{"_id":"66e718bf4dc0dd1fc5001b80","slug":"if-you-trust-the-app-you-will-get-cheated-you-may-miss-the-train-basti-news-c-7-1-gkp1032-685689-2024-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: कोच नए, आरक्षण का सिस्टम पुराना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: कोच नए, आरक्षण का सिस्टम पुराना
Sun, 15 Sep 2024 10:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 15 Sep 2024 10:56 PM IST
विज्ञापन
रिजर्वेशन सिस्टम पर अपडेट न होने का खामियाजा भुगत रहे बुजुर्ग यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ट्रेनों में पुराने कोच हटाकर नए कोच लगाए जा रहे हैं। मगर, कई ट्रेनों के नए कोच रिजर्वेशन सिस्टम पर अपडेट न होने का खामियाजा बुजुर्ग यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। बुजुर्ग यात्री लोअर बर्थ की मांग करते हैं। रेलवे की प्राथमिकता में भी बुजुर्गों को लोअर बर्थ आवंटन है, लेकिन कोचों में बर्थ की संख्या कम-ज्यादा होने के कारण सीटों का आवंटन गड़बड़ा रहा है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म टिकट के लिए मारामारी रहती है। रेलवे ने अधिकतर ट्रेनों में आईसीएफ के स्थान पर एलएचबी रैक लगा दिए हैं। एलएचबी कोच में आईसीएफ के मुकाबले सीटों की संख्या ज्यादा होती है। यात्रियों का दबाव बढ़ने पर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े जा रहे हैं। किसी कोच में सीटों की संख्या 42 तो किसी में 46 से 48 तक होती है। इन कोचों को भी रिजर्वेशन सिस्टम पर अपटेड नहीं किया जा रहा। इस कारण रिजर्वेशन सिस्टम के तहत यात्रियों को लोअर की जगह अपर बर्थ मिल रही है।
नए कोचों में सीटों की संख्या ज्यादा होने के कारण बर्थ नंबर ऊपर-नीचे हो जाते हैं। जैसे किसी यात्री को 21 नंबर बर्थ आवंटित हुई है। पुराने कोच में यह लोअर बर्थ होती है, लेकिन नए कोच में अपर बर्थ हो जाती है। मुख्य टिकट पयवेक्षक एके पाठक ने बताया कि सीटों का आवंटन सॉफ्टवेयर के अनुसार होता है। नए डिब्बों के अनुसार, अभी सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो पाए हैं।
विज्ञापन
...
ये हैं कारण
नए कोच में बर्थ प्लान आठ कूपे के एसी-3 से एकदम अलग है। कई ट्रेनों में रिजर्वेशन सिस्टम पुराने थ्री टियर कूपे के अनुसार ही बर्थ आवंटन कर रहा है। नए कोच में 10 कूपे होते हैं। इस कारण इसमें सीटों की संख्या बढ़कर 80 हो जाती है। इससे आवंटन के समय बर्थ कई बार नीचे की ऊपर और ऊपर की नीचे होती है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ट्रेनों में पुराने कोच हटाकर नए कोच लगाए जा रहे हैं। मगर, कई ट्रेनों के नए कोच रिजर्वेशन सिस्टम पर अपडेट न होने का खामियाजा बुजुर्ग यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। बुजुर्ग यात्री लोअर बर्थ की मांग करते हैं। रेलवे की प्राथमिकता में भी बुजुर्गों को लोअर बर्थ आवंटन है, लेकिन कोचों में बर्थ की संख्या कम-ज्यादा होने के कारण सीटों का आवंटन गड़बड़ा रहा है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म टिकट के लिए मारामारी रहती है। रेलवे ने अधिकतर ट्रेनों में आईसीएफ के स्थान पर एलएचबी रैक लगा दिए हैं। एलएचबी कोच में आईसीएफ के मुकाबले सीटों की संख्या ज्यादा होती है। यात्रियों का दबाव बढ़ने पर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े जा रहे हैं। किसी कोच में सीटों की संख्या 42 तो किसी में 46 से 48 तक होती है। इन कोचों को भी रिजर्वेशन सिस्टम पर अपटेड नहीं किया जा रहा। इस कारण रिजर्वेशन सिस्टम के तहत यात्रियों को लोअर की जगह अपर बर्थ मिल रही है।
विज्ञापन
नए कोचों में सीटों की संख्या ज्यादा होने के कारण बर्थ नंबर ऊपर-नीचे हो जाते हैं। जैसे किसी यात्री को 21 नंबर बर्थ आवंटित हुई है। पुराने कोच में यह लोअर बर्थ होती है, लेकिन नए कोच में अपर बर्थ हो जाती है। मुख्य टिकट पयवेक्षक एके पाठक ने बताया कि सीटों का आवंटन सॉफ्टवेयर के अनुसार होता है। नए डिब्बों के अनुसार, अभी सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हो पाए हैं।
विज्ञापन
...
ये हैं कारण
नए कोच में बर्थ प्लान आठ कूपे के एसी-3 से एकदम अलग है। कई ट्रेनों में रिजर्वेशन सिस्टम पुराने थ्री टियर कूपे के अनुसार ही बर्थ आवंटन कर रहा है। नए कोच में 10 कूपे होते हैं। इस कारण इसमें सीटों की संख्या बढ़कर 80 हो जाती है। इससे आवंटन के समय बर्थ कई बार नीचे की ऊपर और ऊपर की नीचे होती है।