Basti News: बस्ती जेल अधीक्षक निलंबित, जेल प्रशासन पर हत्या का केस दर्ज
जेल में बंदी रक्षकों की पिटाई के कारण उसके सिर, हाथ, चेहरे आदि शरीर के कई अंगों में गंभीर चोट लगी थी। रविवार को सुबह विजय सोनकर की हालत नाजुक होने पर जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल भेजवाया, जहां पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया गया था।
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बस्ती जिला कारागार में निरुद्ध 38 वर्षीय बंदी की मौत के मामले में जेल अधीक्षक डीके पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही जेल प्रशासन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बंदी के शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में चोट लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद की गई है। मृत बंदी विजय सोनकर निवासी वार्ड नंबर चार हनुमानगढ़ी हर्रैया की पत्नी माया देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक विचाराधीन बंदी विजय को 30 मई 2022 को पुलिस ने एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके परिजनों का आरोप है कि 30 मई को पुलिस उसे घर से उठाकर ले गई थी। इसके बाद स्मैक, गांजा व कट्टा-कारतूस के साथ गलत तरीके से गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया था।
आरोप लगाया कि जेल में बंदी रक्षकों की पिटाई के कारण उसके सिर, हाथ, चेहरे आदि शरीर के कई अंगों में गंभीर चोट लगी थी। रविवार को सुबह विजय सोनकर की हालत नाजुक होने पर जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल भेजवाया, जहां पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया गया था। उसकी मौत होने की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाने लगे।
उन लोगों ने एसपी से शिकायत कर प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की थी। उधर, जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय का कहना था कि विचाराधीन बंदी विजय सोनकर की शनिवार की रात तबीयत बिगड़ी थी। रात में उसे दवा दी गई थी। रविवार की सुबह जेल खुलने के वक्त करीब साढ़े पांच बजे विजय सोनकर की तबीयत फिर से बिगड़ने पर उसे त्वरित इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान चिकित्सक ने सुबह छह बजकर पांच मिनट पर मृत घोषित कर दिया था। सीएमओ स्तर से गठित चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया।
तफ्तीश में उजागर होगी चोट लगने की वजह
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जेल प्रशासन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। यह चोट बंदी को कैसे आई, इसकी तफ्तीश की जा रही है। आरोप है कि जेल अधीक्षक की शह पर बंदी रक्षकों ने विजय सोनकर समेत कई बंदियों की पिटाई की थी। जिनमें विजय सोनकर की हालत बिगड़ गई। पिटाई करने वाले बंदियों और पर्यवेक्षण अधिकारियों को मुकदमे में शामिल किया जाएगा।