फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Hopes of return of 24 Indian workers stranded in Oman increased

Basti News: ओमान में फंसे 24 भारतीय कामगारों की वतन वापसी की उम्मीद बढ़ीं

Mon, 08 Sep 2025 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 08 Sep 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
Hopes of return of 24 Indian workers stranded in Oman increased
बस्ती/बहादुरपुर। ओमान में फंसे 24 भारतीयों के स्वदेश लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। कलवारी थानाक्षेत्र के महुआपार कला गांव के नंदलाल ने संतकबीरनगर जिले के रहने वाले अपने भांजे को बताया कि उनकी परेशानी को ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने संज्ञान ले लिया है। सभी लोगों को दूतावास बुलाया गया है।
विज्ञापन

हालांकि, उन सभी का वीजा समाप्त होने की वजह से कानूनी अड़चनें आड़े आ रही हैं। बावजूद इसके दूतावास स्तर से उन्हें भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है। उन 24 भारतीयों में नंदलाल के अलावा गोरखपुर जिले के बेलघाट थानाक्षेत्र के रपतापुर निवासी अमरजीत निषाद भी हैं। नंदलाल के मुताबिक, शेष किस प्रांत के हैं, यह नहीं पता है। लेकिन, सभी भारतीय हैं।
विज्ञापन

नंदलाल के भतीजे अनिल ने बताया कि तीन जून को उसके चाचा नंदलाल और गोरखपुर जिले के बेलघाट थानाक्षेत्र के रपतापुर निवासी रिश्तेदार अमरजीत निषाद तीन जून 2022 को फैशन डिजाइन कंपनी में दो वर्ष के कांट्रैक्ट पर काम करने के लिए गए थे। अनिल के मुताबिक, वहां पहुंचते ही कंपनी में पासपोर्ट और वीजा जमा करा लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

24 जून 2024 को कांट्रैक्ट समाप्त हो गया। मगर, उन सबको वापस भेजने के बजाए काम लिया जाता रहा और उसके पैसे भी नहीं मिल रहे हैं। नंदलाल ने परिवार के लोगों को बताया कि दो लोगों ने इस बात की स्थानीय प्रशासन से शिकायत की तो कंपनी वालों ने दोनों को जेल भिजवा दिया। उसके बाद कोई भी आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
नंदलाल ने अपने बुआ के लड़के के पास रविवार को व्हाट्सएप कॉल करके बताया कि एंबेसी में उन लोगों को बुलाया गया है। उसने घर वालों को संदेश दिया है कि उसकी वापसी के लिए हवाई टिकट के पैसे का इंतजाम करने करके रखें। हो सकता है कि अपने खर्च पर वहां से निकलने का इंतजाम बन जाए।

बता दें कि नंदलाल के रिश्तेदार ने मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में प्रार्थना पत्र देकर मदद की गुहार की था।
नंदलाल की पत्नी रेनू निवासिनी महुआपार कला थाना कलवारी ने बताया कि दो वर्षों के बाद से उन्हें काम के बदले पैसे भी नहीं दिए जा रहे हैं और न ही भारत वापस जाने दिया जा रहा है।े
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed