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Basti News: एनजीओ के हाथ होगी गोशालाओं की व्यवस्था
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बस्ती। देखरेख की कमी कहें या फिर ढिलाई अब शासन गोशालाओं को निजी हाथों में देने का फैसला किया है। गोशाला में संरक्षित पशुओं की देखभाल सरकारी कर्मी नहीं, बल्कि अब एनजीओ के कर्मी करते दिखेंगे। इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
जनपद में अभी 63 गोशालाएं संचालित हैं। इसमें 55 गोशाला ग्राम पंचायतों के अधीन हैं। नगर पालिका के अधीन तीन कान्हा गोशाला हैं, वहीं पांच गोशाला जिला पंचायत के अधीन संचालित हैं। यहां 3620 पशु संरक्षित किए गए हैं। अक्सर गोशालाओं में जांच के दौरान अव्यवस्था सामने आती है। कहीं, चारा की कमी तो कहीं-कहीं गंदगी और अन्य खामियां उभर कर सामने आ जाती हैं। इससे विभाग की छवि खराब होती है।
अब इस समस्याओं के निजात के लिए प्रदेश स्तर पर इन गोशालाओं को एनजीओ के अधीन संचालित करने का फैसला किया गया है। विभाग के अनुसार, प्रति पशु 50 रुपये रोजाना मिलता है। इतने रुपये में ही एनजीओ को भी देखरेख करना होगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक एनजीओ और स्वयंसेवी संस्थाएं गोशाला संचालन के लिए संपर्क कर सकते हैं।
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मानक पूरा करने वाले एनजीओ को यह जिम्मेदारी दी जानी है। बताया कि जो एनजीओ गोशाला के संचालन का जिम्मा उठाएंगी उन्हें तय मानक के अनुसार भुगतान किया जाएगा। ग्राम पंचायत, नगर निकाय और जिला पंचायत के अधीन 63 गोशालाएं संचालित हैं।
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जनपद में अभी 63 गोशालाएं संचालित हैं। इसमें 55 गोशाला ग्राम पंचायतों के अधीन हैं। नगर पालिका के अधीन तीन कान्हा गोशाला हैं, वहीं पांच गोशाला जिला पंचायत के अधीन संचालित हैं। यहां 3620 पशु संरक्षित किए गए हैं। अक्सर गोशालाओं में जांच के दौरान अव्यवस्था सामने आती है। कहीं, चारा की कमी तो कहीं-कहीं गंदगी और अन्य खामियां उभर कर सामने आ जाती हैं। इससे विभाग की छवि खराब होती है।
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अब इस समस्याओं के निजात के लिए प्रदेश स्तर पर इन गोशालाओं को एनजीओ के अधीन संचालित करने का फैसला किया गया है। विभाग के अनुसार, प्रति पशु 50 रुपये रोजाना मिलता है। इतने रुपये में ही एनजीओ को भी देखरेख करना होगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक एनजीओ और स्वयंसेवी संस्थाएं गोशाला संचालन के लिए संपर्क कर सकते हैं।
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मानक पूरा करने वाले एनजीओ को यह जिम्मेदारी दी जानी है। बताया कि जो एनजीओ गोशाला के संचालन का जिम्मा उठाएंगी उन्हें तय मानक के अनुसार भुगतान किया जाएगा। ग्राम पंचायत, नगर निकाय और जिला पंचायत के अधीन 63 गोशालाएं संचालित हैं।