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Basti News: बस्ती में दुष्कर्म, संतकबरीनगर अपहरण की घटनाएं बढ़ी
Thu, 25 Jan 2024 02:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 25 Jan 2024 02:50 AM IST
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बस्ती। पुलिस महानिरीक्षक आरके भारद्वाज ने बुधवार को परिक्षेत्र के तीनों जनपदों के विशेष जांच प्रकोष्ठ शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा की। समीक्षा से पाया गया कि विशेष जांच प्रकोष्ठ बस्ती व सिद्धार्थनगर का वार्षिक ,अर्द्धवार्षिक व त्रैमासिक निरीक्षण अधिकारियों ने अत्यंत ही कम किया है। संतकबीरनगर के किसी अधिकारी ने निरीक्षण किया ही नहीं।
एससी /एसटी एक्ट के पंजीकृत अपराध आंकड़े की समीक्षा में पाया गया कि जनपद बस्ती में दुष्कर्म, जनपद संतकबीरनगर में गंभीर चोट, दुष्कर्म व अपहरण तथा जनपद सिद्धार्थनगर में अपहरण के अपराध में वृद्धि पाई गई। उक्त अपराधों की रोकथाम के लिए कार्ययोजना तैयार करने और उस पर कार्रवाई करने की हिदायत दी। बस्ती व सिद्धार्थनगर में विवेचनाएं 60 दिवस से अधिक समय से लंबित पाई गईं। उक्त अपराध में अपराधियों को काफी कम संख्या में सजा हुई है। लं
बित वादों की संख्या काफी ज्यादा है। मॉनिटरिंग सेल से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी पैरवी कराते हुए अधिक से अधिक अभियोगों में अपराधी को सजा दिलवाकर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने को कहा गया। सभी को निर्देशित किया गया कि शासनादेश के अनुरूप पीड़ित पक्ष को आर्थिक सहायता दिलाने हेतु जिला समाज कल्याण अधिकारी को समय से रिपोर्ट प्रेषित करे, जिससे अतिशीघ्र पीड़ित पक्ष को अनुदान प्राप्त हो सके।
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एससी /एसटी एक्ट के पंजीकृत अपराध आंकड़े की समीक्षा में पाया गया कि जनपद बस्ती में दुष्कर्म, जनपद संतकबीरनगर में गंभीर चोट, दुष्कर्म व अपहरण तथा जनपद सिद्धार्थनगर में अपहरण के अपराध में वृद्धि पाई गई। उक्त अपराधों की रोकथाम के लिए कार्ययोजना तैयार करने और उस पर कार्रवाई करने की हिदायत दी। बस्ती व सिद्धार्थनगर में विवेचनाएं 60 दिवस से अधिक समय से लंबित पाई गईं। उक्त अपराध में अपराधियों को काफी कम संख्या में सजा हुई है। लं
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बित वादों की संख्या काफी ज्यादा है। मॉनिटरिंग सेल से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी पैरवी कराते हुए अधिक से अधिक अभियोगों में अपराधी को सजा दिलवाकर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने को कहा गया। सभी को निर्देशित किया गया कि शासनादेश के अनुरूप पीड़ित पक्ष को आर्थिक सहायता दिलाने हेतु जिला समाज कल्याण अधिकारी को समय से रिपोर्ट प्रेषित करे, जिससे अतिशीघ्र पीड़ित पक्ष को अनुदान प्राप्त हो सके।
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