फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   holy festival celibration

Basti News: होलिका दहन आज, शुभ मुहूर्त 2.27 घंटे तक

Tue, 07 Mar 2023 07:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 07 Mar 2023 07:33 AM IST
विज्ञापन
holy festival celibration
गांधीनगर में स्थापित होलिका।
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बस्ती। फाल्गुन मास की पूर्णिमा दो दिन होने की वजह से भले ही असमंजस रहा हो, लेकिन अधिकतर धर्मावलंबियों ने मंगलवार शाम को ही होलिका दहन का निर्णय लिया है। पंचांग विश्लेषण के आधार पर ज्योतिषियों का कहना है कि मंगलवार को शाम 6:12 बजे से 8:39 बजे के बीच दो घंटे 27 मिनट तक होलिका दहन का सबसे उत्तम मुहूर्त है।
पंडित देवस्य मिश्र के मुताबिक फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि का आरंभ छह मार्च सोमवार को शाम 4:17 बजे हो चुका है। पूर्णिमा का समापन सात मार्च मंगलवार को शाम 6:09 बजे होगा। छह मार्च सोमवार को शाम 04:17 से सात मार्च मंगलवार तक भद्रा लग चुका है। विद्वानों की राय में भद्राकाल में होलिका दहन करने का विधान नहीं है। ऐसे में मंगलवार को गोधूलि के बाद यानी 6:12 बजे से रात 8:39 बजे तक होलिका पूजन व दहन का सबसे अच्छा मुहूर्त है।
विज्ञापन

--------------
एसपी ने थाना और चौकी प्रभारियों को सौंपी जिम्मेदारी
जिले में 2740 स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि सभी गांवों में होलिका दहन संपन्न कराने के लिए ग्राम प्रधान, चौकीदार, बीट पुलिस ऑफिसर, बीट प्रभारी एवं थाना प्रभारी को जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------------
होलिका की सामग्री
होलिका पूजन के लिए गोबर के उपले (पूजा के बाद होली में डालने के लिए), गोबर, एक लोटा जल या गंगाजल, फूल मालाएं, कच्चा सूत, पंचोपचार (पांच प्रकार के अनाज जैसे नए गेहूं और अन्य फसलों की बालियां), रोली, अक्षत, साबुत हल्दी, बताशे, गुलाल, बड़ी-फुलौरी, मीठे पकवान या मिठाइयां और फल होने चाहिए।

-------------
ऐसे करें होलिका की पूजा
होलिका की पूजा से पहले भगवान नृसिंह और प्रहलाद का ध्यान करें। इसके बाद होलिका में फूल, माला, अक्षत, चंदन, साबुत हल्दी, गुलाल, पांच तरह के अनाज, गेहूं की बालियां आदि चढ़ा दें। इसके साथ ही भोग लगा दें। फिर कच्चा सूत लपेटते हुए होलिका के चारों ओर परिवार के साथ परिक्रमा कर लें। इसके बाद होलिका में जल का अर्घ्य दें और सुख-समृद्धि की कामना करें। फिर सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन करें। होलिका दहन के समय अग्नि में कंडे, उबटन, गेहूं की बाली, गन्ना, चावल आदि अर्पित करें। इसके साथ ही होलिका दहन के अगले दिन राख माथे में लगाने के साथ पूरे शरीर में लगाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को हर तरह के रोग-दोष से छुटकारा मिलता है।
--------------
काम की बातें
- कोशिश करें कि किसी भी तरह का विवाद न हो।
- पुराने विवाद त्योहार के समय न कुरेदें।
- कहीं भी कोई नई परंपरा न डाली जाए।
- निर्धारित समय पर ही होलिका जलाएं।
- इस तरह रंग न खेलें, जिससे किसी को परेशानी हो।
- छोटी से छोटी सूचना कंट्रोल रूम या थाने में दी जाए।
- चलती बाइक सवारों पर रंग न फेंका जाए।
- अपरिचित या बीमार को रंग लगाने से परहेज करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed