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Basti News: लखनऊ से महंगी बिक रही जमीन... गली, कूचों में हो रही प्लाटिंग

Sun, 14 Apr 2024 11:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 14 Apr 2024 11:10 PM IST
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Land is being sold expensively from Lucknow
महज 12 से 15 फिट का रास्ता काटकर बना रहे प्लाट, बीडीए का अंकुश नहीं
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जमीन के कारोबार में उतरे रसूखदार, बिना आबादी के बन रही इंटरलॉकिंग सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर एवं आसपास के इलाके में प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी महंगी जमीन बिक रही है। कारोबारियों ने जमीन के भाव को आसमान पर पहुंचा दिया है। गली-कूचों में भी प्लाटिंग हो रही है। बीडीए का इस पर कोई अंकुश नहीं है। पुराने मोहल्लों के आसपास खाली पड़ी जमीनों की लगातार प्लाटिंग होती जा रही है। विस्तार क्षेत्र होने के बावजूद बीडीए के मानक का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्लाटिंग के लिए अनुमति की बात छोड़िए, रास्ता तक पर्याप्त नहीं दिया जा रहा है। इस कारोबार में रसूखदारों की भी शामिल हैं। इसीलिए रास्ता निर्माण एवं प्लाटिंग में कोई कठिनाई नहीं हो रही है।
जमीन का कारोबार लोगों को खूब भा रहा है। इसमें दोगुने से अधिक आय की हसरत बहुत कम दिनों में पूरी हो रही है। यही वजह है कि रसूखदार लोग खुद इसमें उतर गए हैं। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में जमीन की हो रही प्लाटिंग के पीछे किसी न किसी प्रभावशाली का नाम जरूर जुड़ा होता है। इसके कई फायदे हैं। प्रभावशाली लोगों के शामिल होने से किसानों से जमीन का सौंदा आसानी से तय होता है।
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मनचाहे अवधि के लिए जमीन का एग्रीमेंट भी हो जाता है। दूसरा जमीन को संजाने-संवारने में प्रभावशालियों का रसूख काम आता है। एग्रीमेंट के बाद जैसे ही जमीन को टुकड़ों में विभाजित कर प्लाटिंग की जाती है वहां तत्काल रास्ते का निर्माण शुरू हो जाता है। शहर से सटे ग्राम पंचायत हो या नगर पालिका क्षेत्र प्लाटिंग स्थल पर बनाए गए रास्ते पर सरकारी धन से मिट्टी पटाई से लेकर इंटरलॉकिंग सड़क तक का निर्माण हो जा रहा है। ताकि आम ग्राहकों को सौंदा लुभावना दिखें। सरकारी धन से बनाए गए इस रास्ते का फिलहाल तत्काल में कोई उपयोगिता नहीं रहती है।
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अलबत्ता कारोबारियों को जमीन की कीमत बढ़ाने में काफी सुविधा मिलती है। नई सड़क दिखाकर ही महंगे कीमत पर जमीन का सौदा किया जाता है। यहां जमीन का कारोबार इस कदर चटका है कि राजधानी फेल हो गई है। नगर पालिका क्षेत्र से दो किमी के इर्द-गिर्द कहीं पर भी जमीन 1500 से 2500 स्कावयर फिट से कम मूल्य पर जमीन उपलब्ध नहीं है। उस हिसाब से बिजली, पानी, सड़क, पार्क आदि की सुविधाएं नहीं है।
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इन जगहों पर हो रही प्लाटिंग
शहरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की धूम मच गई है। नियम कानून का भान किसी को नहीं है। जहां सेटिंग हुई वहीं जमीन का कारोबार शुरू कर दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के नरहरिया, मरवटिया, मड़वानगर, बड़ेवन, बड़ार, ढोरिका, डड़वा, मिश्रौलिया, खीरीघाट, तुरकहिया, लौकियहवा, मुंडेरवा, विशुनपुरवा, सुपेलवा, जगदीशपुर, छबिलहा, चननी, गांवगोड़िया, जामडीह, लबनापार, मनहनडीह आदि जगहों पर छोटे-छोटे टुकड़ों में सैकड़ों प्लाटिंग की गई है। अधिकतर जगहों पर बीडीए मानक 30 फिट चौड़े रास्ते की जगह महज 12 से 15 फिट का ही रास्ता छोड़ा गया है।
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केस- एक
शहर से सटे खोराखार गांव में कुछ लोगों ने प्लाटिंग की है। यह मामला बीडीए के संज्ञान में आया। मौका मुआयना हुआ तो सबकुछ मानक के विपरीत मिला। बीडीए से इस प्लाटिंग की अनुमति नहीं मिल पाई। प्राथमिक कार्रवाई के तौर पर बीडीए ने पिछले सप्ताह नोटिस जारी किया है। इसके बाद सही जवाब न मिलने पर संबंधित प्लाट को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
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केस- दो
ढोरिका में तीन साल पहले प्लाटिंग शुरू हुआ था। कुछ प्लाट ग्राहकों से बेचे भी गए। बीडीए को जानकारी हुई तो छानबीन की गई। यहां मानक के अनुरूप रास्ता, पार्क आदि नहीं पाया गया। कारोबारियों ने बीडीए से अनुमति नहीं ली थी। बाद में बीडीए ने इस इस प्लाट को सील कर यहां बोर्ड चस्पा कर दिया।
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पहले प्लाट बिकाऊ है के लगते थे बोर्ड
दो साल पहले तक शहरी क्षेत्र एवं आसपास की जमीनों पर प्लाटिंग के बाद प्लाट बिकाऊ है के बोर्ड लगाए जाते थे। ताकि ग्राहक आसानी से कारोबारियों तक पहुंच सकें। मगर इधर बीडीए की सख्ती को देखते हुए पैतरा बदल दिया है। अब जमीन पर ईंट की कच्ची जुड़ाई से डिजाइन करने के बाद एजेंटों के माध्यम से सौदा कराया जा रहा है। इसके बदले एजेंटों को भी सुकराना मुहैया करा जा रहा है।
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गली-कूचों में जमीन सस्ती होनी चाहिए
सिवि इंजीनियर राजेश कुमार ने बताया कि शहर एवं आसपास के गांवों में बीडीए पूरी तरह प्रभावी है। यहां जमीन कारोबार बगैर बीडीए से स्वीकृति के अवैध माना जाएगा। प्लाटिंग में बीडीए मानक के अनुसार रास्ता, बिजली के खंभे, नाली निर्माण के लिए पर्याप्त जगह छोड़ना अनिवार्य है। गली-कूचों में यदि प्लाटिंग हो रही है तो वहां जमीन सस्ती होनी चाहिए।

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कोट

बीडीए परिक्षेत्र 51.5 वर्ग किमी का है। अवैध प्लाटिंग पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निरीक्षण किया जाता है। संज्ञान में आने के बाद कुछ अवैध प्लाट की बिक्री प्रतिबंधित भी की गई है। वैसे बीडीए एक्ट के अनुसार रीयल इस्टेट कारोबारियों को अवसर दिया जा रहा है। यदि मानक के अनुसार किसी प्लाट का पंजीकरण कराया जाए तो बीडीए खुद अपनी वेबसाइट के जरिये उसका प्रचार प्रसार करेगा। कारोबारियों को इसका लाभ भी मिलेगा।
-संदीप कुमार, एक्सईएन, बीडीए
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