फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   kawandiya died

डिवाइडर से टकराई बाइक, एक की मौत, दो गंभीर

Tue, 30 Jul 2019 11:09 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 11:09 PM IST
विज्ञापन
kawandiya died
डिवाइडर से टकराई बाइक, एक की मौत, दो गंभीर
विज्ञापन

अयोध्या से एक ही बाइक पर आ रहे थे कांवड़िए
गोटवा फ्लाईओवर के पास सोमवार सुबह हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोटवा फ्लाईओवर के पास मंगलवार सुबह कांवड़ियों की बाइक डिवाइडर से टकरा गई। तीनों कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला अस्पताल में एक की मौत हो गई। बाबा भद्रेश्वरनाथ पर जलाभिषेक कर एक ही बाइक से तीनों कांवड़ यात्री घर वापस जा रहे थे।
कांवड़यात्री पैकोलिया पाली गांव के 32 वर्षीय विनय सिंह पुत्र स्व. राम सागर सिंह, दुर्गेश सिंह (31) पुत्र राम प्रकाश सिंह व अमरजीत सिंह (32) पुत्र सतीश सिंह अभी गोटवा फ्लाईओवर पर पहुंचे ही थी कि बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। तीनों गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक दुर्गेश सिंह चला रहे थे, जो हेलमेट भी नहीं पहने थे। हादसा होते ही भीड़ जुट गई। गश्त पर निकले नगर थाना प्रभारी अनिल कुमार व उनकी टीम ने घायलों को तत्काल अपने वाहन से जिला अस्पताल बस्ती में भर्ती कराया। परिवार के लोगों को हादसे की जानकारी दी गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान विनय सिंह की मौत हो गई। दुर्गेश और अमरजीत सिंह का इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन

डिवाइडर से टकराई बाइक, दो कांवड़िए घायल
महराजगंज। भद्रेश्वरनाथ से जल चढ़ाकर लौट रहे कांवड़ियों की बाइक दूसरे कांवड़िए को बचाने में अनियंत्रित हो गई। हाईवे डिवाइडर से टकराने पर दोनों गिर कर घायल हो गए। आसपास के लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परशुरामपुर थाना क्षेत्र के लालपुर निवासी पंकज अपने मित्र के साथ कांवड़ का जल लेकर अयोध्या से भद्रेश्वर नाथ भगवान शिव के जलाभिषेक में गए थे। मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे दोनों लोग एक ही बाइक से घर वापस हो रहे थे। जैसे ही ये लोग हाईवे के पिकौरा सानी के निकट पहुंचे तभी एक कांवड़िया सड़क पार करने लगा उसे बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में संजय गुप्ता (40) निवासी आमा, पंकज (22) निवासी लालपुर थाना परशुरामपुर जिला बस्ती गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज में भर्ती कराया है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बड़े बेटे की मौत से संकट में परिवार
29 जुलाई को दुर्घटना में देर शाम हुई शुभम की मौत
दो साल पहले घर के मुखिया की भी हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। क्षेत्र के डंडवा तिवारी गांव के 17 वर्षीय शुभम वर्मा की मौत ने पूरे परिवार को संकट में डाल दिया है। युवक के पिता की दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार को इस दुर्घटना के बाद एक और सदमे ने तोड़ दिया है। शुभम की मौत से जहां परिवार सदमे में है वहीं, उसके सामने एक बार फिर से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
उक्त गांव निवासी शुभम के पिता राम प्रकाश मुंबई में चाय की दुकान पर नौकरी करते थे। दो वर्ष पहले अचानक उनकी मौत हो गई। इसके चलते परिवार आर्थिक संकट में आ गया, मगर नियति के क्रूर फैसले के बाद शुभम की मां सीमा ने परिवार चलाने के लिए खुद चाय की दुकान खोली। इसके बाद परिवार के दो बेटे व दो बेटियों को पढ़ाने लगी। बड़ा बेटा शुभम भी मां का हाथ बंटाने लगा और धीरे-धीरे इनका जीवन पटरी पर आने लगा, मगर शायद उनकी इस खुशी को किसी की नजर लग गई, क्योंकि 29 जुलाई की देर शाम अपने कुछ मित्रों के साथ किसी से मिलने जाते समय ट्रक की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शुभम का एक भाई 15 वर्ष का है, जबकि बहन प्रिया व शांति छोटे हैं। परिवार में मां के बाद शुभम ही घर का मुखिया था। उसकी मौत ने परिवार को एक बार फिर चौराहे पर खड़ा कर दिया है।
विनय की मौत की सूचना पर गांव में कोहराम
छह भाइयों में दूसरे नंबर पर था विनय
अमर उजाला ब्यूरो
बभनान। किसी ने सच ही कहा है, कि होनी को कोई नहीं टाल सकता है। जो होना है वह होकर रहेगा। जलाभिषेक करने निकले विनय के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। मंगलवार की सुबह विनय की मृत्यु होने की सूचना जब ग्रामीणों को मिली। पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। बाद में इसकी पुष्टि होने पर पूरे गांव में मातम पसर गया।
विनय की असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मां सत्यवती और पत्नी का जहां रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, दो वर्ष के बेटा कृष्णा को कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि लोग क्यों रो रहे हैं। वह सिर्फ मां से पूछता पापा कब घर आएंगे। परिवार वाले यह कह रहे थे कि आखिर वह विनय को जाने ही क्यों दिए। क्यों नहीं उसे रोक लिया। विनय छह भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। वह निजी व्यवसाय करते थे।

दोनों घायल पहुंचे घर
जिस मार्ग दुर्घटना में विनय की मौत हो गई। वहीं, उसके साथ उसकी बाइक पर ही बैठकर आ रहे पड़ोसी अमरजीत सिंह व दुर्गेश शाम को अस्पताल से घर पहुंचे तो गांव के लोग उनसे भी हालचाल पूछने पहुंचे। लेकिन साथी की मौत होने का सदमा होने के चलते दोनों कुछ बोल नहीं सके। लोगों का कहना था कि भद्रेश्वरनाथ मंदिर में सभी एक साथ जल चढ़ाने के बाद लौट रहे थे। इसी के बाद यह घटना घट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed