फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Life imprisonment for the culprit in the murder

Basti News: प्रेम प्रपंच में हुई हत्या में दोषी को आजीवन कारावास

Thu, 01 Jun 2023 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 01 Jun 2023 12:40 AM IST
विज्ञापन
Life imprisonment for the culprit in the murder
बस्ती। विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी शिवचंद ने हत्या के 20 साल पुराने मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसे 20 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसी मामले में शव छिपाने में सहयोग के आरोपी को भी न्यायालय ने 7 वर्ष की सजा सुनाई गई है। उस पर 5 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। इसे अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन

घटना 13 मार्च 2003 की है। राज्य की तरफ वादी की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि संतकबीर नगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के राउतपार गांव निवासी राम सुख ने दुधारा थाना में तहरीर दी। कहा कि उनका भतीजा अभय कुमार दुधारा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा गोविन्द में निजी तौर पर चिकित्सक के रूप में प्रैक्टिस करता था। कभी-कभार वह अपने क्लीनिक पर रूक भी जाता था। 13 मार्च-2003 को वह साइकिल से दुकान पर पिपरागोविन्द गया था। पूरे दिन वह अपनी क्लीनिक पर थे। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार वह शाम के समय लगभग 7.30 बजे तक दुकान देखे गए थे। 14 मार्च-2003 को समय लगभग 7.00 बजे सुबह ग्राम कोहरियावा के ग्रामीणों ने बताया कि अभय कुमार की लाश अशफाक के गन्ने के खेत में पड़ी है। जानकारी होते ही रामसुख परिवार के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां अशफाक के गन्ने के खेत में उनके भतीजे का शव पड़ा था। शव पर लगे चोट देखने से प्रतीत होता था कि उसे धारदार हथियार से मारा गया है। हत्या कहीं और की गई थी जबकि शव गन्ने के खेत में छिपा दिया गया था। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
विज्ञापन

विवेचना के क्रम में पुलिस को यह तथ्य मिला कि पिपरा गोविंद गांव के पवन कुमार ने यह हत्या की थी, जबकि गांव के ही सुभाग की मदद से शव को गन्ने के खेत में छिपा दिया। हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग उजागर हुआ। इसी लड़की से पवन भी एकतरफा प्यार करता था, मगर लड़की डॉ. अभय को पसंद करती थी। पवन ने डॉ. अभय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और उसकी हत्या कर दी। 16मार्च 2003 को विवेचक ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया। अभियुक्त पवन कुमार उर्फ राजू व राम सुभागे उर्फ टिल्लू के विरुद्ध पुलिस ने न्यायालय आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपी पवन को आजीवन कारावास की सजा दी गई। सुभागे को लाश छिपाने में मददगार मानते हुए कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed