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Basti News: शिव धनुष टूटते ही दूर हुआ जनक का संताप
Fri, 31 Oct 2025 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 31 Oct 2025 01:30 AM IST
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कलवारी। थाना क्षेत्र के मालपुर वैष्णोपुर में नवयुवक रामलीला समिति की ओर से रामलीला के पांचवें दिन बुधवार की रात धनुष यज्ञ और राम विवाह का मंचन किया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने पंडाल में उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। शिव धनुष टूटते ही राजा जनक का संताप दूर हो गया।
लीला में दर्शाया गया कि भगवान श्रीराम, गुरु की आज्ञा से जनकपुर की पुष्प वाटिका में पुष्प लेने जाते हैं, जहां उनकी मुलाकात सीता जी से होती है। इसके बाद दोनों भाई स्वयंवर में पहुंचते हैं, जहां देश-विदेश के अनेक राजा महाराजा एकत्र होते हैं। लंका के राजा रावण और बाणासुर भी आते हैं, पर कोई भी शिव धनुष को हिला तक नहीं पाता। महाराज जनक निराश होकर कहते हैं कि शायद विधाता ने उनकी पुत्री सीता का विवाह लिखा ही नहीं है। तभी गुरु की आज्ञा से भगवान श्रीराम आगे बढ़ते हैं और सहजता से शिव धनुष को तोड़ देते हैं, जिससे जनक का संताप दूर हो जाता है। इसके बाद परशुराम के आगमन और श्रीराम-लक्ष्मण से संवाद का सुंदर मंचन हुआ। अंत में चारों भाइयों का विवाह संपन्न हुआ और पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। संवाद
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लीला में दर्शाया गया कि भगवान श्रीराम, गुरु की आज्ञा से जनकपुर की पुष्प वाटिका में पुष्प लेने जाते हैं, जहां उनकी मुलाकात सीता जी से होती है। इसके बाद दोनों भाई स्वयंवर में पहुंचते हैं, जहां देश-विदेश के अनेक राजा महाराजा एकत्र होते हैं। लंका के राजा रावण और बाणासुर भी आते हैं, पर कोई भी शिव धनुष को हिला तक नहीं पाता। महाराज जनक निराश होकर कहते हैं कि शायद विधाता ने उनकी पुत्री सीता का विवाह लिखा ही नहीं है। तभी गुरु की आज्ञा से भगवान श्रीराम आगे बढ़ते हैं और सहजता से शिव धनुष को तोड़ देते हैं, जिससे जनक का संताप दूर हो जाता है। इसके बाद परशुराम के आगमन और श्रीराम-लक्ष्मण से संवाद का सुंदर मंचन हुआ। अंत में चारों भाइयों का विवाह संपन्न हुआ और पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। संवाद
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