Basti News: साहब अवकाश पर, स्वास्थ्य विभाग के आठ सौ संविदा कर्मियों का मानदेय लटका
आरबीएसके के चिकित्सक डॉ. नीरज ने कहा कि सीएमओ की लापरवाही का नतीजा कर्मी भुगत रहे हैं। उनका तो यहां से कुछ लेना देना नहीं है, मगर मानदेय न मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कहा कि डीएम से मुलाकात की गई है, सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
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स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। स्वास्थ्य विभाग में आयुष चिकित्सक, आरबीएसके चिकित्सक व कर्मी, एएनएम, स्टाफ नर्स, एचसीओ, लैब टेक्नीशियन सहित कुल आठ सौ अधिकारी व कर्मी पिछले सात माह से मानदेय के लिए परेशान हैं। डीएम तक मामला पहुंच चुका है, मगर नवागत सीएमओ पर इसका कोई असर नहीं है। वे अभी भी मेडिकल अवकाश पर हैं।
शासन ने तीस जून को यहां तैनात सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर का तबादला आगरा कर दिया। यहां डॉ. हरिदास अग्रवाल को तैनाती मिली, मगर तैनाती के बाद करीब बीस दिन वे आए ही नहीं न तो ज्वाइन किया। बाद में किसी तरह वे आए और कामकाज संभाल लिया, मगर तत्कालीन सीएमओ के समय के लंबित सैकड़ों मामलों के दबाव में वे अवकाश लेकर चले गए। इसके बाद तमाम फाइलें फिर लंबित हो गईं।
इधर, तत्कालीन सीएमओ की ओर से संविदा अधिकारियों व कर्मियों के मानदेय को लेकर लगाए गए तमाम अड़ंगों के चलते उनका सात माह से मानदेय नहीं मिल पाया है। जबकि 22 आयुष चिकित्सकों का भी मानदेय दो माह से रुका है।
बोले कर्मी
आरबीएसके के चिकित्सक डॉ. नीरज ने कहा कि सीएमओ की लापरवाही का नतीजा कर्मी भुगत रहे हैं। उनका तो यहां से कुछ लेना देना नहीं है, मगर मानदेय न मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कहा कि डीएम से मुलाकात की गई है, सिर्फ आश्वासन ही मिला है। आनंद गौरव शुक्ल ने कहा कि व्यवस्था भगवान भरोसे है। कोई पूछने वाला नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग में क्या हो रहा है। तंत्र की ढिलाई का लाभ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उठा रहे हैं। मातहतों की उन्हें कोई चिंता नहीं है।
बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. हरिदास अग्रवाल ने किसी भी मामले की जानकारी से इन्कार किया। बोले वे मेडिकल अवकाश पर हैं। उनका चार्ज डॉ. एके गुप्ता के पास है। वही इसका जवाब देंगे।
बोले प्रभारी सीएमओ
प्रभारी सीएमओ डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी है। इसके अलावा वित्तीय कार्य मैं नहीं कर सकता। वेतन व मानदेय वित्तीय कार्य है। ऐसे में सीएमओ ही उसका निस्तारण कर सकेंगे। कितने संविदा कर्मियों का मानदेय बकाया है। इसकी मुझे जानकारी नहीं है।