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शिक्षकों को अब नई गाइडलाइन के अनुसार मिलेगी छुट्टी
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शिक्षकों को अब नई गाइडलाइन के अनुसार मिलेगी छुट्टी
चार दिन तक के अवकाश प्रधानाध्यापक करेंगे स्वीकृत
अवकाश देने में देरी और शोषण होने पर बीईओ और बीएसए पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिषदीय विद्यालय में प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को अवकाश लेने के लिए अधिकारियों के शोषण की शिकायत मिलती थी। इसको लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बीएसए को अब नई गाइडलाइन से अवकाश देने के लिए आदेशित किया है। आईवीआरएस में शिक्षकों के अवकाश स्वीकृत करने में अनावश्यक विलंब व शोषण की पुष्टि होने पर बीईओ और बीएसए को उत्तरदायित्व मानते हुए कड़ी कार्रवाई होगी।
नई गाइडलाइन में सभी शिक्षक मानव संपदा पोर्टल पर आवेदन करेंगे। आकस्मिक अवकाश लेने के लिए चार दिन से कम के अवकाश की स्वीकृत प्रधानाध्यापक करेंगे। जबकि चार दिन से अधिक छुट्टी लेने पर हेडमास्टर बीईओ को आवेदन पत्र भेजना होगा जिसे वह स्वीकृत देंगे। अवकाश को स्वीकृत या अस्वीकृत करने के लिए एक दिन का समय निर्धारित किया गया है। वहीं मेडिकल और बाल्य देखभाल अवकाश को दो दिन में बीईओ और उसके बाद बीएसए को दो के अंदर बीएसए को कार्रवाई करनी होगी। अवकाश को दो दिन के अंदर कार्रवाई न करने पर बीईओ और बीएसए को उत्तरदायी माना जाएगा। अवकाश अस्वीकृत किया जाएगा तो उसका कारण बताना होगा।
जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ला का आरोप है कि अवकाश स्वीकृत करने के नाम पर सुविधा शुल्क लिया जाता है। कई ब्लॉकों में बिना सुविधा शुल्क लिए शिक्षकों के अवकाश नहीं स्वीकृत होते। वहीं, चयन वेतनमान, प्रोन्नति वेतनमान तथा एरियर भुगतान के लिए बीएसए व लेखाधिकारी कार्यालय में भी सुविधा शुल्क लिया जाता है।
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बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि नई गाइडलाइन के अनुसार सभी शिक्षक पोर्टल पर अवकाश के लिए आवेदन करेंगे। अगर अवकाश देने या किसी काम के लिए अधिकारी या कर्मचारी सुविधा शुल्क की मांग करता हैै तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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चार दिन तक के अवकाश प्रधानाध्यापक करेंगे स्वीकृत
अवकाश देने में देरी और शोषण होने पर बीईओ और बीएसए पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिषदीय विद्यालय में प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को अवकाश लेने के लिए अधिकारियों के शोषण की शिकायत मिलती थी। इसको लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बीएसए को अब नई गाइडलाइन से अवकाश देने के लिए आदेशित किया है। आईवीआरएस में शिक्षकों के अवकाश स्वीकृत करने में अनावश्यक विलंब व शोषण की पुष्टि होने पर बीईओ और बीएसए को उत्तरदायित्व मानते हुए कड़ी कार्रवाई होगी।
नई गाइडलाइन में सभी शिक्षक मानव संपदा पोर्टल पर आवेदन करेंगे। आकस्मिक अवकाश लेने के लिए चार दिन से कम के अवकाश की स्वीकृत प्रधानाध्यापक करेंगे। जबकि चार दिन से अधिक छुट्टी लेने पर हेडमास्टर बीईओ को आवेदन पत्र भेजना होगा जिसे वह स्वीकृत देंगे। अवकाश को स्वीकृत या अस्वीकृत करने के लिए एक दिन का समय निर्धारित किया गया है। वहीं मेडिकल और बाल्य देखभाल अवकाश को दो दिन में बीईओ और उसके बाद बीएसए को दो के अंदर बीएसए को कार्रवाई करनी होगी। अवकाश को दो दिन के अंदर कार्रवाई न करने पर बीईओ और बीएसए को उत्तरदायी माना जाएगा। अवकाश अस्वीकृत किया जाएगा तो उसका कारण बताना होगा।
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जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ला का आरोप है कि अवकाश स्वीकृत करने के नाम पर सुविधा शुल्क लिया जाता है। कई ब्लॉकों में बिना सुविधा शुल्क लिए शिक्षकों के अवकाश नहीं स्वीकृत होते। वहीं, चयन वेतनमान, प्रोन्नति वेतनमान तथा एरियर भुगतान के लिए बीएसए व लेखाधिकारी कार्यालय में भी सुविधा शुल्क लिया जाता है।
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बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि नई गाइडलाइन के अनुसार सभी शिक्षक पोर्टल पर अवकाश के लिए आवेदन करेंगे। अगर अवकाश देने या किसी काम के लिए अधिकारी या कर्मचारी सुविधा शुल्क की मांग करता हैै तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।