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Basti News: 24 घंटे पुलिस के रडार पर रहेंगे जेल से छूटे हिस्ट्रीशीटर
Sun, 17 Sep 2023 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 17 Sep 2023 02:20 AM IST
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बस्ती। जेल से छूटे हिस्ट्रीशीटर अब 24 घंटे पुलिस के रडार पर रहेंगे। जेल से छूटे अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने ऐसी नई तरकीब निकाली है, जिसमें वे 24 घंटे पुलिस की रडार पर होंगे। उनके मूवमेंट का सारा कच्चा चिट्ठा पुलिस के पास खुद ब खुद आता रहेगा। तैयार की गई योजना का अगर ईमानदारी से क्रियान्वयन हो गया तो अपराधी चाह करके भी पुलिस को झांसा नहीं दे पाएंगे।
आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि इस अभियान से अपराधी और पुलिस दोनों को सहूलियत होगी। जिले में कोतवाली और कप्तानगंज थाने से इसकी शुरुआत कर दी गई है। कोतवाली से पांच और कप्तानगंज थानाक्षेत्र के चार हिस्ट्रीशीटरों से लाइव लोकेशन शेयर करने की सहमति ली गई है। एडीजी गोरखपुर अखिल कुमार ने ऑपरेशन ब्रम्हास्त्र के तहत इस परिकल्पना को साकार करने का बीड़ा उठाया है। एडीजी के निर्देश पर प्रत्येक थाने के टॉप फाइव या टॉप टेन अपराधियों की रोजाना लाइव लोकेशन ली जाएगी। अपराधी कहीं और रहे और अपनी मोबाइल दूसरे को देकर लोकेशन शेयर न करवाए, इसके लिए बीच-बीच में संबंधित थानेदार उसको वीडियो कॉल करके तस्दीक करता रहेगा। ऐसा करके पुलिस को उसके घर न जाकर ऑनलाइन निगरानी करेगी। प्रयोग के तौर पर इस स्कीम को कोतवाली में लागू कर दिया गया है।
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अपराध से तौबा करने वाले को होगी सहूलियत
इस व्यवस्था के लागू होने का सबसे बड़ा फायदा ऐसे अपराधियों को मिलेगा, जो अपराध की दुनिया को तौबा कर चुके हैं। अब तक पुलिस उनके घर जाकर पूछताछ करती रही है। पर अब उनसे इसके लिए सहमति पत्र लेकर ऑनलाइन लाइव लोकेशन ले लिया जाएगा। लोकेशन शेयर कर देने के बाद पुलिस उनके घर नहीं जाएगी। उसके परिवार वालों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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सहमति न देने पर कड़ी होगी निगरानी
जेल से छूटे अभ्यस्त अपराधियों पर पुलिस निगरानी रखती है। इसके पीछे मंशा होती है कि कहीं फिर से वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त तो नहीं हो रहा है। इसके लिए समय-समय पर उन्हें थाने पर हाजिरी लगानी पड़ती है। साथ ही बीट के पुलिस अधिकारी उनकी गतिविधि की जांच करते रहते हैं। लागू की जा रही व्यवस्था के तहत से सहमति ली जाएगी कि वह रोजाना अपनी लाइव लोकेशन शेयर करने को तैयार है या नहीं।
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आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि इस अभियान से अपराधी और पुलिस दोनों को सहूलियत होगी। जिले में कोतवाली और कप्तानगंज थाने से इसकी शुरुआत कर दी गई है। कोतवाली से पांच और कप्तानगंज थानाक्षेत्र के चार हिस्ट्रीशीटरों से लाइव लोकेशन शेयर करने की सहमति ली गई है। एडीजी गोरखपुर अखिल कुमार ने ऑपरेशन ब्रम्हास्त्र के तहत इस परिकल्पना को साकार करने का बीड़ा उठाया है। एडीजी के निर्देश पर प्रत्येक थाने के टॉप फाइव या टॉप टेन अपराधियों की रोजाना लाइव लोकेशन ली जाएगी। अपराधी कहीं और रहे और अपनी मोबाइल दूसरे को देकर लोकेशन शेयर न करवाए, इसके लिए बीच-बीच में संबंधित थानेदार उसको वीडियो कॉल करके तस्दीक करता रहेगा। ऐसा करके पुलिस को उसके घर न जाकर ऑनलाइन निगरानी करेगी। प्रयोग के तौर पर इस स्कीम को कोतवाली में लागू कर दिया गया है।
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अपराध से तौबा करने वाले को होगी सहूलियत
इस व्यवस्था के लागू होने का सबसे बड़ा फायदा ऐसे अपराधियों को मिलेगा, जो अपराध की दुनिया को तौबा कर चुके हैं। अब तक पुलिस उनके घर जाकर पूछताछ करती रही है। पर अब उनसे इसके लिए सहमति पत्र लेकर ऑनलाइन लाइव लोकेशन ले लिया जाएगा। लोकेशन शेयर कर देने के बाद पुलिस उनके घर नहीं जाएगी। उसके परिवार वालों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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सहमति न देने पर कड़ी होगी निगरानी
जेल से छूटे अभ्यस्त अपराधियों पर पुलिस निगरानी रखती है। इसके पीछे मंशा होती है कि कहीं फिर से वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त तो नहीं हो रहा है। इसके लिए समय-समय पर उन्हें थाने पर हाजिरी लगानी पड़ती है। साथ ही बीट के पुलिस अधिकारी उनकी गतिविधि की जांच करते रहते हैं। लागू की जा रही व्यवस्था के तहत से सहमति ली जाएगी कि वह रोजाना अपनी लाइव लोकेशन शेयर करने को तैयार है या नहीं।