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नदी की कोख खोद, चांदी निकाल रहे माफिया
Tue, 08 Jan 2019 11:29 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 08 Jan 2019 11:29 PM IST
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नदी में किया गया खनन।
- फोटो : अमर उजाला
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दुबौलिया/विक्रमजोत। अवैध खनन पर राजनीतिक कोहराम चल रहा है। सीबीआई भी लगी है। लेकिन जनपद की सीमा पर यह धंधा जहां बेखौफ चल रहा है, वहीं, दुबौलिया और विक्रमजोत क्षेत्र में रात में जेसीबी पूरी गति से चल रही है। यहां खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं।
दुबौलिया क्षेत्र में रात के वक्त माझा में बालू का अवैध खनन होता है। ऐसे छह से अधिक स्थानों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगे रहते हैं। किसुनपुर, मोजपुर, रिंगबाध व सरयू के बीच में हो रहे खनन में रिंगबांध को कई जगहों पर काटकर रास्ता बना दिया गया है। इतना ही नहीं सूखी नदी की सोती में ह्यूमपाइप डालकर रास्ता बनाया गया है। इसके विरोध में ऊंजी गांव के पास लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर अवैध खनन को बंद कराने की मांग भी पिछले दिनों की थी। प्रशासनिक अफसरों के दौरे के चंद दिनों बाद माफिया फिर सक्रिय हो जाते हैं।
दुबौलिया का माझा इलाका गेहूं, धान व अन्य फसलों की पैदावार में अव्वल माना जाता था। माफिया की नजरें लगीं तो अवैध खनन के चलते बाढ़ क्षेत्र के लिए अभिशाप बन गई है। तीन माह बाढ़ तो नौ माह बालू माफिया इनके खेतों को चालते रहते हैं। माझा के पारा, लटेरा, मोजपुर, माझा ऊंजी, माझा केवाड़ी व पुलिस चौकी किशुनपुर उमरिया में रात में खनन का हाल देखा जा सकता है। प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह का कहना है कि अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। हर हाल में कड़ी कार्रवाई होगी।
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प्रशासन का बालू भी उठा रहे माफिया
बालू माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वर्ष 2016-17 में विक्रमजोत के केशवपुर में डंप बालू को सीज कर दिया था जो खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। जिले की सीमा घघौवा चौकी क्षेत्र के रिधौरा पुरवा, माचां, केशवपुर, भैरोपुर, रानीपुर कठवनिया, रामनगर में सरयू नदी की खड़ी ढाल के बावजूद जगह जगह घाट बनाकर बालू बेच दिया जा रहा है। छावनी पुलिस ने अक्तूबर और नवंबर 19 में सख्ती दिखाई तो चंद्रपलिया भदोई के पास बालू लदी दो ट्रेक्टर ट्रॉली छोड़कर भागे, जिसे सीज कर दिया। तमाम नाकेबंदी के बावजूद यह कार्य दिन ढलते ही शुरू हो जाता है। निर्माणाधीन विक्रमजोत-लोलपुर बांध के आसपास खेतों में बालू निकाले जाने की शिकायत डीएम से लेकर सीएम को ऑनलाइन की गई। केशवपुर प्रधान के प्रतिनिधि रामदुलारे मिश्र, प्रेमचंद्र, अवनीश कुमार, जगदीश, जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि कुछ लोगों का मुख्य धंधा बन गया है। इसी कारण सरयू नदी केशवपुर, माचां, मुंडेरीपुर, रामनगर, रानीपुर कठवनिया में सर्वाधिक कटान करती है। छावनी एसओ अरविंद शाही कहते हैं क्षेत्र में अवैध खनन शून्य है। गत शनिवार को बस्ती और अयोध्या जनपद की सीमा पर खनन की शिकायत पर पहुंचे एसडीएम शिवप्रताप शुक्ल और क्षेत्राधिकारी राहुल पाण्डेय ने निरीक्षण किया और राजस्व टीम को सीमाकंन के निर्देश दिए।
जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर एक्शन : डीएम
बस्ती। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाते हुए घाघरा में कुदरहा क्षेत्र के महुआपार में सीज खनन स्थल पर दोबारा खोदाई करते समय दो दर्जन ट्रक-जेसीबी बरामद की जा चुकीं हैं। अंबेडकरनगर के पट्टे का खनन जिले में लाकर डंप करने पर भी भारी जुर्माना लगाया जा चुका है। डीएम के अनुसार अब पट्टा निर्धारण एवं परिवहन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। पट्टेदारों के आधार से लिंक एक लॉगइन आईडी बना दी गई है। मोबाइल पर उसका ओटीपी आने के बाद वेबसाइट से इलेक्ट्रॉनिक फार्म डाउनलोड हो सकेगा। ई-फार्म पर बार कोड भी होगा। चेकिंग करने वाले अधिकारी बार कोड रीडर से लैस कराए गए हैं। ट्रक नंबर, खनन का समय, ढुलाई का समय, वजन सहित पट्टेदार का पूरा ब्योरा ऑनलाइन सामने आ जाएगा।
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दुबौलिया क्षेत्र में रात के वक्त माझा में बालू का अवैध खनन होता है। ऐसे छह से अधिक स्थानों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगे रहते हैं। किसुनपुर, मोजपुर, रिंगबाध व सरयू के बीच में हो रहे खनन में रिंगबांध को कई जगहों पर काटकर रास्ता बना दिया गया है। इतना ही नहीं सूखी नदी की सोती में ह्यूमपाइप डालकर रास्ता बनाया गया है। इसके विरोध में ऊंजी गांव के पास लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर अवैध खनन को बंद कराने की मांग भी पिछले दिनों की थी। प्रशासनिक अफसरों के दौरे के चंद दिनों बाद माफिया फिर सक्रिय हो जाते हैं।
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दुबौलिया का माझा इलाका गेहूं, धान व अन्य फसलों की पैदावार में अव्वल माना जाता था। माफिया की नजरें लगीं तो अवैध खनन के चलते बाढ़ क्षेत्र के लिए अभिशाप बन गई है। तीन माह बाढ़ तो नौ माह बालू माफिया इनके खेतों को चालते रहते हैं। माझा के पारा, लटेरा, मोजपुर, माझा ऊंजी, माझा केवाड़ी व पुलिस चौकी किशुनपुर उमरिया में रात में खनन का हाल देखा जा सकता है। प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह का कहना है कि अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। हर हाल में कड़ी कार्रवाई होगी।
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प्रशासन का बालू भी उठा रहे माफिया
बालू माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वर्ष 2016-17 में विक्रमजोत के केशवपुर में डंप बालू को सीज कर दिया था जो खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। जिले की सीमा घघौवा चौकी क्षेत्र के रिधौरा पुरवा, माचां, केशवपुर, भैरोपुर, रानीपुर कठवनिया, रामनगर में सरयू नदी की खड़ी ढाल के बावजूद जगह जगह घाट बनाकर बालू बेच दिया जा रहा है। छावनी पुलिस ने अक्तूबर और नवंबर 19 में सख्ती दिखाई तो चंद्रपलिया भदोई के पास बालू लदी दो ट्रेक्टर ट्रॉली छोड़कर भागे, जिसे सीज कर दिया। तमाम नाकेबंदी के बावजूद यह कार्य दिन ढलते ही शुरू हो जाता है। निर्माणाधीन विक्रमजोत-लोलपुर बांध के आसपास खेतों में बालू निकाले जाने की शिकायत डीएम से लेकर सीएम को ऑनलाइन की गई। केशवपुर प्रधान के प्रतिनिधि रामदुलारे मिश्र, प्रेमचंद्र, अवनीश कुमार, जगदीश, जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि कुछ लोगों का मुख्य धंधा बन गया है। इसी कारण सरयू नदी केशवपुर, माचां, मुंडेरीपुर, रामनगर, रानीपुर कठवनिया में सर्वाधिक कटान करती है। छावनी एसओ अरविंद शाही कहते हैं क्षेत्र में अवैध खनन शून्य है। गत शनिवार को बस्ती और अयोध्या जनपद की सीमा पर खनन की शिकायत पर पहुंचे एसडीएम शिवप्रताप शुक्ल और क्षेत्राधिकारी राहुल पाण्डेय ने निरीक्षण किया और राजस्व टीम को सीमाकंन के निर्देश दिए।
जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर एक्शन : डीएम
बस्ती। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाते हुए घाघरा में कुदरहा क्षेत्र के महुआपार में सीज खनन स्थल पर दोबारा खोदाई करते समय दो दर्जन ट्रक-जेसीबी बरामद की जा चुकीं हैं। अंबेडकरनगर के पट्टे का खनन जिले में लाकर डंप करने पर भी भारी जुर्माना लगाया जा चुका है। डीएम के अनुसार अब पट्टा निर्धारण एवं परिवहन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। पट्टेदारों के आधार से लिंक एक लॉगइन आईडी बना दी गई है। मोबाइल पर उसका ओटीपी आने के बाद वेबसाइट से इलेक्ट्रॉनिक फार्म डाउनलोड हो सकेगा। ई-फार्म पर बार कोड भी होगा। चेकिंग करने वाले अधिकारी बार कोड रीडर से लैस कराए गए हैं। ट्रक नंबर, खनन का समय, ढुलाई का समय, वजन सहित पट्टेदार का पूरा ब्योरा ऑनलाइन सामने आ जाएगा।