{"_id":"5c3a3169bdec22732e1ef739","slug":"mahaprabandhak-inspected-munderwa-sugar-mill","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाप्रबंधक परियोजना ने जांची निर्माण की प्रगति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाप्रबंधक परियोजना ने जांची निर्माण की प्रगति
Sat, 12 Jan 2019 11:56 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 12 Jan 2019 11:56 PM IST
विज्ञापन
मुंडेरवा शुगर मिल का निरीक्षण करते महाप्रबंधक।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंडेरवा। क्षेत्र में स्थापित हो रही मुंडेरवा शुगर मिल के निर्माण की प्रगति जांचने शनिवार को शुगर फेडरेशन के महाप्रबंधक परियोजना एसके मेहरा पहुंचे। यहां जांच-पड़ताल के बाद उन्होंने निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों की बैठक ली। अधिकारियों ने फीडबैक लिया और फिर वे लौट गए। कहा कि फीडबैक का विश्लेषण मुख्यालय पर होगा। इसी आधार पर प्रमुख सचिव मिल चलाने की अनुमानित तिथि घोषित करेंगे।
अमर उजाला में 11 जनवरी को प्रकाशित मार्च मे धुआं निकलने में संदेह को संज्ञान में लेकर चीनी निगम मुख्यालय लखनऊ व शुगर फेडरेशन के अधिकारियों का दौरा शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को महाप्रबंधक परियोजना एसके मेहरा भी पहुंचे। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद पहले बजट में ही शुगर मिल निर्माण के लिये धन दिया गया था। 29 मार्च को शिलान्यास के साथ ही शुगर मिल निर्माण कार्य शुरू हो गया। प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव के पहले तीनों शुगर मिल (मुंडेरवा, पिपराइच तथा रमाला) को किसी भी दशा में चलाना चाहती है। इसको देखते हुए सात मार्च को शुगर मिल चलाने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है, लेकिन कुछ मशीनों के समय से उपलब्ध न होने के कारण इसे चलाने में संशय खड़ा हो गया है। बैठक में मुंडेरवा जीएम आरपी सिंह, पिपराइच के जीएम अम्बिका प्रसाद, कार्यदायी संस्था के सुरेश चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन शुक्ल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इस मौके पर मुख्य अभियंता राजेश गुप्ता, हेमन्त अग्रवाल, नेशनल शुगर फेडरेशन के एसके शेड, मुरलीधर चौधरी, वीरेन्द्र सिंह, सुरेश कुमार चौहान, कुलश्रेष्ठ, जीएम आरपी सिंह, निर्माण इकाई के आरपी सिंह, अरविंद श्रीवास्तव, इरफान उल्लाह सिद्दीकी, विजय सिंह, आशीष त्रिपाठी, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला में 11 जनवरी को प्रकाशित मार्च मे धुआं निकलने में संदेह को संज्ञान में लेकर चीनी निगम मुख्यालय लखनऊ व शुगर फेडरेशन के अधिकारियों का दौरा शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को महाप्रबंधक परियोजना एसके मेहरा भी पहुंचे। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद पहले बजट में ही शुगर मिल निर्माण के लिये धन दिया गया था। 29 मार्च को शिलान्यास के साथ ही शुगर मिल निर्माण कार्य शुरू हो गया। प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव के पहले तीनों शुगर मिल (मुंडेरवा, पिपराइच तथा रमाला) को किसी भी दशा में चलाना चाहती है। इसको देखते हुए सात मार्च को शुगर मिल चलाने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है, लेकिन कुछ मशीनों के समय से उपलब्ध न होने के कारण इसे चलाने में संशय खड़ा हो गया है। बैठक में मुंडेरवा जीएम आरपी सिंह, पिपराइच के जीएम अम्बिका प्रसाद, कार्यदायी संस्था के सुरेश चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन शुक्ल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इस मौके पर मुख्य अभियंता राजेश गुप्ता, हेमन्त अग्रवाल, नेशनल शुगर फेडरेशन के एसके शेड, मुरलीधर चौधरी, वीरेन्द्र सिंह, सुरेश कुमार चौहान, कुलश्रेष्ठ, जीएम आरपी सिंह, निर्माण इकाई के आरपी सिंह, अरविंद श्रीवास्तव, इरफान उल्लाह सिद्दीकी, विजय सिंह, आशीष त्रिपाठी, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन