फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   holi festival enjoye

Basti News: उड़ाएं अबीर-गुलाल, घोलें प्रेम और सौहार्द की मिठास

Tue, 07 Mar 2023 07:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Mar 2023 07:36 PM IST
विज्ञापन
holi festival enjoye
- त्योहार के उमंग में डूबा जनमानस, बाजार में देर रात तक चलती रही खरीदारी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रंगों का पर्व होली पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चारों ओर रंग और अबीर-गुलाल उड़ाए जा रहे हैं। घरों में तरह-तरह के पकवान पहले से ही बनकर तैयार हो चुके हैं। शहर से लेकर देहात तक होली की मस्ती में लोग डूबे हैं।
गांधीनगर में होली पर्व की चहल पहल देखने लायक रही। अबीर, गुलाल पिचकारी की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुट रही है। देर रात तक खरीदारी होती रही। सबके मन में होली को यादगार बनाने की तरकीब हिलोरे मार रही है। अपने-अपने ढंग से लोग जमकर होली मनाने में दो दिन पहले से ही जुटे हुए हैं। खोयामंडी में छापे के डर से दुकानें बंद कर रखी गई, मगर कुछ दुकानदार टहलकर चुनिंदा ग्राहकों को मावा और पनीर मुहैया कराते देखे गए। दूध और मावा की मांग को देखते हुए तमाम चाय की दुकानों पर चाय की बिक्री बंद कर दी गई। होली और उसके एक दिन पहले भी शराब की दुकानों के बंदी के फरमान के चलते शराब की दुकानों पर ताले लटकते मिले।
विज्ञापन

हालांकि कुछ स्थानों पर चुपके से शराब के बेचे जाने की खबर है। प्रशासन ने बंदी के दौरान शराब की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई करने की सख्त चेतावनी दी है। शहर में टोली बनाकर हुड़दंग करने वालों पर भी निगरानी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसपी आशीष श्रीवास्तव का दावा है कि हुड़दंग में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। आईजी आरके भारद्वाज के मुताबिक सभी एसपी को जरूरी दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।
--------------
क्यों मनाते हैं रंगों का पर्व होली
होली को लेकर पौराणिक मान्यता है कि भक्त प्रहलाद के पिता हिरण्य कश्यप स्वयं को भगवान मानते थे। हिरण्य कश्यप भगवान विष्णु के विरोधी थे, मगर उनका पुत्र प्रहलाद विष्णु का भक्त था। पिता ने पुत्र को विष्णु की भक्ति से रोकने के तमाम प्रयास किए, मगर वह असफल रहे। ऐसे में हिरण्य कश्यप ने प्रहलाद को मारने की साजिश रची। उसने बहन होलिका को प्रहलाद के साथ आग में बैठने को कहा। होलिका को वरदान था कि वह आग में नहीं जल सकती। ऐसे में हिरण्य कश्यप को लगा कि आग में प्रहलाद जलकर मर जाएगा, और होलिका सुरक्षित रहेगी, मगर हुआ उसका उल्टा होलिका जलकर मर गई और प्रहलाद बच गए।

तभी से हर साल होली मनाई जाती है और उससे पूर्व होलिका का दहन किया जाता है।
---------------
कैसे मनाएं सुरक्षित होली
होली के त्योहार में कुछ लोग अपना आपा खो देते हैं। हुड़दंग में अक्सर जबरन गुलाल लगाने के कारण दो पक्ष आमने सामने आ जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम उसे ही गुलाल लगाएं जो इसका विरोध न करे। रासायनिक रंगों का प्रयोग कदापि न करें। कुछ लोग वार्निश का भी प्रयोग करते हैं, ऐसे में इसके प्रयोग से बचें। मदिरा पान कर होली न खेलें। हो सके तो अबीर गुलाल की ही होली खेलेें।
-----------------
कुछ सावधनियां, जो बड़े काम की
: रंग खेलने से पहले नारियल तेल, ऑलिव आयल, बेबी आयल अच्छी तरह से लगाना चाहिए। मगर सरसों के तेल से बिल्कुल परहेज करना चाहिए।
: केमिकल से बचने के लिए मोटे और गाढ़े रंग के कपड़े पहनें, जिससे हाथ पैर तक ढका रहे।
: रंग उतारने के लिए हार्ड साबुन, डिटर्जेंट के बजाय बेसन, दही आदि का इस्तेमाल करें।
: एक बार में सारा रंग उतारने के लिए त्वचा को न रगड़ें। 24 घंटे बाद रंग खुद ब खुद उतरने लगता है।
: हो सके तो हर्बल या गुलाल से होली खेलें। त्वचा में जलन या रैडनेस हो तो डाॅक्टर के पास जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed