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आंधी व बरिश से गेहूं की फसल चौपट

Sat, 07 Mar 2020 12:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2020 12:03 AM IST
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gehu ki fasal chaupad
बस्ती में बारिश के चलते खेत में गिरी गेहूं की फसल को लेकर चिंतित किसान। - फोटो : BASTI
तेज हवा व बारिश से गेहूं की फसल चौपट
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बस्ती। तेज हवा और बारिश में फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेत में खड़ी फसलें गिरने से किसान चिंतित हैं। प्रकृति के आगे बेबस किसानों को उपज प्रभावित होने का डर सता रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लाभार्थियों को कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है। इसके लिए उप कृषि निदेशक ने बीमा कंपनी को पत्र लिखकर नुकसान का आंकलन करने का निर्देश दिया है।
बृहस्पतिवार रात तेज हवा और बारिश से लगभग सभी फसलों को नुकसान हुआ। प्रगतिशील किसान परमानंद सिंह ने बताया कि बारिश और हवा के कारण गेहूं की फसल चौपट हो गई है। गन्ना व सरसों ने भी जमीन पकड़ लिया है। सरसों पककर तैयार है। हवा चलने से खेत में दाने बिखर गए। किसान राममूर्ति मिश्रा ने बताया कि खेत में गिरे गेहूं को कुछ दिन बाद चूहे कुतरना शुरू कर देंगे जिससे उत्पादन घटेगा और किसान पर बोझ बढ़ेगा। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार किसान सदानंद मिश्रा ने बताया कि गेहूं की फसल इस बार काफी अच्छी लगी थी लेकिन बारिश व हवा में सारी फसल जमींदोज हो गई। किसान अजय शुक्ला, परमात्मा चौधरी, निकेस तिवारी, सियाराम शुक्ला, नाटे चौधरी ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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उप कृषि निदेशक डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बारिश व हवा से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। गेहूं आज-कल फ्लावरिंग अवस्था में है। बारिश के कारण परागण क्रिया पर असर पड़ेगा। जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। बताया कि जीरो ट्रिल और सुपर सीडर तकनीक से बुवाई की गई गेहूं की फसल कम गिरी है। क्योंकि इसकी बुवाई पंक्तिबद्ध होती है और इसमें हवा आसानी से पास हो जाती है।
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नमी के कारण आम में लग सकते हैं खर्रा रोग
बारिश के कारण नमी बढ़ेगी। इससे आम के बौर में खर्रा व दहिया रोग लग सकते हैं। फल उत्कृष्टता केंद्र के प्रभारी अधिकारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक सुरेश कुमार ने बताया कि बागवान इसकी रोकथाम के लिए गंधक पाउडर (दो मिली प्रति लीटर पानी में) या डाइनोकैप (एक मिली प्रति लीटर पानी में) या ट्राइकोमार्क (एक मिली प्रति लीटर पानी में) प्रयोग करें।
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