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गांव की सरकार में महिलाओं का दबदबा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:01 AM IST
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बस्ती। इस बार के गांव की सरकार में महिला प्रधानों का दबदबा रहेगा। 45
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फीसदी से अधिक महिलाओं ने जीत हासिल की है। विक्रमजोत और दुबौलिया ब्लॉकों
में महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल गई हैं।
इन दोनों ब्लॉकों में 52 फीसदी से अधिक ग्राम पंचायतों में महिलाओं ने जीत दर्ज की है। 12 फीसदी से अधिक महिलाओं ने पुरुषों के कब्जे वाले सीटों को हथियाया है। जो कि इस बात का सबूत है कि महिलाएं भी पुरुष से कम नहीं हैं। सबसे अधिक महिलाएं गौर ब्लॉक में जीती हैं।
यहां से 49 महिलाओं के सिर पर प्रधानी का ताज सजा है। जिले में कुल 1247 ग्राम पंचायतों में 566 पर महिलाओं ने कब्जा जमाया है, जो कि पिछले चुनाव की तुलना में 10 फीसदी अधिक है। सबसे अधिक मत और मत प्रतिशत से जीतने वालों में भी महिलाएं शामिल हैं। हालांकि अधिकतर महिला प्रधानों के अधिकारों का प्रयोग उनके परिवार के सदस्य ही करेंगे।
वर्ष 2015 का ग्राम पंचायत चुनाव महिलाओं के वर्चस्व के लिए याद किया जाएगा। इसकी झलक रविवार को ब्लॉकों पर हुए शपथ ग्रहण समारोह में भी देखी गई। कुल 1247 पदों में 566 पर महिलाओं ने जीत कर अपनी मजबूत उपस्थिति का अहसास कराया है।
बताया जा रहा है कि 15 फीसदी महिला उम्मीदवारों ने अपने दम पर चुनाव जीता है। 30 फीसदी से अधिक चुनाव जीतने वाली महिलाएं अपने पति एवं परिवार के सदस्यों के सहारे जीत हासिल की हैं। सबसे अधिक विक्रमजोत ब्लॉक में 41 यानी 52.56 फीसदी और कुदरहा ब्लॉक में 33 यानी 51.56 फीसदी महिलाएं प्रधान बनी हैं। इन दोनों ब्लॉकों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले अधिक है।
सबसे अधिक गौर में 49 महिला प्रधान
जिले की 566 महिला ग्राम प्रधानों में गौर ब्लॉक में सबसे अधिक 49 महिलाएं प्रधान हैं। सदर ब्लॉक में 48, सल्टौआ और बनकटी में 47-47, बहादुरपुर और हर्रैया में 43-43, विक्रमजोत में 41, रामनगर में 39, कुदरहा में 38, साऊंघाट में 36, दुबौलिया में 33, रुधौली में 32 और कप्तानगंज में सबसे कम 30 महिलाएं प्रधान चुनी गई हैं।
सर्वाधिक मत प्रतिशत से पूजा और सबसे कम से भानमती जीतीं
बस्ती। जिले में सबसे अधिक मत प्रतिशत से जीतने वाली महिला विकास खंड विक्रमजोत की ग्राम पंचायत मडना मांझा की पूजा पत्नी पवन कुमार हैं। इन्हें कुल 85.32 फीसदी मत मिले, जबकि कुल 75.56 फीसदी मतदान हुआ था। पूजा को कुल 581 मिले थे।
इसी तरह सबसे कम मत प्रतिशत पाकर जीतने वाली एक महिला ही है। विकास खंड कप्तानगंज की ग्राम पंचायत बसौरा की प्रधान भानमती पत्नी गंगाराम को कुल पड़े मत का 15.58 फीसदी वोट मिले थे। यहां पर कुल 72.92 फीसदी मत पड़े थे।
इन दोनों ब्लॉकों में 52 फीसदी से अधिक ग्राम पंचायतों में महिलाओं ने जीत दर्ज की है। 12 फीसदी से अधिक महिलाओं ने पुरुषों के कब्जे वाले सीटों को हथियाया है। जो कि इस बात का सबूत है कि महिलाएं भी पुरुष से कम नहीं हैं। सबसे अधिक महिलाएं गौर ब्लॉक में जीती हैं।
यहां से 49 महिलाओं के सिर पर प्रधानी का ताज सजा है। जिले में कुल 1247 ग्राम पंचायतों में 566 पर महिलाओं ने कब्जा जमाया है, जो कि पिछले चुनाव की तुलना में 10 फीसदी अधिक है। सबसे अधिक मत और मत प्रतिशत से जीतने वालों में भी महिलाएं शामिल हैं। हालांकि अधिकतर महिला प्रधानों के अधिकारों का प्रयोग उनके परिवार के सदस्य ही करेंगे।
वर्ष 2015 का ग्राम पंचायत चुनाव महिलाओं के वर्चस्व के लिए याद किया जाएगा। इसकी झलक रविवार को ब्लॉकों पर हुए शपथ ग्रहण समारोह में भी देखी गई। कुल 1247 पदों में 566 पर महिलाओं ने जीत कर अपनी मजबूत उपस्थिति का अहसास कराया है।
बताया जा रहा है कि 15 फीसदी महिला उम्मीदवारों ने अपने दम पर चुनाव जीता है। 30 फीसदी से अधिक चुनाव जीतने वाली महिलाएं अपने पति एवं परिवार के सदस्यों के सहारे जीत हासिल की हैं। सबसे अधिक विक्रमजोत ब्लॉक में 41 यानी 52.56 फीसदी और कुदरहा ब्लॉक में 33 यानी 51.56 फीसदी महिलाएं प्रधान बनी हैं। इन दोनों ब्लॉकों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के मुकाबले अधिक है।
सबसे अधिक गौर में 49 महिला प्रधान
जिले की 566 महिला ग्राम प्रधानों में गौर ब्लॉक में सबसे अधिक 49 महिलाएं प्रधान हैं। सदर ब्लॉक में 48, सल्टौआ और बनकटी में 47-47, बहादुरपुर और हर्रैया में 43-43, विक्रमजोत में 41, रामनगर में 39, कुदरहा में 38, साऊंघाट में 36, दुबौलिया में 33, रुधौली में 32 और कप्तानगंज में सबसे कम 30 महिलाएं प्रधान चुनी गई हैं।
सर्वाधिक मत प्रतिशत से पूजा और सबसे कम से भानमती जीतीं
बस्ती। जिले में सबसे अधिक मत प्रतिशत से जीतने वाली महिला विकास खंड विक्रमजोत की ग्राम पंचायत मडना मांझा की पूजा पत्नी पवन कुमार हैं। इन्हें कुल 85.32 फीसदी मत मिले, जबकि कुल 75.56 फीसदी मतदान हुआ था। पूजा को कुल 581 मिले थे।
इसी तरह सबसे कम मत प्रतिशत पाकर जीतने वाली एक महिला ही है। विकास खंड कप्तानगंज की ग्राम पंचायत बसौरा की प्रधान भानमती पत्नी गंगाराम को कुल पड़े मत का 15.58 फीसदी वोट मिले थे। यहां पर कुल 72.92 फीसदी मत पड़े थे।