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Basti News: एप पर करेंगे भरोसा तो खा जाएंगे धोखा... छूट सकती है ट्रेन
Sun, 15 Sep 2024 10:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 15 Sep 2024 10:52 PM IST
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रेलवे के एप कोच की सही स्थिति बता पाने में सक्षम नहीं
स्टेशन के पूछताछ केंद्र से सही स्थिति की जानकारी लेकर ही जाएं प्लेटफाॅर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ट्रेनों की लाइव लोकेशन बताने वाले एप के माध्यम से यदि कोच की स्थिति पता कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। यह एप कोचों के क्रम की स्थिति को ठीक ढंग से बता पाने में सक्षम नहीं है। इससे आपकी ट्रेन छूट भी सकती है। ऐसे में समय से स्टेशन पहुंचकर कोच के क्रम की सही स्थिति पूछताछ केंद्र से जरूर पता कर लें।
सूचना प्रणाली कई बार परेशानी का कारण बन जाती है। हम बात कर रहे हैं ट्रेनों की लाइव लोकेशन बताते वाली मोबाइल एप ह्वेयर इज माय ट्रेन की। अपनी एक्यूरेसी के चलते यात्रियों में लोकप्रिय यह एप उनकी मायूसी का कारण भी बन रही है। दरअसल, यह एप ट्रेन की लाइव लोकेशन के अलावा इंजन से कोच के क्रम को भी बताती है। यात्री इसी पर भरोसा कर प्लेटफाॅर्म पर ट्रेन का इंतजार करते हैं। जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंचती है तो कोच क्रमबद्ध न होकर आगे-पीछे मिलते हैं।
इससे प्लेटफाॅर्म पर भगदड़ जैसी स्थिति हो जाती है। कई बार यात्रियों की ट्रेन छूट भी जाती है। इसे ऐसे समझें, एप के अनुसार, गोरखपुर से चलकर आनंद विहार टर्मिनल तक जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस में इंजन से दूसरे व तीसरे नंबर पर जनरल कोच लगे होने चाहिए। जबकि ट्रेन में दोनों जनरल कोच सबसे पीछे लगाए गए हैं। इसी प्रकार, अन्य ट्रेनों में कोच की स्थिति एप पर दिख रहे क्रम से अलग होती है। ऐसी दशा में यात्रियों के लिए समय से रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर पूछताछ केंद्र से कोच की सही स्थिति जान लेना ही हितकर साबित होगा।
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इस कारण बदल जाते हैं कोच के क्रम
रेल कर्मियों ने बताया कि सभी सवारी गाड़ियां जोड़े में चलाई जाती हैं। मान लें कि आनंद विहार टर्मिनल से चलकर गोरखपुर तक जाने वाली सत्याग्रह किसी दिन निर्धारित समय से गोरखपुर नहीं पहुंच पाई। ऐसे में गोरखपुर से चलकर आनंद विहार जाने वाले ट्रेन का समय से गंतव्य की ओर रवाना करने के लिए रेलवे प्रशासन अन्य ट्रेनों की बोगियां लगा देता है। ऐसे में कोचों का क्रम आगे-पीछे हो जाता है।
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स्टेशन के पूछताछ केंद्र से सही स्थिति की जानकारी लेकर ही जाएं प्लेटफाॅर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ट्रेनों की लाइव लोकेशन बताने वाले एप के माध्यम से यदि कोच की स्थिति पता कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। यह एप कोचों के क्रम की स्थिति को ठीक ढंग से बता पाने में सक्षम नहीं है। इससे आपकी ट्रेन छूट भी सकती है। ऐसे में समय से स्टेशन पहुंचकर कोच के क्रम की सही स्थिति पूछताछ केंद्र से जरूर पता कर लें।
सूचना प्रणाली कई बार परेशानी का कारण बन जाती है। हम बात कर रहे हैं ट्रेनों की लाइव लोकेशन बताते वाली मोबाइल एप ह्वेयर इज माय ट्रेन की। अपनी एक्यूरेसी के चलते यात्रियों में लोकप्रिय यह एप उनकी मायूसी का कारण भी बन रही है। दरअसल, यह एप ट्रेन की लाइव लोकेशन के अलावा इंजन से कोच के क्रम को भी बताती है। यात्री इसी पर भरोसा कर प्लेटफाॅर्म पर ट्रेन का इंतजार करते हैं। जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंचती है तो कोच क्रमबद्ध न होकर आगे-पीछे मिलते हैं।
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इससे प्लेटफाॅर्म पर भगदड़ जैसी स्थिति हो जाती है। कई बार यात्रियों की ट्रेन छूट भी जाती है। इसे ऐसे समझें, एप के अनुसार, गोरखपुर से चलकर आनंद विहार टर्मिनल तक जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस में इंजन से दूसरे व तीसरे नंबर पर जनरल कोच लगे होने चाहिए। जबकि ट्रेन में दोनों जनरल कोच सबसे पीछे लगाए गए हैं। इसी प्रकार, अन्य ट्रेनों में कोच की स्थिति एप पर दिख रहे क्रम से अलग होती है। ऐसी दशा में यात्रियों के लिए समय से रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर पूछताछ केंद्र से कोच की सही स्थिति जान लेना ही हितकर साबित होगा।
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इस कारण बदल जाते हैं कोच के क्रम
रेल कर्मियों ने बताया कि सभी सवारी गाड़ियां जोड़े में चलाई जाती हैं। मान लें कि आनंद विहार टर्मिनल से चलकर गोरखपुर तक जाने वाली सत्याग्रह किसी दिन निर्धारित समय से गोरखपुर नहीं पहुंच पाई। ऐसे में गोरखपुर से चलकर आनंद विहार जाने वाले ट्रेन का समय से गंतव्य की ओर रवाना करने के लिए रेलवे प्रशासन अन्य ट्रेनों की बोगियां लगा देता है। ऐसे में कोचों का क्रम आगे-पीछे हो जाता है।