फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   manrega digging work done by jcb

पोर्टल पर शिकायत, मनरेगा का कार्य जेसीबी से

Thu, 02 Aug 2018 12:03 AM IST
basti
basti Updated Thu, 02 Aug 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
manrega digging work done by jcb
मनरेगा का काम जेसीबी से कराया जा रहा। - फोटो : amar ujala
कुदरहा। ब्लॉक के परसांव ग्राम पंचायत में मनरेगा का काम जेसीबी से कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद डीएम डॉ. राजशेखर ने बीडीओ को मामले की जांच सौंप कर तीन दिन में आख्या मांगी थी, मगर समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। 
विज्ञापन

परसांव ग्राम पंचायत के मनरेगा मजदूरों को रोजगार देने के लिए आठ परियोजनाएं स्वीकृत की गईं थीं। जिन में छोटी पुलिया से बड़ी पुलिया, विशुनपुर गांव के पूरब नाली खुदाई, पिच रोड से नाली निर्माण, कलाम के घर से पुलिया तक नाली निर्माण, विशुनपुरवा के पश्चिम तालाब खुदाई, छविलाल के खेत के बगल तालाब खुदाई, यशवंत के बाग के बगल तालाब की खुदाई और परसांव के पश्चिम से संतकुमार के घर तक सड़क निर्माण का काम 31 जुलाई तक पूरा किया जाना था। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए मजदूर नहीं लगाए गए। ग्राम पंचायत मस्टररोल की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने का इंतजार करती रही, जब छह दिन शेष रह गया तब विशुनपुरा की सड़क और परसांव के पश्चिम पोखरे पर जेसीबी लगाकर काम कराने की रस्म अदायगी कर दी गई। इसकी शिकायत विशुनपुरा निवासी रमेश तिवारी ने पोर्टल पर की।  शिकायत में कहा है कि अब बगैर मजदूरों से काम कराये ही उनके खातों में मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा, फिर उन्हें दस प्रतिशत देकर शेष धन की वसूली कर ली जाएगी। सरकारी धन की बंदरबांट का यह रास्ता लंबे समय से अपनाया जा रहा है। मजदूरों को पता ही नहीं रहता है कि वह कागज में कहां काम कर रहे हैं। इस शिकायत को डीएम ने गंभीरता से लेते हुए जांच बीडीओ संजय कुमार नायक को दी है। बीडीओ ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही हैं। जांच आख्या डीएम को शीघ्र दी जाएगी।
विज्ञापन

सीएम पोर्टल को भी जांच अधिकारी दे रहे गच्चा
शिकायत रसोइया चयन की, बना दिया मानदेय का मामला       
अभिलेख में हेराफेरी, खलिहान की जमीन पर बना मकान             
अमर उजाला ब्यूरो       
कुदरहा। सीएम पोर्टल की हनक अधिकारियों की नींद उड़ा रहा था। यह तो अब कल की बात हो गई है। क्योंकि तमाम अधिकारी इस पोर्टल की गंभीरता को भी गच्चा दे रहे हैं। शिकायत की तह में जाने के बजाय मामलों में अपने तरीके से लीपापोती कर गलत सूचनाएं दे देते हैं।        
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम पोर्टल की शिकायत की बात शुरू करते हैं बारीघाट गांव से। इस गांव की अनारा ने पोर्टल पर 20 जून 2018 को शिकायत की कि गांव के नक्शे में गाटा संख्या 58 खलिहान के रूप में दर्ज है। जिसका उपयोग गांव के लोग सार्वजनिक तौर पर कर रहे थे। उसी जमीन को ग्राम प्रधान गुजराती ने राजस्व अभिलेखों में कूटरचित ढंग से तथ्यों को छिपाकर आबादी घोषित करा लिया है। अब उसी पर कब्जा कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। यह सार्वजनिक हित के खिलाफ है। इस शिकायत की जांच लेखपाल और कानूनगो से की। जांच टीम ने अपनी आख्या में यह दर्ज किया कि उक्त गाटा में चार एयर जमीन अभिलेखों में दर्ज है। शेष 785 एयर जमीन ग्राम पंचायत खाते में अंकित है। जो आबादी घोषित किया जा चुका है। इसी जांच को एसडीएम ने सही मानते हुए शिकायत का निस्तारण कर दिया। निस्तारण की भनक जब शिकायतकर्ता को हुई तो उसने अभिलेखों की नकल निकाली। आकार पत्र 41 में 244 एयर जमीन जिसका गाटा संख्या 58 है खलिहान के रूप में दर्ज पाया गया। यही नहीं आकार पत्र 45 में भी उक्त गाटा खलिहान के रूप में है। उक्त जमीन को हड़पने के लिए पूरी साजिश की गई। तत्कालीन एसडीएम के कोर्ट में मुकदमा पंजीकृत करा तथ्यों को छिपा कर खलिहान को आबादी दिखाया। इसी पर मकान का निर्माण किया जाना बताया गया। इस प्रकरण में तहसीलदार सदर अनिल कुमार रस्तोगी ने बताया कि खलिहान की जमीन को आबादी नहीं घोषित किया जा सकता। यदि ऐसा हुआ है तो गलत किया गया है। इसे तथ्यों के आधार पर खारिज कर जमीन खाली करा दी जाएगी।       

इसी क्रम में पोर्टल पर शिकायत के एक अन्य मामले में ब्लॉक क्षेत्र के परसांव गांव की सरोजा ने शिकायत दर्ज कराई कि वह दस वर्ष से रसोइया के रूप में प्राथमिक विद्यालय पर तैनात हैं। पिछले सत्र में मानदेय के रूप में पांच हजार रुपये का चेक दिया गया, जिस पर ग्राम प्रधान ने हस्ताक्षर नहीं किए। इसके चलते मानदेय कई माह तक लटका रहा। एक जुलाई को बीएसए से शिकायत दर्ज कराई, फिर इन्हें मानदेय दे दिया गया, लेकिन यह शिकायत भारी पड़ गई। उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया। चयन को लेकर सरोजा ने फिर पोर्टल पर शिकायत की। अपनी पात्रता का भी उन्होंने पूरा प्रमाण देकर चयन की मांग उठाई, मगर बीईओ ने इस पूरे प्रकरण को हेराफेरी कर चयन के जगह मानदेय देेने की बात कर शिकायत को ही निस्तारित कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि पोर्टल पर रसोइया के मानदेय की ही शिकायत की गई थी, जिसे निस्तारित कर दिया गया। फिलहाल, प्रकरण को नए सिरे से जांचा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed