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छूटे हुए परिवारों के बच्चों को लगेगा टीका
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छूटे हुए परिवारों के बच्चों को लगेगा टीका
बस्ती। किसी कारण से नियमित टीकाकरण से छूट गए या गलतफहमी के कारण बच्चों को टीका न लगवाने वाले परिवार के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। शासन के निर्देश पर मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण कार्यक्रम का चौथा चरण मार्च माह से चलेगा। लगातार तीन माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में टीकाकरण से छूटे हुए शून्य से दो साल तक के बच्चों व गर्भवती को टीका लगाया जाएगा।
अभियान के माध्यम से यह संदेश देना है कि तमाम तरह की बीमारियों से बचाव के लिए सरकार की ओर से बच्चों व गर्भवती का टीकाकरण जरूरी है। जिले में 300 से ज्यादा ऐसे बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जिनके परिवार के लोग किसी कारण बच्चों को टीका नहीं लगवा रहे हैं। कार्यक्रम को कामयाब बनाने के लिए सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है। बैठक में सभी ब्लॉकों के प्रभारी चिकित्साधिकारी, एसीएमओ, यूनिसेफ व विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारी शामिल रहे। सीएमओ ने बताया कि शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कोविड काल में कई बच्चे टीकाकरण से छूट गए हैं। इसके अलावा कई ऐसे परिवार भी होंगे जो अपने बच्चों को टीका नहीं लगवा रहे होंगे। ऐसे परिवारों व बच्चों को चिह्नित कर हर ब्लॉक में एक ब्लॉक रिस्पांस टीम का गठन किया जाए। टीम के लोग परिवार से संपर्क कर उनकी काउंसिलिंग करेंगे तथा समझा कर बच्चों का टीकाकरण कराना सुनिश्चित कराएंगे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एफ हुसैन ने कहा कि सभी प्रभारी 26 फरवरी तक ड्यू लिस्ट को फाइनल करा लें। सात मार्च, दो अप्रैल व चार मई को मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण होना है। यूनिसेफ के डीएमसी आलोक राय व विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ की ओर से अधिकारियों को बताया गया है कि छूटे हुए व इंकार वाले परिवारों को चिन्ह्ति करने के साथ ही उन्हें टीकाकरण के लिए राजी करने में संगठन पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
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मिशन इंद्रधनुष में लगेगा यह टीका
बीसीजी, पोलियो, हेपेटाईटिस बी, पेंटावेलेंट, रोटा वायरस, ओपीवी, जेई, मिजिल्स-रूबेला, विटामिन ए, डीपीटी, पीसीवी आदि।
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बस्ती। किसी कारण से नियमित टीकाकरण से छूट गए या गलतफहमी के कारण बच्चों को टीका न लगवाने वाले परिवार के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। शासन के निर्देश पर मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण कार्यक्रम का चौथा चरण मार्च माह से चलेगा। लगातार तीन माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में टीकाकरण से छूटे हुए शून्य से दो साल तक के बच्चों व गर्भवती को टीका लगाया जाएगा।
अभियान के माध्यम से यह संदेश देना है कि तमाम तरह की बीमारियों से बचाव के लिए सरकार की ओर से बच्चों व गर्भवती का टीकाकरण जरूरी है। जिले में 300 से ज्यादा ऐसे बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जिनके परिवार के लोग किसी कारण बच्चों को टीका नहीं लगवा रहे हैं। कार्यक्रम को कामयाब बनाने के लिए सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है। बैठक में सभी ब्लॉकों के प्रभारी चिकित्साधिकारी, एसीएमओ, यूनिसेफ व विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारी शामिल रहे। सीएमओ ने बताया कि शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कोविड काल में कई बच्चे टीकाकरण से छूट गए हैं। इसके अलावा कई ऐसे परिवार भी होंगे जो अपने बच्चों को टीका नहीं लगवा रहे होंगे। ऐसे परिवारों व बच्चों को चिह्नित कर हर ब्लॉक में एक ब्लॉक रिस्पांस टीम का गठन किया जाए। टीम के लोग परिवार से संपर्क कर उनकी काउंसिलिंग करेंगे तथा समझा कर बच्चों का टीकाकरण कराना सुनिश्चित कराएंगे।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एफ हुसैन ने कहा कि सभी प्रभारी 26 फरवरी तक ड्यू लिस्ट को फाइनल करा लें। सात मार्च, दो अप्रैल व चार मई को मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण होना है। यूनिसेफ के डीएमसी आलोक राय व विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ की ओर से अधिकारियों को बताया गया है कि छूटे हुए व इंकार वाले परिवारों को चिन्ह्ति करने के साथ ही उन्हें टीकाकरण के लिए राजी करने में संगठन पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
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मिशन इंद्रधनुष में लगेगा यह टीका
बीसीजी, पोलियो, हेपेटाईटिस बी, पेंटावेलेंट, रोटा वायरस, ओपीवी, जेई, मिजिल्स-रूबेला, विटामिन ए, डीपीटी, पीसीवी आदि।