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अखंड सुहाग का व्रत करवाचौथ आज
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अखंड सुहाग का व्रत करवाचौथ आज
मंगलवार रात एक बजकर पांच मिनट से ही शुरू हो जाएगी चतुर्थी तिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अखंड सुहाग के लिये आज (बुधवार को) महिलाएं करवाचौथ का व्रत रखेंगी। महिलाओं का उत्साह देखते हुए इस बार पूजा की थाली, चलनी भी स्टाइलिश हो गई है। ग्रह-नक्षत्रों बेहतर संयोग से व्रत की महत्ता और भी बढ़ गई है। वहीं व्रत के लिए दिनभर खरीदारी होती है। महिलाएं बाजार में मेहंदी लगवाती दिखीं।
नगर बाजार मंदिर से जुड़े ज्योतिषाचार्य जय प्रकाश द्विवेदी के अनुसार करवाचौथ पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि का योग है। चतुर्थी तिथि तीन नवंबर मंगलवार को रात 1:05 बजे शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन बुधवार को रात 2:10 बजे तक रहेगी।
मृगशिरा नक्षत्र भी होगा जिसके स्वामी चन्द्रमा, राशि के स्वामी शुक्र और बुध हैं। ऐसे में बुधवार को दिनभर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसी दौरान सुहागिनें दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को 16 शृंगार कर महिलाएं मां गौरी, भगवान शंकर, गणेश व कार्तिकेय को पुष्प, अक्षत, दीप आदि अर्पित करके करवा चौथ कथा का पाठ करेंगी। नियत समय पर चन्द्रमा को अर्घ्य देकर पति को चलनी से देखने के बाद पारण करेंगी। मान्यता है कि करवाचौथ व्रत से व्रती महिलाओं की पति को दीर्घायु प्राप्त होती है। अखंड सौभाग्य, पुत्र, पौत्र के साथ लक्ष्मी की भी प्राप्ति होती है।
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शुभ मुहूर्त
स्थिर लग्न में पूजन का मुहूर्त शाम 6:15 से रात 8:10 बजे तक है। चंद्रोदय शाम 7:57 बजे होगा। उसके बाद से पूजन-अर्चन अर्घ्य दिया जाएगा।
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मंगलवार रात एक बजकर पांच मिनट से ही शुरू हो जाएगी चतुर्थी तिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अखंड सुहाग के लिये आज (बुधवार को) महिलाएं करवाचौथ का व्रत रखेंगी। महिलाओं का उत्साह देखते हुए इस बार पूजा की थाली, चलनी भी स्टाइलिश हो गई है। ग्रह-नक्षत्रों बेहतर संयोग से व्रत की महत्ता और भी बढ़ गई है। वहीं व्रत के लिए दिनभर खरीदारी होती है। महिलाएं बाजार में मेहंदी लगवाती दिखीं।
नगर बाजार मंदिर से जुड़े ज्योतिषाचार्य जय प्रकाश द्विवेदी के अनुसार करवाचौथ पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि का योग है। चतुर्थी तिथि तीन नवंबर मंगलवार को रात 1:05 बजे शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन बुधवार को रात 2:10 बजे तक रहेगी।
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मृगशिरा नक्षत्र भी होगा जिसके स्वामी चन्द्रमा, राशि के स्वामी शुक्र और बुध हैं। ऐसे में बुधवार को दिनभर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसी दौरान सुहागिनें दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को 16 शृंगार कर महिलाएं मां गौरी, भगवान शंकर, गणेश व कार्तिकेय को पुष्प, अक्षत, दीप आदि अर्पित करके करवा चौथ कथा का पाठ करेंगी। नियत समय पर चन्द्रमा को अर्घ्य देकर पति को चलनी से देखने के बाद पारण करेंगी। मान्यता है कि करवाचौथ व्रत से व्रती महिलाओं की पति को दीर्घायु प्राप्त होती है। अखंड सौभाग्य, पुत्र, पौत्र के साथ लक्ष्मी की भी प्राप्ति होती है।
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शुभ मुहूर्त
स्थिर लग्न में पूजन का मुहूर्त शाम 6:15 से रात 8:10 बजे तक है। चंद्रोदय शाम 7:57 बजे होगा। उसके बाद से पूजन-अर्चन अर्घ्य दिया जाएगा।