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Basti News: लॉटरी के धंधेबाजों का अड्डा मलिन बस्ती, निशाने पर रोज कमाने वाले
Fri, 26 May 2023 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 26 May 2023 01:14 AM IST
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बस्ती। ई-लॉटरी का धंधा शहर के किसी पॉश इलाके में नहीं है। धंधेबाजों ने इसका नेटवर्क शहर की मलिन बस्तियों में फैला रखा है। इनके निशाने पर रोज कमाने वाले हैं। मलिन बस्तियों में चलने वाले इस धंधे से गरीब और गरीब भले हो रहे हों मगर इसको संचालित करने वाले लाखों में खेल रहे हैं। शहर के आठ स्थानों पर यह धंधा बेरोक टोक चल रहा है। इसे रोकने वाले भी चुप्पी साधे बैठे हैं।
धंधे से जुड़े सूत्रों की मानें तो अपने शहर में यह धंधा 2014 में रेलवे स्टेशन के निकट शुरू किया गया था, लेकिन अब आन लाइन लॉटरी का नेटवर्क शहर के भटोलवा, चइयाबारी, गांधी नगर के रगड़गंज, कटरा-पतेलवा, नरहरिया, मिश्रौलिया, रेलवे स्टेशन के निकट चाय की दुकान पर तथा रेलवे माल गोदाम के पास से संचालित किया जा रहा है। हर दिन इसमें लाखों रुपये की हार-जीत होती है।
सूत्रों की मानें तो इस पूरे धंधे का सरगना रेलवे स्टेशन माल गोदाम तथा रेलवे स्टेशन के निकट स्थित बीयर की दुकान के पास स्थित चाय पान की दुकान से संचालित करता है। इसी से जुड़कर लोगों ने इससे अकूत धन कमाया है।
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धंधेबाजों की नजर रोज कमाने वालों की जेब पर
गरीबों को लखपति बनाने का सपना दिखा कर खुद की जेब भरने वालों की नजर रोज कमाने वालों की जेब पर रहती है। चूंकि इस खेल में बेहद कम रुपये लगाते हैं। ऐसे में श्रमिक तबके के लोग इससे जुड़ जाते हैं। खबर तो यह भी है कि नए लोगों को फंसाने के लिए उनकी लॉटरी भी कई बार निकाल दी जाती है। खेल के आदती बन चुके लोग हर दिन इसमें अपना भाग्य आजमाते हैं। उनका भाग्य भले ही साथ न दे, मगर धंधेबाज दिन भर में दो से तीन हजार रुपये कमा लेते हैं।
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सरगना लेता है हिस्सा
धंधे से जुड़े एक युवक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि माल गोदाम के पास संचालित आन लाइन लॉटरी का धंधेबाज ही इसका सरगना है। उसी ने लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ रखा है और उनसे इसके संचालन के बदले हिस्सा भी लेता है। सूत्रों की मानें तो यह धंधेबाज इस काले धंधे को संचालित करने के एवज में अच्छी खासी रकम भी खर्च करता है। सब कुछ जानने के बाद भी पुलिस ने चुप्पी साध रखी है।
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बोले एसपी
एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने कहा कि आन लाइन लॉटरी का मामला संज्ञान में आ गया है। इसके लिए टीम बनाकर जांच करा कार्रवाई की जाएगी।
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धंधे से जुड़े सूत्रों की मानें तो अपने शहर में यह धंधा 2014 में रेलवे स्टेशन के निकट शुरू किया गया था, लेकिन अब आन लाइन लॉटरी का नेटवर्क शहर के भटोलवा, चइयाबारी, गांधी नगर के रगड़गंज, कटरा-पतेलवा, नरहरिया, मिश्रौलिया, रेलवे स्टेशन के निकट चाय की दुकान पर तथा रेलवे माल गोदाम के पास से संचालित किया जा रहा है। हर दिन इसमें लाखों रुपये की हार-जीत होती है।
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सूत्रों की मानें तो इस पूरे धंधे का सरगना रेलवे स्टेशन माल गोदाम तथा रेलवे स्टेशन के निकट स्थित बीयर की दुकान के पास स्थित चाय पान की दुकान से संचालित करता है। इसी से जुड़कर लोगों ने इससे अकूत धन कमाया है।
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धंधेबाजों की नजर रोज कमाने वालों की जेब पर
गरीबों को लखपति बनाने का सपना दिखा कर खुद की जेब भरने वालों की नजर रोज कमाने वालों की जेब पर रहती है। चूंकि इस खेल में बेहद कम रुपये लगाते हैं। ऐसे में श्रमिक तबके के लोग इससे जुड़ जाते हैं। खबर तो यह भी है कि नए लोगों को फंसाने के लिए उनकी लॉटरी भी कई बार निकाल दी जाती है। खेल के आदती बन चुके लोग हर दिन इसमें अपना भाग्य आजमाते हैं। उनका भाग्य भले ही साथ न दे, मगर धंधेबाज दिन भर में दो से तीन हजार रुपये कमा लेते हैं।
सरगना लेता है हिस्सा
धंधे से जुड़े एक युवक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि माल गोदाम के पास संचालित आन लाइन लॉटरी का धंधेबाज ही इसका सरगना है। उसी ने लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ रखा है और उनसे इसके संचालन के बदले हिस्सा भी लेता है। सूत्रों की मानें तो यह धंधेबाज इस काले धंधे को संचालित करने के एवज में अच्छी खासी रकम भी खर्च करता है। सब कुछ जानने के बाद भी पुलिस ने चुप्पी साध रखी है।
बोले एसपी
एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने कहा कि आन लाइन लॉटरी का मामला संज्ञान में आ गया है। इसके लिए टीम बनाकर जांच करा कार्रवाई की जाएगी।