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घाघरा में बढ़त और कटान जारी
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:45 PM IST
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विक्रमजोत लोलपुर बंधे की कटान देखते ग्रामीण।
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घाघरा के जलस्तर में बढ़त और कटान दोनों जारी है। नदी बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से नौ सेंटीमीटर ऊपर 92.82 मीटर पर बह रही है। घाघरा और संबद्ध नदियों पर बने बैराजों से रोज लगभग दो से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बृहस्पतिवार को 2.37 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया जो दो से तीन दिनों में अयोध्या पुल पार कर जाएगा। इससे नदी का अपस्टीम और बढ़ जाएगा।
बंधो के रैंपो और स्परों पर कटान जारी है। बाढ़ कार्य खंड के जूनियर इंजीनियर ज्ञान प्रकाश जायसवाल व दयाशंकर सिंह बाढ़ चौकी गौरियानैन का लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी की माने तो लोलपुर विक्रमजोत बांध के ठोकर नंबर एक की कटान की स्थिति नियंत्रण में आ चुकी है। लेकिन बिना बांध वाले गांवों में स्थिति दयनीय है। कल्याणपुर, भरथापुर, सहजौरा में भीषण कटान जारी है। आबादी के बगल बह रही मुख्य धारा में बेडरोड (उल्टी घूमती धारा) व स्केबरिंग (भंवर बनाती धारा) से यहां कटान की हालात नियंत्रण से बाहर चली गई है। विभाग इन गांवों के पास कटान रोकने के लिए झावा व ईंट भरे बोरे प्रयोग में ला रहा है। डीएम और एसपी के गांव के निरीक्षण के दौरान भी गुस्सा जाहिर किया था। इससे कल्याणपुर की तीन ठोकरों को पुनर्जीवित का काम होने लगा था।
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बंधो के रैंपो और स्परों पर कटान जारी है। बाढ़ कार्य खंड के जूनियर इंजीनियर ज्ञान प्रकाश जायसवाल व दयाशंकर सिंह बाढ़ चौकी गौरियानैन का लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी की माने तो लोलपुर विक्रमजोत बांध के ठोकर नंबर एक की कटान की स्थिति नियंत्रण में आ चुकी है। लेकिन बिना बांध वाले गांवों में स्थिति दयनीय है। कल्याणपुर, भरथापुर, सहजौरा में भीषण कटान जारी है। आबादी के बगल बह रही मुख्य धारा में बेडरोड (उल्टी घूमती धारा) व स्केबरिंग (भंवर बनाती धारा) से यहां कटान की हालात नियंत्रण से बाहर चली गई है। विभाग इन गांवों के पास कटान रोकने के लिए झावा व ईंट भरे बोरे प्रयोग में ला रहा है। डीएम और एसपी के गांव के निरीक्षण के दौरान भी गुस्सा जाहिर किया था। इससे कल्याणपुर की तीन ठोकरों को पुनर्जीवित का काम होने लगा था।
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