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Basti News: हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था डगमगाई, जांच-दवा के लिए भटक रहे मरीज
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रुधौली में सीएचसी अधीक्षक डॉ आनंद मिश्रा को ज्ञापन सौंपती आशा। स्रोत संगठन
बस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर करीब 1100 संविदा कर्मियों के आंदोलन पर रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके हैं, तो कहीं जांच, दवा और उपचार के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। टीकाकरण से लेकर टीबी मरीजों की जांच और उपचार तक प्रभावित है। व्यवस्था संभालने के लिए नियमित चिकित्सकों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ गया है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और ओपेक चिकित्सालय कैली समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर हड़ताल का असर दिखा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को मुख्यालय तक आना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच और टीकाकरण कराने में परेशानी हो रही है। वहीं, सीएचसी-पीएचसी पर जांच और दवा वितरण प्रभावित होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को 876 मरीजों को परामर्श दिया गया। ब्लड जांच कराने पहुंचीं नंदिनी और इशिता ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर काफी भीड़ थी। नंबर आने तक ओपीडी बंद हो गई, जिससे परेशानी हुई। वहीं, महिला अस्पताल में 297 मरीजों को परामर्श दिया गया। बच्चे को दिखाने पहुंचीं धरमूपुर की संगीता ने बताया कि सुबह अस्पताल आने के बाद भी दोपहर 12 बजे नंबर आया। इसके बाद जांच और दवा लेने में दोपहर के दो बज गए। हड़ताल के बीच स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने के लिए नियमित चिकित्सकों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण उन पर काम का दबाव बढ़ रहा है। मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
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120 एएनएम के हड़ताल पर रहने से टीकाकरण प्रभावित
जिले के 256 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर स्क्रीनिंग, ऑनलाइन कार्य और टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रभावित हैं। 120 एएनएम के हड़ताल पर रहने से संबंधित केंद्रों पर टीकाकरण ठप है। ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) के आंदोलन में शामिल होने से भुगतान और जन्म प्रमाणपत्र से जुड़े कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को उपचार के लिए जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है।
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टीबी मरीजों को दवा और जांच के लिए परेशानी
स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से टीबी नियंत्रण कार्यक्रम भी प्रभावित है। जिले में एक शहरी केंद्र समेत कुल 16 टीबी केंद्र हैं। टीबी अस्पताल को छोड़कर अन्य केंद्रों पर आठ अक्तूबर से कामकाज प्रभावित है। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े 32 कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। इससे मरीजों को जांच कराने, दवा लेने और उपचार शुरू कराने में परेशानी हो रही है। इससे पहले पांच अक्तूबर से टीबी कर्मचारी डिजिटल स्ट्राइक पर थे। इसके बाद वे पूर्ण हड़ताल में शामिल हो गए। पिछले सप्ताह नए टीबी मरीजों का उपचार शुरू करने का काम भी प्रभावित रहा।
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बोले तीमारदार
बच्चे को दिखाने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। दूर से आने के बाद भी जांच और दवा लेने में समय लग रहा है। सीएचसी पर हड़ताल के कारण परेशानी होने पर मुख्यालय आना पड़ रहा है। -संगीता, धरमूपुर
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ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं, इसलिए जिला मुख्यालय आना पड़ा। यहां भी नंबर लगाकर जांच करानी पड़ रही है। जैसे-तैसे जांच और उपचार की सुविधा मिल रही है। -मो. अरहान, कूड़ी
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टीबी मरीजों को असुविधा न हो, इसके निर्देश दिए गए हैं। हड़ताल पर गए एनएचएम कर्मियों को अनुपस्थित माना जा रहा है। नियमित कर्मचारी और चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। -डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती
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बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और ओपेक चिकित्सालय कैली समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर हड़ताल का असर दिखा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को मुख्यालय तक आना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच और टीकाकरण कराने में परेशानी हो रही है। वहीं, सीएचसी-पीएचसी पर जांच और दवा वितरण प्रभावित होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को 876 मरीजों को परामर्श दिया गया। ब्लड जांच कराने पहुंचीं नंदिनी और इशिता ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर काफी भीड़ थी। नंबर आने तक ओपीडी बंद हो गई, जिससे परेशानी हुई। वहीं, महिला अस्पताल में 297 मरीजों को परामर्श दिया गया। बच्चे को दिखाने पहुंचीं धरमूपुर की संगीता ने बताया कि सुबह अस्पताल आने के बाद भी दोपहर 12 बजे नंबर आया। इसके बाद जांच और दवा लेने में दोपहर के दो बज गए। हड़ताल के बीच स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने के लिए नियमित चिकित्सकों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण उन पर काम का दबाव बढ़ रहा है। मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
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120 एएनएम के हड़ताल पर रहने से टीकाकरण प्रभावित
जिले के 256 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर स्क्रीनिंग, ऑनलाइन कार्य और टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रभावित हैं। 120 एएनएम के हड़ताल पर रहने से संबंधित केंद्रों पर टीकाकरण ठप है। ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) के आंदोलन में शामिल होने से भुगतान और जन्म प्रमाणपत्र से जुड़े कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को उपचार के लिए जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है।
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टीबी मरीजों को दवा और जांच के लिए परेशानी
स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से टीबी नियंत्रण कार्यक्रम भी प्रभावित है। जिले में एक शहरी केंद्र समेत कुल 16 टीबी केंद्र हैं। टीबी अस्पताल को छोड़कर अन्य केंद्रों पर आठ अक्तूबर से कामकाज प्रभावित है। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े 32 कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। इससे मरीजों को जांच कराने, दवा लेने और उपचार शुरू कराने में परेशानी हो रही है। इससे पहले पांच अक्तूबर से टीबी कर्मचारी डिजिटल स्ट्राइक पर थे। इसके बाद वे पूर्ण हड़ताल में शामिल हो गए। पिछले सप्ताह नए टीबी मरीजों का उपचार शुरू करने का काम भी प्रभावित रहा।
बोले तीमारदार
बच्चे को दिखाने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। दूर से आने के बाद भी जांच और दवा लेने में समय लग रहा है। सीएचसी पर हड़ताल के कारण परेशानी होने पर मुख्यालय आना पड़ रहा है। -संगीता, धरमूपुर
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं, इसलिए जिला मुख्यालय आना पड़ा। यहां भी नंबर लगाकर जांच करानी पड़ रही है। जैसे-तैसे जांच और उपचार की सुविधा मिल रही है। -मो. अरहान, कूड़ी
टीबी मरीजों को असुविधा न हो, इसके निर्देश दिए गए हैं। हड़ताल पर गए एनएचएम कर्मियों को अनुपस्थित माना जा रहा है। नियमित कर्मचारी और चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। -डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती

रुधौली में सीएचसी अधीक्षक डॉ आनंद मिश्रा को ज्ञापन सौंपती आशा। स्रोत संगठन