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Basti News: बुजुर्ग मौत मामले में सीएमओ ऑफिस में फिर हुआ डॉक्टर दंपती का लिखित बयान, कार्रवाई तय
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सीएमओ ऑफिस में ओमवीर अस्पताल के डॉक्टर दंपत्ति से बयान लेते जांच अधिकारी
- जांच अधिकारियों के सवाल पर भड़कते दिखे डॉक्टर दंपती
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बुजुर्ग की मौत मामले में जांच का सामना कर रहे सरकारी सेवा में रहते निजी अस्पताल चला रहे चिकित्सक दंपती की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जांच टीम जल्द ही संचालित ओमवीर हॉस्पिटल को सील कर सकती है। मंगलवार को दोनों डॉक्टरों का फिर से सीएमओ ऑफिस में लिखित बयान लिया गया। इस दौरान सवाल-जवाब के समय दंपती कई बातों को लेकर जांच टीम पर भड़क उठे। हालांकि, बाद में मामला शांत हुआ।
निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की मौत होने के बाद परिजनों ने डीएम से इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इस मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी की टीम कर रही है। मंगलवार को चिकित्सक दंपती सीएमओ कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा। पूर्व में दिए गए नोटिस का लिखित में जवाब भी दिया।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों के सामने उन्होंने स्वीकार्य किया है कि वह पति-पत्नी सरकारी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के सामने अस्पताल सील करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। जांच अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि दोनों चिकित्सक सरकारी सेवा में हैं, नियमानुसार जो होगा, कार्रवाई जल्द की जाएगी।
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टीम में श्रवण कुमार शुक्ल, पटल सहायक अभिषेक पाल समेत अन्य मौजूद रहे।
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ये है मामला
पीड़ित ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि कैली रोड पर डॉ. नवीन चौधरी व उनकी पत्नी डॉ. अर्चना ओमवीर हॉस्पिटल के नाम से निजी अस्पताल का संचालन करते हैं। डॉ. नवीन की तैनाती आंबेडकरनगर में मेडिकल कॉलेज में है, जबकि डॉ. अर्चना की तैनाती सीएचसी मरवटिया में है। यह पति-पत्नी ओमवीर हॉस्पिटल का संचालन भी करते हैं। नगर थाना क्षेत्र के मरहा निवासी वीरेंद्र प्रताप ने सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में कहा कि उसने अपने पिता पल्टूराम को 17 जुलाई को फोड़े के ऑपरेशन के लिए ओमवीर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। ऑपरेशन के नाम पर काफी रकम की मांग की गई। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई तो मरीज को जबरदस्ती गोरखपुर के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। गोरखपुर ले जाते समय उनकी मौत हो गई। अस्पताल पर लापरवाही से इलाज करने का गंभीर आरोप लगाया है।
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पीड़ित ने जांच टीम पर लगाया पक्षपात करने का आरोप, मजिस्ट्रीयल जांच की मांग
बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के मरहा निवासी वीरेंद्र प्रताप ने मंगलवार को डीएम को पत्र सौंपा। पत्र में आरोप लगाया कि पिता की मौत प्रकरण की जांच कर रही टीम आरोपी अस्पताल संचालक का पक्षपात कर रही है। ऐसे में जांच टीम को बदला जाए और मजिस्ट्रीयल जांच कराई जाए, ताकि न्याय मिल सके। आरोप लगाया कि दंपती डॉक्टर को बचाने का कार्य किया जा रहा है। जांच टीम को तत्काल हटाया जाए। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बुजुर्ग की मौत मामले में जांच का सामना कर रहे सरकारी सेवा में रहते निजी अस्पताल चला रहे चिकित्सक दंपती की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जांच टीम जल्द ही संचालित ओमवीर हॉस्पिटल को सील कर सकती है। मंगलवार को दोनों डॉक्टरों का फिर से सीएमओ ऑफिस में लिखित बयान लिया गया। इस दौरान सवाल-जवाब के समय दंपती कई बातों को लेकर जांच टीम पर भड़क उठे। हालांकि, बाद में मामला शांत हुआ।
निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की मौत होने के बाद परिजनों ने डीएम से इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इस मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी की टीम कर रही है। मंगलवार को चिकित्सक दंपती सीएमओ कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा। पूर्व में दिए गए नोटिस का लिखित में जवाब भी दिया।
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बताया जा रहा है कि अधिकारियों के सामने उन्होंने स्वीकार्य किया है कि वह पति-पत्नी सरकारी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के सामने अस्पताल सील करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। जांच अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि दोनों चिकित्सक सरकारी सेवा में हैं, नियमानुसार जो होगा, कार्रवाई जल्द की जाएगी।
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टीम में श्रवण कुमार शुक्ल, पटल सहायक अभिषेक पाल समेत अन्य मौजूद रहे।
ये है मामला
पीड़ित ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि कैली रोड पर डॉ. नवीन चौधरी व उनकी पत्नी डॉ. अर्चना ओमवीर हॉस्पिटल के नाम से निजी अस्पताल का संचालन करते हैं। डॉ. नवीन की तैनाती आंबेडकरनगर में मेडिकल कॉलेज में है, जबकि डॉ. अर्चना की तैनाती सीएचसी मरवटिया में है। यह पति-पत्नी ओमवीर हॉस्पिटल का संचालन भी करते हैं। नगर थाना क्षेत्र के मरहा निवासी वीरेंद्र प्रताप ने सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में कहा कि उसने अपने पिता पल्टूराम को 17 जुलाई को फोड़े के ऑपरेशन के लिए ओमवीर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। ऑपरेशन के नाम पर काफी रकम की मांग की गई। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ गई तो मरीज को जबरदस्ती गोरखपुर के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। गोरखपुर ले जाते समय उनकी मौत हो गई। अस्पताल पर लापरवाही से इलाज करने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित ने जांच टीम पर लगाया पक्षपात करने का आरोप, मजिस्ट्रीयल जांच की मांग
बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के मरहा निवासी वीरेंद्र प्रताप ने मंगलवार को डीएम को पत्र सौंपा। पत्र में आरोप लगाया कि पिता की मौत प्रकरण की जांच कर रही टीम आरोपी अस्पताल संचालक का पक्षपात कर रही है। ऐसे में जांच टीम को बदला जाए और मजिस्ट्रीयल जांच कराई जाए, ताकि न्याय मिल सके। आरोप लगाया कि दंपती डॉक्टर को बचाने का कार्य किया जा रहा है। जांच टीम को तत्काल हटाया जाए। संवाद