{"_id":"6aa8419c358ae6a5c006e7b4","slug":"icu-on-ventilator-due-to-borrowed-operators-basti-news-c-7-1-gkp1039-1451470-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: उधार के ऑपरेटर, ‘वेंटिलेटर’ पर आईसीयू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: उधार के ऑपरेटर, ‘वेंटिलेटर’ पर आईसीयू
विज्ञापन
मईपुर गांव में मकान से सटकर बहती सरयू संवाद
बस्ती। जिला अस्पताल के आईसीयू में 10 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। आईसीयू के संचालन के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर और टेक्निशियन उपलब्ध नहीं होने से सांस के गंभीर मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ रेफर करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वेंटिलेटर संचालन की जरूरत पर पीआईसीयू के ऑपरेटर की मदद ली जाती है।
जिला अस्पताल में टेक्निशियन न होने से चिकित्सा सेवाएं बाधित हो रही हैं तो वहीं विशेषज्ञ डाॅक्टरों के अभाव में मरीजों को मुकम्मल इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। ओपीडी में रोजाना करीब 1100 से 1200 मरीज चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचते हैं।
इमरजेंसी में भी 50 से 60 मरीज आते हैं। एमडी मेडिसिन और कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में गंभीर मरीजों के उपचार में जनरल फिजिशियन की मदद ली जाती है। वायरल संक्रमण, तेज बुखार, उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं में गंभीर मरीजों को जनरल वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को 10 बेड के आईसीयू में ऑक्सीजन दी जाती है।
विज्ञापन
सोमवार को आईसीयू में दो मरीज भर्ती थे। प्रशिक्षित ऑपरेटर और टेक्निशियन के अभाव में ज्यादा गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ रेफर करना पड़ता है।
डायरिया के साथ पेट के संक्रमण के मरीज बढ़े : सोमवार को तीज और गणेश चतुर्थी के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। इसके बावजूद ओपीडी में 756 मरीज पहुंचे थे। इनमें वायरल संक्रमण, बुखार, बदन दर्द, पेट दर्द और डायरिया के लक्षण वाले मरीज अधिक रहे। फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ बदन दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। गले में संक्रमण के बाद मुंह में छाले भी पड़ जा रहे हैं जिससे उन्हें खाने-पीने में परेशानी हो रही है।
बाल रोग विभाग में सात वर्षीय अयांश को तेज बुखार की शिकायत पर उपचार दिया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत बच्चों में बुखार की शिकायत मिल रही है। मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मामले बढ़े हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में टेक्निशियन न होने से चिकित्सा सेवाएं बाधित हो रही हैं तो वहीं विशेषज्ञ डाॅक्टरों के अभाव में मरीजों को मुकम्मल इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। ओपीडी में रोजाना करीब 1100 से 1200 मरीज चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचते हैं।
विज्ञापन
इमरजेंसी में भी 50 से 60 मरीज आते हैं। एमडी मेडिसिन और कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में गंभीर मरीजों के उपचार में जनरल फिजिशियन की मदद ली जाती है। वायरल संक्रमण, तेज बुखार, उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं में गंभीर मरीजों को जनरल वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को 10 बेड के आईसीयू में ऑक्सीजन दी जाती है।
विज्ञापन
सोमवार को आईसीयू में दो मरीज भर्ती थे। प्रशिक्षित ऑपरेटर और टेक्निशियन के अभाव में ज्यादा गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ रेफर करना पड़ता है।
डायरिया के साथ पेट के संक्रमण के मरीज बढ़े : सोमवार को तीज और गणेश चतुर्थी के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। इसके बावजूद ओपीडी में 756 मरीज पहुंचे थे। इनमें वायरल संक्रमण, बुखार, बदन दर्द, पेट दर्द और डायरिया के लक्षण वाले मरीज अधिक रहे। फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ बदन दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। गले में संक्रमण के बाद मुंह में छाले भी पड़ जा रहे हैं जिससे उन्हें खाने-पीने में परेशानी हो रही है।
बाल रोग विभाग में सात वर्षीय अयांश को तेज बुखार की शिकायत पर उपचार दिया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत बच्चों में बुखार की शिकायत मिल रही है। मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मामले बढ़े हैं।

मईपुर गांव में मकान से सटकर बहती सरयू संवाद