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अपहरण या सामूहिक दुष्कर्म : सुलझने के बजाय उलझा केस

Tue, 10 Oct 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 10 Oct 2023 12:13 AM IST
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Kidnapping or gang rape: case complicated instead of solved
बस्ती। लालगंज थानाक्षेत्र की किशोरी का मामला सुलझने के बजाए उलझता जा रहा है। तीसरे दिन भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उसका अपहरण हुआ है या उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। किशोरी की मां का कहना है कि गांव के दो लोग उसकी बेटी को अपहृत कर ले गए, जबकि किशोरी का कहना है कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया है। दुष्कर्म के आरोपियों ने मेरी मां को विश्वास में लेकर अपहरण का फर्जी केस दर्ज करा दिए हैं। पुलिस का कहना है कि इसमें से किसकी बात सही है,इसका पता तभी चल पाएगा जब किशोरी सामने आए। मगर अपहरण का केस दर्ज करने के बावजूद उसे अब तक ढूंढ नहीं पाई है।
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क्षेत्र के एक गांव की किशोरी की मां ने थाने में तहरीर दिया कि उसकी बेटी को कुछ लोगों ने अपहृत कर लिया है। तहरीर में किशोरी की मां ने लिखा है कि पांच अक्तूबर को दोपहर करीब 12 बजे गांव के दूसरे पुरवे के कृष्ण चंद्र यादव और आलोक यादव उसकी पुत्री को बोलेरो में बैठाकर भगा ले गए। उसने यह बात ग्राम प्रधान को बताई तो ग्राम प्रधान ने 1090 पर कॉल करके सूचना दिया। बाद में थाने पर तहरीर दी गई। लालगंज पुलिस का कहना है कि शाम 6.10 बजे किशोरी की मां ने सूचना दी। जिसके आधार पर दोनों आरोपियों पर केस दर्ज किया गया।
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उधर, किशोरी का कहना है कि पांच अक्तूबर को सुबह पांच बजे के करीब वह नित्यक्रिया के लिए खेत में गई थी। जहां उसके साथ पहले से घात लगाए बैठे दो आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। वह इसकी शिकायत करने ग्राम प्रधान के पास उनके घर गई तो उसे धमकी देते हुए भगा दिए। इसके बाद गांव के कृष्ण चंद्र और आलोक के साथ वह बस्ती पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में प्रार्थनापत्र देने आ गई। एसपी को दिए प्रार्थनापत्र में उसने लिखा है कि जब प्रधान को पता चला कि वह शिकायत करने पुलिस के पास गई है तो उन लोगों ने मां से अपहरण की तहरीर दिलवा दी।
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पीड़िता का बयान सबसे महत्वपूर्ण
- जानकारों का कहना है कि इस केस में पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने दिया जाने वाला बयान सबसे महत्वपूर्ण है। वह धारा 164 के तहत न्यायालय में कलमबंद बयान में जो कहेगी, वही बात मानी जाएगी। आधार कार्ड के अनुसार वह सोमवार को बालिग हो चुकी है। नौ अक्तूबर 2005 उसकी जन्म तिथि है। इस तरह से अब उसका बयान मान्य भी होगा। उसमें अभिभावक की बात की अनिवार्यता नहीं रहेगी।
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