोजना का कार्यालय भी ब्लॉक मुख्यालय के उधार के कमरे में चल रहा है।
दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र में कुल 109 केंद्र संचालित हो रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल में पता चला कि पदमापुर केंद्र का भवन बनने के बाद आज तक हैंडओवर ही नहीं किया गया। जब कि इस भवन की खिड़कियां टूट गई हैं। फर्श भी टूट गया है। यहां बच्चे बगल के स्कूल में पढ़ते हैं। वहीं, ग्राम पंचायत भरूकहवा में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के बाद हैंडओवर नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत अशोकपुर के सतहा में बना आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल हो गया है। तो शुकुलपुरा, लारा आदि आंगनबाड़ी केंद्र आंगनबाड़ी भवन न होने के कारण प्राथमिक स्कूलों से संचालित हो रहे है वहीं, कुछ ग्राम पंचायतों में भवन अभी हैंडओवर नहीं हुए हैं। गंभीर तो यह कि स्वयं बाल विकास परियोजना का कार्यालय दुबौलिया ब्लॉक कार्यालय में बने एक कक्ष में संचालित हो रहा है। गौरतलब है कि 2007 में इस ब्लॉक में बाल विकास परियोजना को कप्तानगंज ब्लाक से अलग कर शुरू किया गया। तब से लेकर आज तक जमीन की दरकार को लेकर इस विभाग को अपना ही भवन नसीब नहीं हुआ। 2012 में दर-दर भटक रहा यह कार्यालय तत्कालीन सीडीपीओ व तत्कालीन डीएम के आदेश पर ब्लॉक कैंपस के एक कक्ष में संचालित होने लगा। इस कक्ष की भी खिड़कियां टूट गई हैं। हैंडपंप दूषित जल दे रहा है तो फर्श भी टूट गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों को संचालित करने के लिए वर्तमान में एक प्रभारी सीडीपीओ व एक सुपरवाइजर तथा चपरासी की तैनाती है। सीडीपीओ विभागीय कार्य से अगर बाहर रहती हैं, तो सुपरवाइजर क्षेत्र में तो यह कार्यालय चपरासी के सहारे ही चलता है। वहीं, करीब आधा दर्जन आंगनबाड़ी केंद्र रिक्त चल रहे हैं।
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प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी रीता राय ने बताया कि केंद्रों के संचालन की जानकारी लगातार ली जाती है, जहां सुविधाएं नहीं हैं, वहां के लिए उच्चाधिकारी को अवगत कराया गया है। बाल विकास परियोजनाओं का कार्यालय ब्लाक कैंपस में है। इसकी भी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। जहां तक भवनों के हैंडओवर की बात व गुणवत्ता की है, तो उसकी जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
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