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काम बंद रख बैंककर्मियों ने दिया धरना
Thu, 10 Jan 2019 12:46 AM IST
राकेश पांडेय
बस्ती (ब्यूरो)
बस्ती (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 10 Jan 2019 12:46 AM IST
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काम बंद रख बैंककर्मियों ने दिया धरना
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। ट्रेड यूनियन से जुड़े बैंक, डाक घर व एलआईसी के कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण पीएनबी सहित विभिन्न बैंकों, एलआईसी व डाक घरों में कामकाज प्रभावित हुआ। बैंकों में हड़ताल के कारण तकरीबन 25 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। इस हड़ताल में एसबीआई, सेंट्रल बैंक व को आपरेटिव बैंक के कर्मचारी शामिल नहीं हुए।
सेंट्रल ट्रेड यूनियंस की हड़ताल में शामिल संगठनों का आरोप था कि केंद्र सरकार कर्मचारी व श्रमिक विरोधी नीतियां अपनाकर उत्पीड़न कर रही है। जेडयू खान ने कहा कि केंद्र सरकार बैंक कर्मचारियों के हित में कदम नहीं उठा रही है। उनका यह भी कहना था कि केंद्र सरकार उनकी मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है। केंद्र सरकार की नीतियों श्रमिक विरोधी हैं। उधर, दूसरे दिन भी पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले डाक कर्मियों ने कार्यालय में ताला बंदी करते हुए हड़ताल का समर्थन किया। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि एनडीए सरकार ने वेतन और भत्तों पर कुठाराघात किया है। सरकार यह भी स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर पेंशन की सुविधा मिलेेगी अथवा नहीं। उन्होंने सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक समान पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने तथा केंद्र सरकार के कार्यालयों में रिक्त पद अविलंब भरे जाए सहित अन्य मांगें पूरी किए जाने की मांग की। इस दौरान इंदु शेखर मिश्र, रामजी चौधरी, अशोक चौधरी, सूर्यभान यादव, टीएस सिंह, केवी सिंह, प्रेमनाथ उपाध्याय, सियाराम वर्मा, उपेंद्र श्रीवास्तव, शिखा चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, कृष्ण कुमार, दुर्गेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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सेंट्रल ट्रेड यूनियंस की हड़ताल में शामिल संगठनों का आरोप था कि केंद्र सरकार कर्मचारी व श्रमिक विरोधी नीतियां अपनाकर उत्पीड़न कर रही है। जेडयू खान ने कहा कि केंद्र सरकार बैंक कर्मचारियों के हित में कदम नहीं उठा रही है। उनका यह भी कहना था कि केंद्र सरकार उनकी मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है। केंद्र सरकार की नीतियों श्रमिक विरोधी हैं। उधर, दूसरे दिन भी पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले डाक कर्मियों ने कार्यालय में ताला बंदी करते हुए हड़ताल का समर्थन किया। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि एनडीए सरकार ने वेतन और भत्तों पर कुठाराघात किया है। सरकार यह भी स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर पेंशन की सुविधा मिलेेगी अथवा नहीं। उन्होंने सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक समान पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने तथा केंद्र सरकार के कार्यालयों में रिक्त पद अविलंब भरे जाए सहित अन्य मांगें पूरी किए जाने की मांग की। इस दौरान इंदु शेखर मिश्र, रामजी चौधरी, अशोक चौधरी, सूर्यभान यादव, टीएस सिंह, केवी सिंह, प्रेमनाथ उपाध्याय, सियाराम वर्मा, उपेंद्र श्रीवास्तव, शिखा चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, कृष्ण कुमार, दुर्गेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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