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Basti News: इस बारिश में भी डूबेगा कटरा, पतेलवा और डमरूआ... सड़क पर भरेगा पानी
Thu, 25 May 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 25 May 2023 01:04 AM IST
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कटरा मोहल्ले में बारिश के दिनो में होता है जल जमाव।
बस्ती। शहर के अधिकतर मोहल्लों में जलभराव की समस्या जटिल है। दरअसल, शुरुआती दौर में शहर में नियोजित काॅलोनियां नहीं बसाई गईं। भू-खंडों की लगातार बिक्री होती गई और मनचाहा आवास बन गया। उस वक्त जलनिकासी और रास्ते का ध्यान नहीं दिया गया। तीन वर्ष पूर्व बस्ती विकास प्राधिकरण सक्रिय हुआ जरूर, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शहर के अधिकांश वार्ड विस्तार रूप ले चुके थे। सुव्यवस्थित कालोनियों के न बसने से कहीं संकरा रास्ता है तो कहीं नाली की व्यवस्था ही नहीं है। यदि है तो वह भी मानक के अनुरूप नहीं। नतीजा, हर बारिश में जलभराव का दंश झेलना पड़ता है। कटरा, पतेलवा और डमरूआ मोहल्ला भी इन्हीं समस्याओं से घिरा हुआ है।
कुआनो नदी की तलहटी वाले हिस्से में कटरा आंशिक, पतलेवा और डमरूआ मोहल्ला बसा है। शहर के अन्य हिस्सों से इस क्षेत्र की सतह नीचे हैं। इस तरह देखा जाए तो यहां बारिश का पानी एकत्र नहीं होना चाहिए। पानी का बहाव नदी की ओर हो जाना चाहिए। लेकिन अव्यवस्थित ढंग से बने आवास पानी के बहाव में व्यवधान बन गए। बारिश होते ही इस क्षेत्र के गली मोहल्लों में पानी भर जाता है। ऊपर से व्यवस्था का दोष और भारी पड़ रहा है। नालियों की नियमित सफाई न होने से सामान्य दिनों में भी घरों का गंदा पानी नहीं निकल पाता है। बारिश में जलभराव की समस्या और लाइलाज बन जाती है।
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डमरूआ में भरा रहता हैं पानी
हाईवे उस पार डमरूआ में बारिश होने पर मुख्य सड़क पर ही पानी भर जाता है। यहां की सकरी गलियों में पानी में घुसकर लोगों को आना जाना पड़ता है। इस मोहल्ले को अभी तक मुख्य नालों से नहीं जोड़ा गया है। नालियां कुछ जगहों पर बनी है तो वह भी गड्ढे युक्त जगह पर छोड़ दी गई है। जिससे घरों का गंदा पानी खाली जगहों पर पसरा रहता है। महिलाओं, बच्चों को जलभराव के चलते मुसीबत का सामना करना पड़ता है। कई-कई दिनों तक यह समस्या बनी रहती है।
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कटरा में स्कूली बच्चों को रहती है दिक्कत
कटरा मोहल्ले में दीवानी कचहरी चौराहा से हाईवे तक की सड़क पर बारिश होते ही पानी भर जाता है। यहां स्कूली बच्चों को आने जाने में काफी दिक्कत होती है। अभिभावक या स्कूल वाहन उन्हें बहुत संभालकर पानी से डूबी सड़क पार कराते हैं। पुराना डाकखाना मोहल्ले में स्थित श्रीराम पब्लिक स्कूल के पीछे मोहल्ले में बारिश के दौरान सर्वाधिक मुसीबत रहती है। यहां पानी लगने से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो जाता है।
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पतेलवा में भी भरता है पानी
हाईवे के किनारे बसा पतेलवा मोहल्ला अब काफी नीचे हो गया है। एक तरफ हाईवे बना है और दूसरी ओर बड़ेवन कटरा मार्ग भी ऊंचाई पर हो गया है। ऐसे में दोनों तरफ का ढलान आबादी वाले क्षेत्र में है। इसीलिए यहां सड़क से लेकर लोगों के घरों में भी पानी घुस जाता है। बारिश के दिनों में यहां के नागरिकों की मुसीबत बढ़ जाती है। मलिन बस्ती में तो लोगों का रहना दुश्वार रहता है। कई दिनों तक जलनिकासी न होने से बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है।
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हाईवे किनारे बसे मोहल्लों की बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा दुर्गति होती है। यहां ढलान आबादी की तरफ है। ऐसे में बारिश के दौरान हाईवे का पानी बहकर मोहल्ले में ही आता है। यहां पानी बहाव के लिए बड़े नाले भी पर्याप्त नहीं है। -अनुज कुमार सिंह, कटरा, बस्ती।
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सबसे जरूरी है नालियों का नए सिरे से निर्माण हो और उसका कनेक्शन प्रमुख नालों से किया जाए। वैसे बड़े नालों का निर्माण अभी कई जगहों पर नहीं हुआ है। प्रमुख मार्ग और हाईवे के किनारे ड्रेनेज सिस्टम होना चाहिए। जिससे पानी बहकर न आए। -जंग बहादुर, कटरा, बस्ती।
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शहर को जलनिकासी की समस्या मुक्त कराने के लिए सीवर लाइन ही स्थाई निदान है। जनप्रतिनिधि और प्रशासन दोनों को इस मुद्दे पर गंभीर होना चाहिए। शासन तक आवाज पहुंचानी चाहिए। तभी सीवर लाइन निर्माण का रास्ता प्रबल हो सकेगा। -मोहम्मद नसीम, पतेलवा, बस्ती।
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हर बारिश में हम लोग जलभराव की समस्या से जूझते हैं। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल रहता है। किसी तरह वाहन पर बैठाकर उन्हें पानी से डूबी सड़क पार कराते हैं। जिनके पास वाहन की व्यवस्था नहीं हैं वह घुटने भर पानी में घुसकर आते जाते है। अमर श्रीवास्तव, डमरूआ, बस्ती।
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वर्जन
नालों और नालियों के सफाई का कार्य लगातार कराया जा रहा है। शहर को जलभराव के संकट से उबारने का पूरा प्रयास है। सफाई कर्मियों की टीम गांधी नगर और पुरानी बस्ती क्षेत्र में उतार दी गई है। शीघ्र ही सभी नाले साफ कर दिए जाएंगे।
दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद, बस्ती।
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कुआनो नदी की तलहटी वाले हिस्से में कटरा आंशिक, पतलेवा और डमरूआ मोहल्ला बसा है। शहर के अन्य हिस्सों से इस क्षेत्र की सतह नीचे हैं। इस तरह देखा जाए तो यहां बारिश का पानी एकत्र नहीं होना चाहिए। पानी का बहाव नदी की ओर हो जाना चाहिए। लेकिन अव्यवस्थित ढंग से बने आवास पानी के बहाव में व्यवधान बन गए। बारिश होते ही इस क्षेत्र के गली मोहल्लों में पानी भर जाता है। ऊपर से व्यवस्था का दोष और भारी पड़ रहा है। नालियों की नियमित सफाई न होने से सामान्य दिनों में भी घरों का गंदा पानी नहीं निकल पाता है। बारिश में जलभराव की समस्या और लाइलाज बन जाती है।
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डमरूआ में भरा रहता हैं पानी
हाईवे उस पार डमरूआ में बारिश होने पर मुख्य सड़क पर ही पानी भर जाता है। यहां की सकरी गलियों में पानी में घुसकर लोगों को आना जाना पड़ता है। इस मोहल्ले को अभी तक मुख्य नालों से नहीं जोड़ा गया है। नालियां कुछ जगहों पर बनी है तो वह भी गड्ढे युक्त जगह पर छोड़ दी गई है। जिससे घरों का गंदा पानी खाली जगहों पर पसरा रहता है। महिलाओं, बच्चों को जलभराव के चलते मुसीबत का सामना करना पड़ता है। कई-कई दिनों तक यह समस्या बनी रहती है।
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कटरा में स्कूली बच्चों को रहती है दिक्कत
कटरा मोहल्ले में दीवानी कचहरी चौराहा से हाईवे तक की सड़क पर बारिश होते ही पानी भर जाता है। यहां स्कूली बच्चों को आने जाने में काफी दिक्कत होती है। अभिभावक या स्कूल वाहन उन्हें बहुत संभालकर पानी से डूबी सड़क पार कराते हैं। पुराना डाकखाना मोहल्ले में स्थित श्रीराम पब्लिक स्कूल के पीछे मोहल्ले में बारिश के दौरान सर्वाधिक मुसीबत रहती है। यहां पानी लगने से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो जाता है।
पतेलवा में भी भरता है पानी
हाईवे के किनारे बसा पतेलवा मोहल्ला अब काफी नीचे हो गया है। एक तरफ हाईवे बना है और दूसरी ओर बड़ेवन कटरा मार्ग भी ऊंचाई पर हो गया है। ऐसे में दोनों तरफ का ढलान आबादी वाले क्षेत्र में है। इसीलिए यहां सड़क से लेकर लोगों के घरों में भी पानी घुस जाता है। बारिश के दिनों में यहां के नागरिकों की मुसीबत बढ़ जाती है। मलिन बस्ती में तो लोगों का रहना दुश्वार रहता है। कई दिनों तक जलनिकासी न होने से बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है।
हाईवे किनारे बसे मोहल्लों की बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा दुर्गति होती है। यहां ढलान आबादी की तरफ है। ऐसे में बारिश के दौरान हाईवे का पानी बहकर मोहल्ले में ही आता है। यहां पानी बहाव के लिए बड़े नाले भी पर्याप्त नहीं है। -अनुज कुमार सिंह, कटरा, बस्ती।
सबसे जरूरी है नालियों का नए सिरे से निर्माण हो और उसका कनेक्शन प्रमुख नालों से किया जाए। वैसे बड़े नालों का निर्माण अभी कई जगहों पर नहीं हुआ है। प्रमुख मार्ग और हाईवे के किनारे ड्रेनेज सिस्टम होना चाहिए। जिससे पानी बहकर न आए। -जंग बहादुर, कटरा, बस्ती।
शहर को जलनिकासी की समस्या मुक्त कराने के लिए सीवर लाइन ही स्थाई निदान है। जनप्रतिनिधि और प्रशासन दोनों को इस मुद्दे पर गंभीर होना चाहिए। शासन तक आवाज पहुंचानी चाहिए। तभी सीवर लाइन निर्माण का रास्ता प्रबल हो सकेगा। -मोहम्मद नसीम, पतेलवा, बस्ती।
हर बारिश में हम लोग जलभराव की समस्या से जूझते हैं। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल रहता है। किसी तरह वाहन पर बैठाकर उन्हें पानी से डूबी सड़क पार कराते हैं। जिनके पास वाहन की व्यवस्था नहीं हैं वह घुटने भर पानी में घुसकर आते जाते है। अमर श्रीवास्तव, डमरूआ, बस्ती।
वर्जन
नालों और नालियों के सफाई का कार्य लगातार कराया जा रहा है। शहर को जलभराव के संकट से उबारने का पूरा प्रयास है। सफाई कर्मियों की टीम गांधी नगर और पुरानी बस्ती क्षेत्र में उतार दी गई है। शीघ्र ही सभी नाले साफ कर दिए जाएंगे।
दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद, बस्ती।