{"_id":"58d568274f1c1bfc2f1a1f10","slug":"government-rice-can-be-in-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"फंस सकता है लाखों का सरकारी चावल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फंस सकता है लाखों का सरकारी चावल
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती।
धान के सापेक्ष चावल न देने के मामले में एक बार फिर बस्ती में लाखों रुपये के चावल के फंसने की आशंका जताई जा रही है। राइस मिलों को धान तो दे दिया गया, मगर उसके सापेक्ष मिलों से चावल नहीं लिया गया। नौ विकास खंडों के राइस मिलों पर 386 मीट्रिक टन चावल बकाया है। यह चावल अब तक सरकार के गोदामों में पहुंच जाना चाहिए था। चावल न मिलने से नाराज आरएफसी रवि कुमार ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को हर हाल में 31 मार्च से पहले राइस मिलों से चावल लेकर सरकारी गोदामों में जमा कराने का निर्देश दिया है।
धान खरीद के बाद जब सीएमआर यानि कस्टम मिल राइस की समीक्षा हुई तो जिले में धान और उसके सापेक्ष मिलने वाले चावल, प्राप्त चावल, एकनालेजमेंट प्राप्ति एवं बिलिंग के मामले में प्रगति दयनीय और सोचनीय मिली। साऊंघाट में सबसे अधिक 171 एमटी चावल, रामनगर, बनकटी और रुधौली में 80.80 एमटी और विक्रमजोत में 26 एमटी चावल बकाया है। सांऊघाट और बस्ती सदर में बिलिंग तो बनकटी एवं साऊंघाट में राइल मिलों से चावल न मिलने की दयनीय स्थित मिली। आरएफसी ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को 31 मार्च से पहले एफसीआई से शत-प्रतिशत बिलिंग और बकाए चावल को गोदामों में जमा कराने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
धान के सापेक्ष चावल न देने के मामले में एक बार फिर बस्ती में लाखों रुपये के चावल के फंसने की आशंका जताई जा रही है। राइस मिलों को धान तो दे दिया गया, मगर उसके सापेक्ष मिलों से चावल नहीं लिया गया। नौ विकास खंडों के राइस मिलों पर 386 मीट्रिक टन चावल बकाया है। यह चावल अब तक सरकार के गोदामों में पहुंच जाना चाहिए था। चावल न मिलने से नाराज आरएफसी रवि कुमार ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को हर हाल में 31 मार्च से पहले राइस मिलों से चावल लेकर सरकारी गोदामों में जमा कराने का निर्देश दिया है।
धान खरीद के बाद जब सीएमआर यानि कस्टम मिल राइस की समीक्षा हुई तो जिले में धान और उसके सापेक्ष मिलने वाले चावल, प्राप्त चावल, एकनालेजमेंट प्राप्ति एवं बिलिंग के मामले में प्रगति दयनीय और सोचनीय मिली। साऊंघाट में सबसे अधिक 171 एमटी चावल, रामनगर, बनकटी और रुधौली में 80.80 एमटी और विक्रमजोत में 26 एमटी चावल बकाया है। सांऊघाट और बस्ती सदर में बिलिंग तो बनकटी एवं साऊंघाट में राइल मिलों से चावल न मिलने की दयनीय स्थित मिली। आरएफसी ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को 31 मार्च से पहले एफसीआई से शत-प्रतिशत बिलिंग और बकाए चावल को गोदामों में जमा कराने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन