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Basti News: धुंधली पड़ने लगी शव मिलने की उम्मीद, एक और प्रयास में पुलिस
Sat, 03 Aug 2024 04:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 03 Aug 2024 04:30 AM IST
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मोहित हत्याकांड: 22 दिन पहले हत्या के बाद कुआनो नदी में फेंका गया था शव
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। 22 दिन पहले मौत के घाट उतारकर नदी में फेंके गए मोहित यादव के शव के मिलने की उम्मीद अब धुंधली पड़ती जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। कुआनो नदी में जिस जगह से शव फेंकने के बारे में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए इनामी आरोपी इलहान ने पुलिस को बताया था, वहां पानी में खोजबीन के लिए एसडीआरएफ को फिर से बुलाया जा रहा है। मगर, हालात देखते हुए जानकार बताते हैं कि इतने दिन बीत जाने के बाद शव मिलने की संभावना न के बराबर है।
जानकार बताते हैं कि पानी में शव डालने के बाद शरीर में डी-कंपोजिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इससे दो-तीन दिन बाद शरीर फूलकर ऊपर आ जाता है। पांच-छह दिन बाद उसमें सड़न पैदा होने लगती है। हड्डी छोड़कर बाकी हिस्से गलने लगते हैं। मछलियां और अन्य जलीय जीव भी काफी हिस्सा खा चुके होते हैं। 15-18 दिन के बाद बाकी बची शरीर का ढांचा तलहटी में डूबकर टिक जाता है। इसलिए उसके ढूंढ़कर निकालने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। मोहित यादव के मामले में लगभग ऐसी ही स्थिति बन गई है।
12 जुलाई को शहर के पिकौरा दत्तूराय मोहल्ले से मोहित को अपहृत किया गया था। देर शाम सूचना फैली कि उसकी हत्या कर दी गई है, लेकिन इसकी किसी भी तरह पुष्टि न होने की वजह से पुलिस और परिवार के लोग ढूंढने में जुट रहे। इस बीच अपहृत करने वालों में कई गिरफ्तारियां हुईं। बाद में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद हत्या की पुष्टि तो हुई, लेकिन उसका शव कहां फेंका गया इसका पता नहीं लग पाया था।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियाें ने इतना जरूर बताया था कि शव को लालगंज क्षेत्र के चंगेरवा गांव के पास नदी में फेंका गया है, लेकिन वह जगह नहीं बता पा रहे थे। पुलिस ने अनुमान के आधार पर चंगेरवा से लेकर बानपुर तक करीब 10 किलोमीटर नदी को खंगाल डाला। कई दिनों तक एसडीआरएफ की टीम पानी मथती रही लेकिन मोहित यादव का शव बरामद नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को हत्या और शव को ठिकाने लगाने वाले इलहान की गिरफ्तारी होने के बाद पता चला कि शव को पिपरा गौतम जाने वाले दबिला पुल से कुआनों नदी में फेंका गया है। यह स्थान चंगेरवा से करीब एक किलोमीटर पश्चिम स्थित है। अब पुलिस को लगता है कि उसी एक किमी के बीच कहीं न कहीं मोहित का शव जरूर होगा। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि शव ढूंढ़ने की हर संभव कोशिश की जा रही है। एसडीआरएफ को फिर बुलाया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। 22 दिन पहले मौत के घाट उतारकर नदी में फेंके गए मोहित यादव के शव के मिलने की उम्मीद अब धुंधली पड़ती जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। कुआनो नदी में जिस जगह से शव फेंकने के बारे में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए इनामी आरोपी इलहान ने पुलिस को बताया था, वहां पानी में खोजबीन के लिए एसडीआरएफ को फिर से बुलाया जा रहा है। मगर, हालात देखते हुए जानकार बताते हैं कि इतने दिन बीत जाने के बाद शव मिलने की संभावना न के बराबर है।
जानकार बताते हैं कि पानी में शव डालने के बाद शरीर में डी-कंपोजिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इससे दो-तीन दिन बाद शरीर फूलकर ऊपर आ जाता है। पांच-छह दिन बाद उसमें सड़न पैदा होने लगती है। हड्डी छोड़कर बाकी हिस्से गलने लगते हैं। मछलियां और अन्य जलीय जीव भी काफी हिस्सा खा चुके होते हैं। 15-18 दिन के बाद बाकी बची शरीर का ढांचा तलहटी में डूबकर टिक जाता है। इसलिए उसके ढूंढ़कर निकालने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। मोहित यादव के मामले में लगभग ऐसी ही स्थिति बन गई है।
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12 जुलाई को शहर के पिकौरा दत्तूराय मोहल्ले से मोहित को अपहृत किया गया था। देर शाम सूचना फैली कि उसकी हत्या कर दी गई है, लेकिन इसकी किसी भी तरह पुष्टि न होने की वजह से पुलिस और परिवार के लोग ढूंढने में जुट रहे। इस बीच अपहृत करने वालों में कई गिरफ्तारियां हुईं। बाद में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद हत्या की पुष्टि तो हुई, लेकिन उसका शव कहां फेंका गया इसका पता नहीं लग पाया था।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियाें ने इतना जरूर बताया था कि शव को लालगंज क्षेत्र के चंगेरवा गांव के पास नदी में फेंका गया है, लेकिन वह जगह नहीं बता पा रहे थे। पुलिस ने अनुमान के आधार पर चंगेरवा से लेकर बानपुर तक करीब 10 किलोमीटर नदी को खंगाल डाला। कई दिनों तक एसडीआरएफ की टीम पानी मथती रही लेकिन मोहित यादव का शव बरामद नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को हत्या और शव को ठिकाने लगाने वाले इलहान की गिरफ्तारी होने के बाद पता चला कि शव को पिपरा गौतम जाने वाले दबिला पुल से कुआनों नदी में फेंका गया है। यह स्थान चंगेरवा से करीब एक किलोमीटर पश्चिम स्थित है। अब पुलिस को लगता है कि उसी एक किमी के बीच कहीं न कहीं मोहित का शव जरूर होगा। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि शव ढूंढ़ने की हर संभव कोशिश की जा रही है। एसडीआरएफ को फिर बुलाया गया है।